चुत का प्यासा भाई बेहेन की करि जोरदार चुदाई

मेरी उम्र अभी अभी 20 की हुई थी और मेरी बेहेन भी मुझसे करीब २ साल बड़ी थी। कॉलेज के मेरे सरे दोस्त मुझे उनकी गर्लफ्रेंड के बारे में बताया करते थे की कैसे वह एक दूसरे के होठो रसपान और चुदाई तक कर चुके थे। 

सच कहु तो मै दिखने में ज्यादा अच्छा नहीं था इसलिए लद्किआ मुझसे बात नहीं करती थी। मेरी बड़ी बेहेन ही ऐसे में मेरा सहारा बानी। दिनी मुझसे 2 साल बड़ी होने के बाद भी एक दोस्त की तरह बाते किआ करती थी। 

दीदी का बदन बहुत ही गदराया हुआ और मुलायम था जिससे उनकी चुदाई के बारे में सोचना मै बंद ही नहीं कर पाता था। पर दीदी की चुदाई करने की मेरी हिमायत नहीं होती थी क्युकी मै उनसे छोटा था और वह मेरी बेहेन थी। 

धीरे धीरे मेरी हवस अब चरम पार कर चुकी थी इसलिए अब मुझे दीदी की चुदाई के बारे में और भी ज्यादा ख्याल आना शुरू हो गए थे। दीदी के बूब्स देख मेरा लंड खुद खड़ा होने लगा था और उन्हें छोड़ने के लिए मै अब एक से एक प्लान बना रहा था। 

दीदी भी मुझ से काफी प्यार करती थी और मै उनका लाडला भाई था जिसको वह कभी किसी चीज के लिए मना नहीं करती थी। अब एक दिन वह मौका आया जिसका मुझे इन्तजार था। मम्मी और पापा को आज किसी रिश्तेदार के घर जाना था। 

भाभी को प्यार से मनाके किआ सेक्स के लिए राजी

बेहेन को हवस में आकर पीछे से दबोचा और किआ गरम

अब दिन का समय हो रहा था और दीदी हम दोनों के लिए खाना बना रही थी। दीदी की मोटी गांड मुझे और भी ज्यादा उत्सुक कर रही थी जिससे मुझे हवस का पागलपन सा हो रहा था। मेरा लंड अब खड़ा हो गया था जिसे में रोक नहीं सकता था। 

अब मेने पीछे से जाते हुए दीदी को अपनी बाहो में ले लिआ और दबा लिआ। दीदी को शुरू में यह मेरा प्यार लगा पर जब उन्हें मेरा लंड महसूस हुआ वह सेहम सी गयी और मुझसे दूर हो गयी। 

अब दीदी ने मुझपे गुस्सा होते हुआ कहा की मै उनका भाई हु और मुझसे ऐसा काम नहीं करना चाहिए। दीदी मुझे समझाये जा रही थी पर मेरा लंड वही और भी ज्यादा कस गया था और टाइट हो गया था। 

 दीदी ने मेरा लंड देखा और मेने उसे एकदम से अपने हाथ से छुपा लिआ। अब दीदी ने मुझे कहा की मै वह सब क्यों कर रहा हु। मेने दीदी को दुखी होते कहा की यह सब बाते मै अपने दोस्तों सुनता था इसलिए मुझे भी वैसा बनना था। 

अब दीदी ने कहा की यह सब किसी और लड़की के साथ करो और चले जाओ। अब मेने दीदी से कहा की मुझसे कोई भी लड़की बाते नहीं करती है इसलिए मुझे यह सब उनके साथ करने के आलावा कोई रास्ता नहीं है। 

अब दीदी ने कुछ देर तक सोचा और कहा की वह यह सब कुछ कर लेंगी पर मुझें यह बात किसी को भी नहीं बतानी है। मेने अब अपनी बेहेन को जल्दी से हां बोल दिआ और अब दीदी मेरा करीब आने लगी। 

आंटी की रसीली चुत की करि मदमस्त चुदाई

दीदी की चुत मारी गर्म करके

धीरे धीरे आगे आते हुए अब दीदी ने मुझे अपनी बाहो में लिआ और मै दीदी को किस करना शुरू हो गया। दीदी भी अब कुछ ही देर बाद गरम हो गयी और मेरे बदन को जोर जोर से अपनी तरफ खींचने लगी। 

दीदी के बूब्स अब मेने अपने दोनों हाथो में ले लिए और उन्हें दबाना शुरू हो गया दीदी को अपने लंड से गरम करते हुए मेने पीछे से दीदी की दोनों चुचे कार मजे से दबाये। 

अब दीदी भी पूरी गर्म हो गयी थी और यही किसी तरफ हम दोनों एक दूसरे के कपडे खोलने लग गए। कुछ ही देर में हम दोनों अब नंगे थे और चुदाई की तरफ बढे जा रहे थे। 

अब दीदी की मेने चुत पर अपना हाथ फेरा जहा थोड़े से बाल थे पर मेने उंगली करते हुए अपनी बेहेन को और गरम करने लगा। अब मेरा लंड भी पूरीतरह से चुदाई के लिए राजी था। 

मेने अब दीदी को किचन में ही झुका दिआ और पीछे से दीदी की चुत में घुसा दिआ जिससे दीदी तड़प  सी गयी। अब दीदी की चुदाई मेने शुरू कर दी और दीदी की चुदाई ऐसे ही आएगी बढ़ती चली गयी। 

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