रात में बेहेन ने चटवायी अपनी चुत – 1

मेरा नाम मोहन है और यह कहानी मेरी और मेरी बेहेन है है जिसमे आप लोग पढ़ेंगे की कैसे मेरी बेहेन ने मुझे बातो में फसा के अपनी चुत चटाई और बाद में हमने रात भर चुदाई भी करि। 

मेरी दीदी का नाम शिल्पा था जो की मुझसे 3 साल बड़ी थी इसलिए मै उन्हें दीदी कहकर ही बुलाया करता था। दीदी दिखने में बहुत ही ज्यादा सुन्दर और गोर रंग की थी जिसे देख कभी कभी मेरा दिल भी बहक जाता था। 

पर बड़ी बेहेन होने के नाते मै अपनी दीदी के बारे में कोई गन्दी सोच नहीं रखता था पर यह बात शायद मेरी बेहेन को नहीं पता था। वह मुझसे उम्र में बड़ी थी पर उसकी हवस भी मुझसे कही ज्यादा थी। 

हम लोग गरीब थे इसलिए एक ही कमरे में सोया करते थे। अब बात कुछ यु हुई की मम्मी और पापा को किसी काम से मम्मी के घर यानी नानी के यहाँ जाना था। शायद यह कोई जमीनी मामला था इसलिए हम लोगो को यह सही से नहीं बताया गया। 

अगली सुबह होते ही मम्मी और पापा गांव के लिए निकल गए और हमे कहा गया की वह शाम तक घर आ जाएंगे। मेरी बेहेन ने सुबह का खाना बनाया और हम दोनों खाना खाकर बिस्तर पर टीवी देख रहे थे। 

पर कुछ ही देर बाद मेरी बेहेन को मम्मी ने फोन किआ और कहा की वह आज घर नहीं आ पाएंगे इसलिए रात का खाना बनाकर हम दोनों खा ले और घर का भी ध्यान रखे।

ना जाने यह कैसे हुआ पर यह मेरी बेहेन के लिए अच्छा मौका बन गया था जिसमे वह अपनी हवस मिटा सकती थी। अब हम दोनों ने रात का खान खाया और 10 बजते ही टीवी बंद कर दिआ और सोने लगे। 

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बेहेन ने बनाया अपने दर्द का बहाना 

पर जैसे ही 11 बजे मेरी बेहेन ने एक जोर की करवट ली जिससे मेरी नींद खुल गयी। मेरी बेहेन से मेने पूछा की वह इतनी बड़ी करवट क्यों ले रही है तो मेरी बहने ने कहा की उसे दर्द हो रहा है जिसे वह सेहेन नहीं कर पा रही है। 

मुझे कुछ समझ ना आया  और मेने अपनी बेहेन से कहा की उसे कहा दर्द हो रहा है। मेरी बेहेन ने कहा की उसे ख़ास जगह दर्द हो रहा है जिसे वह सेहेन मुश्किल से ही कर पा रही यही। 

रात का समय हो गया था और मै किसी से यह बात कह भी नहीं सकता था तो मेने अपनी बेहेन से ही पूछा की मै उसकी कैसे मदद कर सकता हु। मेरी बेहेन ने कहा की मै कुछ देर तक उसका पेट सेहला दू जिससे उससे शायद अच्छा लगे। 

मेने वैसा ही किआ और दीदी का पेट सहलाने लगा पर कुछ देर बाद दीदी को और दर्द होने लगा और उन्होंने मुझे कहा की मै अपना हाथ निचे की तरफ ले जायु। मेने अपना हाथ निचे की तरफ करके सहलाना चालू रखा। 

अब मेरी बेहेन ने कहा की मै अपना हाथ और निचे कर लू पर कुछ ही दुरी पर अब मेरी बेहेन की चुत थी जिसपर मेरा हाथ जाने वाला था। फिर भी मेने मजबूरी में अपना हाथ चुत पर रखा और सहलाना शुरू कर दिआ। 

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बेहेन ने कहा अपनी चुत चाटने के लिए 

अब मेरी बेहेन दर्द से नहीं करहा रही थी बल्कि उसे मजा आ रहा था और वह मुझे कह रही थी की उसकी जगह पर अब जलन होने लगी है। मेरी बहन ने अगले ही पल में अपना पजामा निकाल दिआ और मेरे सामने अपनी चुत को देखने लगी। 

मुझे बहुत ही अजीब सा लग रहा था और मेने अपना हाथ पीछे की तरफ कर लिआ। अब मेरी बेहेन ने मुझे देखा और कहा की उसकी चुत या ख़ास जगह बहुत सुख गयी है शायद उसी की वजह से उसे दर्द भी हो रहा है। 

मेने अपनी बेहेन को इस बात एक जवाब में कुछ भी नहीं कहा। और अब मेरी बेहेन ने मुझे कहा की उसे फिर से दर्द होने लगा है। उसने मेरा हाथ लिआ और अपनी चुत पर रखते हुए चुत को रगड़ना शुरू कर लिआ। 

वह अब हवस में आ गयी थी और मेरे हाथ से मजे ले रही थी। मेरी बहने क चुत भी रगड़ने से गरम हो गयी थी जिसे में अपने हाथ पर महसूस कर सकता था। पर अब मेरी बेहेन की चुत थोड़ी थोड़ी गीली भी हो गयी थी जो उसी की चुत के पानी से हुआ था। 

मेरी बेहेन ने मुझे कहा की अब उसे फिर से चूत मे जलन हो रही है और मेने गुस्से में अब कहा की इसके लिए मै क्या कर सकता हु। मेरी बेहेन ने कहा की अगर वह मुझे कहेगी तो क्या में करूँगा। 

मेने हां कहा और मेरी बेहेन ने कहा की मै अपनी होठ से उसकी चुत पर थोड़ा सा थूक लगा दू क्युकी मुह्ह का थूक थोड़ा ठंडा होता है जिससे उसे आराम आएगा। 

रात में बेहेन ने चटवायी अपनी चुत – 2

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