मौसेरी दीदी की गर्मासि चुदाई – 3

उसकी इस सोच से अपना रास्ता भी बन सकता था। मैंने फिर से अपनी बॉडी में हल्की सी हरकत की और निशा के पीछे से अपना लंड उसकी गांड में रगड़ दिया। उसने भी हल्के से अपनी गांड मेरे लंड पर घिसी। उसी पल मैंने उसे अपनी बांहों में ले लिया। 

अब निशा मुझे देखने लगी। मैं उसको देखने लगा। फिर मैंने निशा से आंखें हटा कर उससे गरिमा की तरफ़ देखने का कहा जिससे उसको मदहोशी चढ़ी रहे। निशा ने मेरी बात सुनकर मुझसे नजरें हटा दीं और वो उन दोनों को देखने लगी। 

तभी मैंने अपना लंड जो तम्बू बना खड़ा था, निशा की टांगों के बीच में लगा दिया। वो समझ गयी पर अब वो कुछ नहीं बोली। मैं आज उसे छोड़ना नहीं चाहता था क्योंकि उसका मूड कभी भी बदल सकता था और वो चली जा सकती थी। 

मैं हल्के हल्के से लंड को आगे पीछे करने लगा। वो भी साथ देने लगी। इससे मेरी हिम्मत बढ़ गयी। मैंने उसकी गर्दन पर अपने होंठ रख दिए। वो बेहद गर्म हो रही थी। उधर गरिमा की और उसके ब्वॉयफ्रेंड की चुदाई शुरू होने वाली थी। 

गरिमा मेरी तरफ़ देख कर हंसने लगी और आंख मार कर इशारा करने लगी- लगे रहो तुम भी! मैं भी स्माइल देकर निशा पर अपना ध्यान लगाये हुए था। निशा ने आंखें बन्द कर ली थीं। मैंने जल्दी ही अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और चूसने लगा। 

वो भी पूरा सहयोग दे रही थी। मैंने उसको नीचे जमीन पर लिटा दिया और उसकी कुर्ती ऊपर करके उसके बूब्स पीने लगा। क्या गजब के चूचे थे उसके! अब मैंने हल्के से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। उस पर उसने मज़े में ध्यान नहीं दिया। 

मैंने जैसे ही सलवार नीचे की, उसने एक हाथ से सलवार को पकड़ लिया। मैंने कहा- आज मत रोको मेरी जान! वो बोली- नहीं मेरा पहली बार है और मैंने सुना है कि पहली बार में दर्द होता है।

पड़ोसन वाली आंटी ने दी गांड – 2

गरिमा की चुदाई दिखाके करि निशा की सील तोड़ चुदाई

मैंने कहा- उधर देख, गरिमा को कुछ हुआ क्या? … हां हल्का सा होगा मगर फिर उसके बाद ही ज़िंदगी का सबसे अच्छा वाला मज़ा इसी में ही आता है। वो मुझे देखने लगी और उसके हाथ ढीले पड़ गए। 

मैंने सलवार उतार दी। वो बोली- कंडोम तो तुम भी नहीं लाए हो शायद? मैंने कहा- कोई बात नहीं, मैं टेबलेट खिला दूँगा बाद में। वो चुप हो गयी। मैंने अपना काम शुरू कर दिया। पहले उसकी बुर को अपने हाथों से सहलाया फिर अपने कपड़े निकालकर मैं भी पूरा नंगा हो गया। 

वो मेरा लंड देख रही थी कि आज ये अन्दर जाएगा। मैं अपना एक हाथ उसके बदन पर चलाता रहा, जिससे वो ठंडी ना हो जाए। कभी उसके बूब्स, कभी उसकी बुर की फांकों पर उसे मज़े देता रहा। मैंने उसको भी पूरी नंगी कर लिया। वो बुर छिपाने लगी। 

मैंने उससे कहा- टांगें खोल लो। वो उन्ह उन्ह कर रही थी। मैंने उसके हाथ हटाए और उसको फिर से किस करने लगा। वो आंखें बन्द करके मजे लेने लगी। तभी मैंने धीरे से अपने लंड पर थूक लगा कर उसकी बुर पर रख दिया। 

वो लंड का अहसास पाते ही बोली- रुक जरा। मैं रुक गया। फिर उसने अपनी सील बुर पर भी थूक लगाया और बोली- आराम से करना। मैंने हां बोला और लंड का टोपा उसकी बुर में घुसाने लगा। बहुत ज़ोर लगाने के बाद लंड का टोपा अन्दर चला गया। 

तभी वो चीखी, मगर मैंने एकदम से उसके होंठ अपने होंठों में लेकर उसे चीखने नहीं दिया। कुछ देर ऐसे ही रुके रहने के बाद मैं आराम आराम से लंड अन्दर पेलने लगा। कुछ ही देर में मैंने बाक़ी का लंड भी बुर के अन्दर पेल दिया।

होटल में बुझा दी बुआ की प्यास – 2

बॉयफ्रेंड से चुदने के बाद भी मेरे लंड के लिए दिखाई लालसा

वो दर्द से कराह रही थी। वो बोली- रुक जा साले … मैं मर जाऊंगी। मैं बोला- कोई जल्दी नहीं है, आराम से करूँगा मेरी जान। कुछ देर बाद जब उसको आराम हुआ, तब वो बोली- अब धक्के मारो आराम आराम से! मैंने धक्के देने शुरू कर दिए। 

अब उसको मज़ा आने लगा और वो भी चूतड़ों उठा उठा कर पूरे ज़ोर से चुद रही थी। उधर गरिमा की और उसके ब्वॉयफ्रेंड की चुदाई खत्म हो गयी थी। वो हमारा इंतज़ार कर रहे थे। 

गरिमा को मैंने देखा, वो बहुत गौर से मेरे लंड को देख रही थी। मैं अपने मज़े में लग गया। मैंने स्पीड से धक्के लगाने शुरू कर दिए थे। निशा भी अब अपनी गांड उठा कर पूरे मज़े ले रही थी। हमारी चुदाई को क़रीब बीस मिनट हो गए थे। 

निशा बोली- आंह मेरे अन्दर कुछ अजीब सा हो रहा है … और ज़ोर ज़ोर से चोदो। मैं बोला- अब तुम झड़ने वाली हो। तभी उसने मुझे जोर से कोली में भरा और झड़ गयी। मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ायी और मैं भी फ़िनिश हो गया। 

अब हम दोनों ठीक कपड़े करके नीचे आ गए। गरिमा का ब्वॉयफ्रेंड चला गया। वह मज़ाक़ में निशा से बोली- तू तो मना कर रही थी, अब क्या हुआ? हम तीनों हंसने लगे। निशा बोली- अब तो कर लिया, पर अब कभी नहीं करूंगी। 

अब शादी के बाद ही करूँगी। गरिमा बोली- अब इस मज़े के बिना रह लेगी? निशा हंसने लगी- यार ये बात तो है। गरिमा बोली- यार राजा, मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने ठीक से नहीं चोदा। 

मैं गरिमा से मज़ाक़ में बोला- फिर मुझसे करवा लेती, मैं कुछ हेल्प कर देता। वो बोली- हां तेरा लंड मस्त था। वो हंसने लगी। उसकी आंखों में मेरे लंड के लिए आग दिख रही थी। हम सब हंसते हुए बात कर रहे थे।