बेहेन ने लिआ मेरे मोटे लंड का मजा और चुत की कराई थपाथप चुदाई

मेरी बेहेन की उम्र मुझ से 4 साल बड़ी थी और मेरी बेहेन की पढाई भी अब ख़तम हो  गयी थी। अपनी बेहेन को में दीदी बोलता था क्युकी वह मुझसे उम्र में बड़ी थी। मेरी बेहेन पर मेरी कभी बुरी नजर नहीं गयी थी पर एक दिन कुछ अलग हुआ। 

मेरी बेहेन और मै एक ही कमरे में अलग अलग बिस्तर पर सोया करते थे और मौसम अब गर्मिओ का चल रहा था।  शुरू से ही हमारे घर में ऐसी लगे हुए है जिससे हमें गर्मिओ में सोने में परेशानी नहीं होती। 

आज की रात बहुत ही ज्यादा गर्मी थी और मेरे और दीदी के कमरे का ऐसी ठीक से काम भी नहीं कर रहा था। हमेशा ऐसी में रहने के करण हम में से किसी को भी गर्मी सेहेन नहीं होती थी इसलिए मै थी ऐसी के सामने ही सोया करता था। 

आज की गर्मी शायद मेरी बेहेन से नहीं सही जा रही थी इसलिए वह भी मेरे बिस्तर पर आ गयी और ऐसी के सामने ही सोने की जिद्द करने लगी। मै भी रात के समय नींद में था इसलिए बिना कुछ बोले थोड़ा अलग होकर वापस से सो गया।

पर नींद में मेरी हर दिन की एक बुरी आदत है जो सभी लड़को में होती है। रात को मेरा लंड बहुत ही ज्यादा तनाव में आ जाता था जिसकी वजह शायद किसी को भी नहीं पता होगी। 

मेरा लंड भी इस रात खड़ा हो चूका था और मेरे सामने ही मेरी बेहेन सो रही थी। मुझे कुछ भी नहीं पता था और मै आराम से सो रहा था। अचानक मेरी बेहेन पीछे हुई और उसकी गांड मेरे लंड पर लग गयी। 

अब मेरा लंड मेरी बेहेन की गांड पर चिपका हुआ था और मेरा लंड बाकि लोगो से शायद मोटा भी था इसलिए मेरी बेहेन वह महसूस भी हो गया। मेरी बेहेन अब थोड़ा सा और पीछे हो गयी और मेरे लंड को अपनी गांड की दरार में अच्छे से फसा लिए। 

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बेहेन ने पजामा उतार लिआ लंड अपनी चुत  में

अब मेरी नींद भी खुल चुकी थी और मेरी बेहेन मेरे एकदम ही करीब चिपकी हुई थी। यह देख मेरा लंड और भी ज्यादा खड़ा होने लगा था। पर अब मेने अपनी बेहेन से कुछ भी नहीं कहा और वैसे ही नींद में होने का नाटक करता रहा। 

अब कुछ देर बाद मेरी बेहेन ने अपने पजामे को थोड़ा सा निचे की और कर लिआ और मेरे लंड को अपनी पैंटी के ऊपर रगड़ने लगी। मेरे लंड की बुरी हलात हो गयी थी और मै भी हवस से भर चूका था। 

इतने में अब मेरी बेहेन ने अपनी पैंटी भी निकाल दी और अपनी टांग उठाते हुए मेरे लंड को चुत के पर रख लिआ और अंदर लेने  करने लगी। मेरा लंड दीदी की चुत में नहीं जा रहा था और मेरी बेहेन अपने हाथ से चुत का मुह्ह बड़ा किये जा रही थी। 

अब मेने अपने लंड को अपने हाथ से दीदी की चुत के छेद पे रखा और एक ही झटके में अंदर डाल दिआ। दीदी समझ चुकी थी मेरी नींद खुल चुकी है पर अब बहुत देर हो चुकी थी और हम दोनों की हवस में आ गए थे। 

अब मेरा लंड बेहेन की चुत में घुसा हुआ था और मेने धीरे धीरे से चुदाई शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद दीदी भी चुत पीछे करती हुई मेरे लंड और अंदर लेने की कोशिश करने लगी। 

मौसी की कराई चुत साफ़ और बदले में दिए चुदाई का मजा

बेहेन की चुत के साथ मारी गांड और बेहेन को दिआ चरमसुख

अब मेने अपने धक्के और तेज कर दिए और दीदी की चुत जोर जोर से मारने लगा। गर्मी के बारे में अब हम दोनों में से कोई नहीं सोच रहा था और ऐसी के सामने हम दोनों अच्छे से चुदाई का मजा ले रहे थे। 

अब मै उठा और बेहेन की दोनों टाँगे खोल सामने से अपना लंड दीदी की चुत में डाल दिआ। मेरा मोटा लंड अब मेरी बेहेन करहाते हुए अपनी चूत में ले रही थी और चुदाई करा रही थी। 

 दीदी की चुत मरते हुए मुझे काफी देर हो गयी थी और अब मेने अपनी बेहेन को घूमने के लिए बोला और थोड़ा सा थूक उसकी गांड के छेद पर लगा दिआ। अब मेने लंड अपना में लिआ और पूरी ताकत से बेहेन की गांड में डालने लगा। 

दीदी को दर्द होने लगा पर हवस में मै कुछ भी नहीं देख रहा था और अब मेरा लंड दीदी की गांड में घुस चुका था और दीदी की हालत खराब हो गयी थी। चुदाई मेने शुरू कर दी धीरे धीरे से दीदी की गांड मारने लगा। 

दीदी को शुरू में दर्द हुआ  पर बाद में दीदी  को मजा आने लगा और दीदी की गांड की चुदाई मेने पुरे जोश के साथ करना शुरू कर दिआ। गांड चुदने की वजह से दीदी की चुत में खुजली होने लगी थी और दीदी अपने हाथ से चुत को मसले जा रही थी।  

गांड के अंदर लंड में जोर जोर से घुसा रहा था और ऐसे ही 10 मिनट की गांड चुदाई के बाद दीदी की आहे निकलने लगी और दीदी की चुत से पानी आने लगा। दीदी ने अपनी चुत जोर जोर से रगड़ते हुए सारा पानी बिस्तर पर निकाल दिआ चरमसुख का मजा लिआ। 

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