बड़ी बेहेन की मोटी चुत से निकाला पानी – बेहेन की चुत मारी

मेरी बेहेन मुझसे उम्र में बड़ी थी और में उन्हें दीदी बुलाया करता था। दीदी दिखने में काफी सुन्दर और जवान थी पर जैसा की मेने बताया वह मेरी बेहेन थी इसलिए मै उनकी चुदाई का ख्याल भी नहीं सोचता था। 

एक दिन की बात है सर्दिओ का मौसम चल रह था और दिन के समय हम तीनो यानि मै मम्मी और बेहेन सो रहे थे। हम तीनो ने एक ही रजाई ओढ़ी हुई थी। मेरी नींद थोड़ी बहुत खुल गयी थी पर दीदी अभी भी सो रही थी। 

दीदी ने तभी एक करवट ली जिससे मेरा हाथ उनके बूब्स के बिच में फस गया। जैसे तैसे मेने अपना साथ सीधा किआ और दीदी के बूब्स को फील करने लगा। दीदी के मोटे बूब्स मुझे बहुत ही अचे लग रहे थे और मै उन्हें प्यार से सेहला रहा था। 

तभी मेने गलती से दीदी की चुचिओ को दबा दिआ और दीदी की आँख खुल गयी। मेने एकदम से अपना हाथ दीदी के बूब्स से निकला और सोने का नाटक करने लगा। पर तब शायद दीदी समझ गयी थी की मै उनके बूब्स से खेल चूका था। 

इस घटना के बाद मेने मन में दीदी की चुदाई के ख्याल आना शुरू हो गए थे। एक दिन मेने अब प्लान बनाते हुए निचे वाली रजाई पर पानी गिरा दिआ जिससे वह पूरी तरह से भीग गयी। 

अब मम्मी ने मुझे मेरी रजाई उन्हें देने को कहा और रात के समय के लिए मुझे बस एक कम्बल दे दिआ। यह मेरी सजा थी जो अब मजा बनने वाली थी। रात के 11 बज रहे थे और दीदी साथ वाले कमरे में अपनी रजाई में लेटी फोन चला रही थी। 

गर्मिओ के मौसम में भाभी की पसीने वाली चुदाई

दीदी की रजाई में दबाये बूब्स और सर्दी की रात हो गई गरम

अब में ठण्ड से कापते हुए दीदी के कमरे में गया और दीदी से कहा की मै भी उनकी रजाई में आना चाहता हु। अब दीदी को मेरी हालत पर तरस आ गया और उन्होंने मुझे उनके साथ ही सोने के लिए कह दिआ। 

और अब यह मेरी सर्दी की रात सुहानी होने वाली थी। रात के करीब 1 बजे मेने अब अपना हाथ दीदी के बूब्स पर रख दिआ और दीदी उस समय गहरी नींद में थी। दीदी के बूब्स से मेने अब मजे लेने शुरू कर दिए। 

कुछ ही देर बाद मेने दीदी के बूब्स को दबाना शुरू कर दिआ पर इस बार यह मेने आराम आराम से किआ जिससे दीदी जाग ना जाये। अब दीदी ने एक करवट ली और अपनी छाती की तरफ होक सो गयी। 

मेरा हाथ उनके निचे थे जिससे में उनके बूब्स दबा रहा था और अब शयद दीदी भी मेरा साथ दे रही थी। मेने दीदी के बूब्स अचे से दबाने शुरू कर दिए जिससे दीदी की सांसे लम्बी होने लगी और वह गर्म भी हो गयी। 

अब दीदी ने अपनी आंख खोली और मेरी तरफ देखा। दीदी ने अब करीब एके मेरे होठो को चूसते हुए मुझे किस करना शुरू कर दिआ। दीदी अब गरम होने के बाद पुरे मजे करना चाहती थी और मै अभी भी उनके बूब्स दबाये जा रहा था।

भाभी को प्यार से मनाके किआ सेक्स के लिए राजी

दीदी की मोटी चुत की तेजी से करि चुदाई 

दीदी और मै अब रजाई में ही एक दूसरे को प्यार कर रहे थे और कुछ ही देर बाद हम दोनों एकदम नंगे हो गए। रजाई की गर्मी से हम दोनों की सांसे फूल रही थी और हम एक दूसरे को चुम रहे थे। 

अब मेने रजाई में मुँह डालते हुए दीदी के मोटे चुचे चूसने शुरू कर दिए। दीदी और भी ज्यादा कामुक होने लगी और मेरे बाल सहलाने लगी। अब दीदी के बदन को चूमते हुए मै दीदी की चुत पर पहुंच गया। 

दीदी की चुत एकदम चिकनी और फूली हुई थी। दीदी की मोटी चुत पर मेने अपनी जीभ से चटाई शुरू कर दी और दीदी एकदम पागल सी होने लगी। दीदी को बहुत अच्छा मजा आ रहा था और अब मेने अपना लंड हाथ में ले लिआ। 

दीदी की चुत पर मेने अपना लंड लगाते हुए उसे दीदी की चुत पर सेट किआ और दीदी की चुत में घुसा दिआ। अब रजाई में ही मै दीदी की चुत में अपने लंड से जोर जोर से झटके मारने लगा। 

दीदी की आहे मेरे कानो में साफ़ आ रही थी और दीदी जोर जोर से हाफे जा रही थी। दीदी की चुत में मै अपना लंड और भी ज्यादा अंदर तक देते हुए जोर जोर से चुदाई किये जा रहा था। 

दीदी की मोटी चुत की मै 15 मिनट से बहुत ही मजे से चुदाई कर रहा था की तभी मेरे लंड से पानी निकलने ही वाला था। अब मेने अपना लंड जल्दी से दीदी की चुत से निकला और सारा वीर्य जमीन पर जीरा दिआ और दीदी के साथ ही सो गया। 

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