दो बहनो को एक ही साथ चोदा – पोर्न, हवस और सेक्स की कहानी 

मेरा नाम गोलू है और मै एक सोसाइटी में रहता हु जहा सभी घर आमने सामने और एक के ऊपर एक है। हमारा इलाका भी बहुत आम सा था पर हमारे इलाके में कुछ चीजे बहुत अछि भी थी। हमारे इलाके के सभी लोग बहुत अच्छे और नरम दिल के थे। 

मेरे घर के सामने की एक घर था जिसमे दो लड़किआं भी थी। दोनों बहने एक से एक माल थी जिनकी चुदाई के सपने में रोज ही देखा करता था। दोनों बेहेने किसी से भी बाते नहीं किआ करती थी और खुद में ही खोयी रहती थी। शायद दोनों बहने बहुत अछि दोस्त भी थी इसलिए वह ऐसी थी। 

पर ना जाने क्यों मुझे दोनों ही बहने थोड़ी हरामी भी लगा करती थी क्युकी मै जब भी उन्हें देखता था वह मुझे देखकर हसने लगती थी। पर मेने उनसे बात करने की कभी हिम्मत तक नहीं की। पर एक दिन की बात है जैसे ही मै अपने घर से बाहर की और निकला तो दोनों बहने मेरे सामने ही यानी अपने दरवाजे पे खड़ी  बाते कर रही थी। मुझे देखकर उन दोनों में से छोटी बेहेन ने प्यारी सी स्माइल दी और मेरा नाम पूछा। 

उसके नाम पूछते हु मुझे कुछ अजीब सा होने लगा और मेने कापते हुए कहा गोलू। दोनों बहने फिर से हसी और मुझे बारी बारी अपना नाम बताया। छोटी बेहेन का नाम विनीता और बड़ी वाली का नाम अनीता था। दोनों बहनो के बूब्स भी बहुत बड़े थे जिन्हे देखते हुए में उनसे बाते कर रहा था। 

ऐसे ही कुछ देर बाते करने के बाद उनके पापा ने उन्हें अंदर से आवाज लगते हुए बुलाया और मै भी अपने काम से बाहर चला गया। अगले दिन मै उसी समय पर दोनों से बाते करने के बाहर निकला पर दोनों वह नहीं थी और मै निराश होता हुआ अंदर चला गया। 

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कुछ दिन बाद सामने वाले घर से अंकल हमारे घर आये और मेरे पापा से बाते करने लगे। कुछ दिन बाद अंकल ने मेरे पापा से कहा की वह कुछ दिन के लिए किसी काम से बाहर जा रहे है और आंटी भी उनके साथ ही जाएगी। जरूरी काम के कारण उनकी दोनों बेटिया यही रहेंगी इसलिए पापा उनका ध्यान रखे। 

पापा ने अंकल से कोई भी चिंता ना करने के लिए कहा अगले दिन सुबह सुबह अंकल आंटी गाडी से अपने काम के लिए रवाना हो गए। दुपहर के 3 बज रहे थे और मै और पापा खाना भी खा चुके थे। पापा ने मुझे विनीता और अनीता से खाने के लिए पूछने के लिए कहा। 

कुछ देर बाद मै उठा और विनीता और अनीता के दरवाजे पर पहुंच गया। दरवाजा पहले से खुला हुआ था इसलिए में सीधा अंदर घुस गया। अंदर घुसते ही मेने देखा की दोनों बहने अपने आधे कपड़ो में थी और एक दूसरे को चूमे जा रही थी। टीवी पर बड़ी स्क्रीन में पोर्न वीडियो भी चल रही थी जिसका मजा दोनों बहने उठा रही थी। 

यह देखकर मेरी गांड और आंख दोनों फट गयी थी। विनीता और अनीता का भी यही हाल था और उनकी आँखों में डर साफ़ दिख रहा था। विनीता मेरे पास आयी और यह बात किसी से भी ना कहने के लिए कहा। मैने भी विनीता की बात में हां मिला दी और राजी सा हो गया। 

उधर अनीता अपने कपडे ढूंढती हुई टीवी की बंद करने की कोशिश कर रही थी और विनीता मुझे अब भी मनाये जा रही थी। अब मेने एकदम से दिमाग लगाया और विनीता के सामने एक शर्त रख दी। मेने विनीता से कहा की अगर वो दोनों जैसे में कहु वैसा करेंगी तो मै यह बात किसी को नहीं बतायूंगा। 

विनीता ने मुझसे मेरी शर्त पूछी और मेने कहा की मुझे दोनों के साथ एक एक बार सेक्स करना है। अनीता यह सुनकर चौक गयी और विनीता भी ग़ुस्से में दिख रही थी। अब मै वह से जैसे ही जाने लगा विनीता ने मुझे रोका और कहा की उसे यह शर्त मंजूर है। जैसे ही विनीता ने अपनी बात ख़तम करि वह सीधा मेरे गले आ लगी। 

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अनीता अभी भी वही खड़ी थी और हमें देख रही थी पर अब मै और विनीता एक दूसरे के होठो को बहुत ही तेजी से चूसे जा रहा था। विनीता पहले से ही अपनी ब्रा और पैंटी में थी जिसमे से मेने उसकी ब्रा का हुक खोलकर उसको उतार दिआ। 

विनीता के बूब्स आजाद होकर बहुत ही बड़े दिख रहे थे और अब मेने विनीता के चुचो की निप्पलों को अपनी जीभ फेरते हुए चूसना शुरू कर दिआ। विनीता कामुक से होने लगी थी और अपनी चूत पर हाथ फेरे जा रही थी। अब मेने विनीता की पैंटी, जो की एकदम गीली हो गयी थी उसे भी निकलकर अलग कर दिआ। 

विनीता की चूत पर मेने अपना लंड रखा और एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिआ। विनीता की चूत बहुत टाइट थी पर मेने अपना लंड अब आगे पीछे करना शुरू कर दिआ। अनीता वही खड़ी हुई हम दोनों के देख अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। 

तभी विनीता ने अनीता को इशारा करते हुए अपने पास बुलाया और किस करना शुरू कर दिआ। अनीता भी हमारी चीजों का अब हिस्सा बन चुकी थी और दोनों बहन एक दूसरे से प्यार जताये जा रही थी। निचे से में विनीता चूत की चुदाई खूब जोरो से कर रहा था। अब विनीता के मुह्ह से आहे निकालनी शुरू हो गयी जिसकी वजह से अनीता का भी दिल चुदाई का बन गया। 

अनीता अपनी चूत पर थूक लगाते हुए उसे हाथो से रगड़ रही थी इसलिए मेने अपना लंड विनीता की चूत से निकला और अनीता की चिकनी चूत में घुसाकर चुदाई शुरू कर दी। दोनों बहने एक दूसरे के जिस्म से खेले जा रही थी और में बारी बारी दोनों की चूत को अपने लंड का स्वाद देता जा रहा था। 

ऐसे ही उस दिन हम दोनों ने नंगपन की सारी हदे पार कर दी और चुदाई का पूरा मजा लिआ। दोनों बहनो के चूत भी पूरी तरह लाल हो गयी थी और मै भी उनकी चुदाई का गुलाम बनता हुआ पूरा दिन उनकी चूत और गांड मारता रहा। 

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