दोस्त ने प्यार से मरी मेरी चुत और दिआ चरमसुख

हेलो दोस्तों मेरा नाम सुमन है और यह मेरी सच्ची कहानी है जो आज मै आप सभी को सुनाने जा रही हु। शुरू से ही मेरा दिमाग किसी और ही दिखा में रहता था। पढाई में भी मेरा मन नहीं लगता था और मै बस लड़को से ही बात किआ करती थी। 

आप लोग अब समझ ही गए होंगे की मै किस किसम की लड़की थी। सारा दिन मेरे दिमाग में नंगे ख्याल ही घूमते रहते थे और कुछ नंगी फिल्मे देखने के बाद मेरा दिल अब बिलकुल भी नै रुकता था। 

छुट्टी वाले दिन कई बार मै अपनी चुत को रगड़ कर शांत कर लिआ करती थी पर अब यह भी मेरे काम नहीं आ रहा था। जैसे जैसे मेरी उम्र बढ़ रही थी मेरी चुत की गर्मी भी और बढ़ती जा रही थी। 

अब बात कुछ यु थी की मेरा मोहित नाम का एक दोस्त था जो मुझे बहुत ही अच्छे से जनता था। उससे मै बहुत प्यार भी करती थी इसलिए मेरे दिमाग में कभी उससे अपनी हवस मिटाने के ख्याल नहीं आये। 

पर अब जब मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था मेने  मोहित को ही अपनी हवस का साथी बनाने की सोची। मेने उसे एक दिन अपने घर पर बुलाया और किस्मत से आज मम्मी कही बाहर भी जाने वाली थी। 

मेरी मम्मी मोहित को जानती थी इसलिए उन्होंने मुझ से कुछ भी नहीं पूछा। हम दोनों आराम से बाते कर रहे थे पार मेने आज सोच ही लिआ था की मुझे अपनी चुत में मोहित का लंड लेना ही है। 

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अपने दोस्त को दिखये छोटे कपडे

अब मेने मोहित से कहा की मै कुछ दिन पहले ही कुछ नए कपडे लेके आयी हु तो क्या वह मझे उन कपड़ो में देखते बताएगा की मै किसी दिख रही हु। मोहित ने भी हामी भर दी। 

अब मै निचे गयी और एक बहुत ही छोटी सी ड्रेस पेहेन कर मोहित के सामने आ गयी। उन कपड़ो में मेरी जाँघे भी साफ़ दिख रही थी जो किसी को भी रिझाने के लिए काफी थी। 

मोहित मुझे ही देख रहा था और अब मेने मोहित से पूछा की मै किसी दिख रही हु। मोहित कुछ बोल नहीं पा रहा था और मुझे ही देख रहा था। अब मै मोहित के पास गयी और मेने मोहित से मजाक करते हुए उसकी गोद में बैठ गयी। 

मै उसकी गोद में बैठी हस रही थी और मेने अब महसूस किआ की मोहित का लंड भी खड़ हो गया था। मेने यह मौका हाथ से नहीं जाने दिआ और मोहित की आँखों में देखा। 

मोहित भी मेरे अब करीब आ गया और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे। उसका लंड अब बड़ा होता ही जा रहा था जो मै अपनी चुत पे महसूस कर रही थी। अब मोहित ने मुझे निचे किआ और मुझे चूमते हुए मेरे बूब्स दबाने लगा। 

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दोस्त के लंड को लिआ चुत में 

मेरा दोस्त अब हवस में आ गया था और मुझे कुछ भी नहीं करना पड़ रहा था। मोहित मेरे होठो को  चूसा जा रहा था और मै भी उसके होठो का रास चूस रही थी। हम दोनों हवस में खो चुके थे। 

अब मेने मोहित को निचे करे हुए उसके कपडे खोलने शुरू कर दिए। उसके पूरा बदन को चूमते हुए मेने उसके लंड पर हाथ रखा और उसकी पेंट से उसे बाहर निकाल लिआ। 

उसका लंड बहुत ही ज्यादा मोटा और लंबा था जिसे देख मेरी चुत से रस निकलने लगा। अब मै अपनी चुत चुदाई के लये और नहीं  सकती थी और मेने अपने कपडे खोलते हुए खुद को नंगा कर लिआ। 

मेने मोहित का लोढ़ा सीधा किआ और उसे अपनी चुत में लेते हुए उसपर बैठ गयी। मोहित भी अब निचे से मेरी चुत में अपना लंड ठोके जा रहा था जिससे मेरी चुत चुदाई बहुत अच्छी होती जा रही थी। 

निचे मोहित मुझे देखता हुआ मेरे बूब्स को दबाये जा रहा था और मेरी चुत में अपना लंड पेले जा रहा था। चुदाई काफी अच्छी हो रही थी और मै जोर जोर से आहे भरते हुए मोहित को और गरम कर रही थी। 

अब मै मोहित के लंड पर उछलते हुए काफी थक गयी थी इसलिए मेने मोहित को ऊपर आने को कहा। मै निचे लेट गयी और अपनी दोनों टंगे खोल ली। अब मोहित ने अपना लंड मेरी चुत के छेद में डाले और चुदाई फिर से शुरू कर दी। 

मेरा दोस्त पुरे जोश के साथ मेरी चुत मार रहा था और मै भी चरमसुख पर पहुंचने ही वाली थी। वह अपना लंड पूरी तरह से अंदर बाहर कर रहा था जिससे मेरी चुत के दाने पर रगड़ पड़ रही थी। 

चुदाई बहुत ही हसीन चल रही थी और मेरी चुत अब फड़कने लगी और मेरा पानी निकलने वाला था। मेने मोहित से अब और तेज चुदाई करने को कहा और मेरी आहे और भी तेज हो चुकी थी। 

मोहित का लंड अब बहुत तेज मेरी चुदाई कर रहा था और ऐसी चुदाई होने से मेरी चुत से पानी निकलने लगा और आज मेरी चुत को काफी दिन बाद ठंडक मिली थी। 

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