दोस्त की तलाकशुदा बेहेन की मारी चूत और किआ भरपूर मजा

मै और मेरी दोस्त छटी क्लास से ही साथ में पढ़ते हुए आ रहा थे। हम दोनों का रिश्ता भी अब बहुत अछा  हो गया और और हमारे घरवाले भी हमारी दोस्ती को लेकर की भी दिक्कत नहीं थी। 

वह मुझे अपनी सारी खुशीआं और परेशानिआ बताया करती थी और मै भी उससे अपनी बहुत सी बाते  शेयर किआ करता था। मेरी दोस्त का नाम काजल था और वह दिखने में भी ठीक ठाक थी। काजल और लेकर मेने दिल में कभी बुरे ख्याल नहीं आये। 

पर काजल की एक बेहेन भी जिसका नाम था पिंकी था। कुछ साल पहले पिंकी ने अपनी मर्जी से शादी की थी जिसका अंजाम उसका तलाक निकला और उसका पति उसे छोड़ के अब किसी और के साथ रहने भी लग गया था। 

पिंकी पूरी तरह से जवान हो चुकी थी और वह हम लोगो से 3 – 4 साल बड़ी भी थी। पिंकी की जवानी भी चरम सिमा पर आ गयी थी और उसके चुचे भी एकदम उठे हुए और मोटे हो गए थे। 

पिंकी किसी से बात भी नहीं किआ करती थी और ज्यादातर ऊपर के कमरे में ही रहती थी। मेरा काजल के घर आना जाना रोज का ही काम था पर पिंकी से  मेने आजतक बात नहीं करि थी। 

अब एक दिन मै ऐसे ही काजल से पढाई के बारे में बात करने के लिए उसके घर चला गया पर घर जाने के बाद मुझे पता चला की काजल और बाकि परिवार के लोग शादी में चले गए और घर में बस पिंकी ही बची हुई है। 

अब मै जो किताब काजल को देने के लिए आया था मेने पिंकी को देने की सोची और उसे आवाज देता हुआ ऊपर चला गया। ऊपर जाकर पिंकी ने मुझसे कहा की काजल अभी शादी में गयी है 1 घंटे बाद वापस आएगी। 

आंटी को था चुदाई का शोक जो पूरा करने में बीत गयी जवानी

दोस्त की बेहेन खुद हो गयी गरम और आकर बैठ गयी मेरे लंड पर 

मेने पिंकी की किताब देते हुए कहा की यह किताब मुझे काजल को देनी है इसलिए वह उसके आने पर उसे इस किताब के बारे में बता दे। अब पिंकी ने मुझे कहा की अगर मै चाहु तो काजल का इन्तजार कर सकता हु। 

ऐसा सुनते ही मै भी आराम से बिस्तर पर बैठ गया क्युकी पिंकी के बूब्स देखने का मौका मै छोड़ना नहीं चाहता था। अब मै और पिंकी आराम से टीवी पर सीरियल देख रहे थे और अचानक सीरियल में सेक्सी सीन आना शुरू हो गए जिससे मुझे भी शर्म सी आने लगी। 

पिंकी ने जल्दी से चैनल बदल दिआ। पर कुछ देर बाद पता नहीं क्यों पिंकी ने वापस से वही चैनल लगा लिआ और रोमेंटिक सीन देखने लग गयी और मुझे भी दिखाने लगी।  पिंकी की साँसे तेज होती जा रही थी जो मुझे भी सुनाई दे रही थी। 

अब पिंकी भी कुछ देर बाद बिस्तर पर आकर बैठ गयी और मुझसे बाते करने लगी। पिंकी का बिस्तर ज्यादा बड़ा नहीं था इसलिए पिंकी मेरे करीब ही बैठी हुई थी। अब पिंकी धीरे धीरे मेरे और करीब आ गयी थी। 

पिंकी की गरम सांसे मै खुद महसूस कर रहा था जो मेरे बहुत ही करीब थी। अब पिंकी थोड़ा निचे झुक गयी जिससे उसके बूब्स मुझे साफ़ दिखने लगे और मेरा लंड भी खड़ा होने लग गया। 

पिंकी अब मेरे बहुत करीब आ गयी थी और उसने मुझे पानी के लिए पूछा।  मेरे हां बोलने पर पिंकी  तरफ झुकी और उसकी गांड की लकीर मुझे अच्छे से दिखने लगी जिससे मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया। 

अब पिंकी मेरे कुछ ज्यादा ही करीब भी आ गयी थी और टीवी पर भी सेक्सी सीन ही चल रहा था जिसको देख पिंकी भी मुझे किस करने के लिए आगे आ गयी और  उसके होठो पर अपने होठ रख दिए किस करने लगा। 

मुझे पता था की काजल भी 1 घंटे बाद ही घर आएगी इसलिए मुझे किसी का भी डर नहीं था। मै और पिंकी एक दूसरे के होठो को बुरी तरह से चूसे जा रहे थे और अब पिंकी ने अपनी टीशर्ट ऊपर करते हुए खुद ही उतार दी। 

पिंकी की ब्रा हुक जैसे ही पिंकी ने खोला उसके दोनों मोटे बूब्स आजाद हो गए और मेरे सामने आ गए। पिंकी के चुचे मेने हाथो में लेते हुए दबाने शुरू कर दिए जिससे पिंकी को भी मजा आने लग गया। 

भाई बेहेन का प्यार – गर्म सांसे और फिम्ल का रोमांस 

दोस्त की बेहेन की चूत चोदी और थूक लगाके मारी गांड 

अब पिंकी काफी गरम हो गयी थी जिसके बाद मेने भी अपने कपडे निकालना शुरू कर दिए और हम दोनों एक दूसरे की बाहो में आते हुए एक दूसरे को प्यार करने लग गए। पिंकी अब मेरे लंड को सहलाने लगी थी और बड़ा करने में लगी थी। 

पिंकी की अब मेने सलवार भी उतार दी जिसके बाद पूरी तरह से नंगी हो गयी। पिंकी को किस करते हुए मेने उसकी चूत में अपनी उंगली घुसना शुरू कर दी। पिंकी की गली चूत की फांको में मेने अपनी उंगली आगे पीछे करते हुए उसे और कामुक कर दिआ। 

अब पिंकी ने मेरा पजामा भी निकाल दिआ और लंड बहार ले लिआ। पिंकी ने मुह्ह  हुए मेरे लंड की चुसाई शुरू कर दी जिससे मुझे बहुत मजा आने लगा। पिंकी की चुदाई तलाक से पहले हो चुकी थी इसलिए उसे लंड चूसना बहुत अच्छे से आता था। 

अब मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया था जिसके बाद मेने पिंकी की दोनों टाँगे खोल दी और चूत पर अपना लंड फिराने लगा। पिंकी मेरा लंड लेने के लिए आहे भरने लगी और अब मेने पिंकी की चूत में अपना लंड घुसा दिआ। 

पिंकी की चूत में अपना लंड आगे पीछे करते हुए मै पिंकी की चूत काफी अच्छी तरीके से मारता चला गया और पिंकी भी मस्त चुदाई का मजा लिए जा रही थी। पिंकी की चूत  से पानी निकलना भू शुरू हो गया जिससे मेरा लंड सफ़ेद पानी से सन गया था। 

चुदाई करते वक्त मुझे पिंक की गांड का छेद दिखाई दिआ जिसपर मेने अपनी उंगली से दबाव डालना शुरू कर दिआ और पिंकी भी करहाने लगी। अब मेने थूक लगाते हुए पिंकी की गांड में उंगली करनी शुरू कर दी और पिंकी को और मजा आने लगा। 

अब मेने अपना लंड पिंकी की चूत से निकालने हुए उसकी गांड के छेद पर रख दिआ और पिंकी की गांड में घुसाने लगा। पिंकी को शुरू में दर्द होने लगा पर एक जोर से धक्के के साथ मेने अपना लंड पिंकी की गांड में उतार दिआ। 

शुरू में छोटे धक्को से चुदाई करने के बाद मेने पिंकी की गांड में अपना पूरा लंड घुसा दिआ और जोर जोर से चोदने लगा। पिंकी की चूत मसलते हुए मेने पिंकी की गांड की चुदाई काफी जोरो से की जिससे वह करहाने लगी। 

अब मेरा लंड भी जवाब देने वाला था पर मै पिंकी की गांड मरने में काफी खो गया था। पिंकी की गांड मेने काफी तेजी से चोदना शुरू कर दी और पिंकी तेज तेज चिल्लाने लगी और एकदम मेरा वीर्य पिंकी की गांड में निकल गया। 

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