दोस्त की छोटी बेहेन को गरम करके बुरी तरह चोदा

यह कहानी बाकि कहानिओ से बहुत ही अलग और हवस से भरी हुई है। मै पूरे यकीन से कहता हु की इस कहानी को पढ़ने के बाद आप अपने लंड को रगड़ने पर मजबूर हो जायेंगे।  

तो यह किस्सा शुरू होता है मेरी दोस्त पूनम से जिसको में बहुत सालो से जनता था। हम दोनों लगभग 9वी  क्लास से साथ में पढ़ते आये थे और एक दूसरे के घर भी आया जाया करते थे।  पूनम से मेरी बहुत ही गहरी और अछि दोस्ती थी जिसको लेकर मेरे दिल में कभी बुरे विचार नहीं आये। पर पूनम की एक छोटी बेहेन भी थी जिसका नाम शिवानी था। शिवानी हम दोनों से छोटी थी पर हमारे साथ बैठकर पढाई पर मजाक दोनों किआ करती थी। देखते ही देखते सालो में शिवानी भी बड़ी हो गयी और अब में और पूनम भी कॉलेज में आ गए थे। अलग अलग कॉलेज में होने के कारण अब हम कम ही मिला करते थे। 

बहुत दिनों से मुलाकात ना होने पर अब मेने और पूनम ने मिलने का प्लान बनाया और 3 बजे पूनम ने मुझे अपने घर आने को कहा।  3 बजते ही अब मै अपने घर से निकलकर पूनम के घर की और चल दिआ और वह पहुंचकर दरवाजा खटखटाया। जैसे ही दरवाजा खुला में एकदम से चौक गया क्युकी जो मेरे सामने थी वो पूनम नहीं शिवानी थी। शिवानी अब पहले से बहुत बड़ी हो गई थी जिसकी चूचिया पूनम के मुकाबले दुगनी और सेहत भी अछि हो गयी थी। वह पूनम की बड़ी बेहेन जैसी लगने लगी थी जिसको देख मेरे दिल में आग सी लग गयी थी। 

शिवानी के अंदर बुलाने पर अब में घर के अंदर घुसा जहा पूनम रसोईघर में खाना बना रही थी। पूनम ने शिवानी से मुझे अंदर बिठाने के लिए और पानी देने के लिए कहा। शिवानी मेरे लिए पानी लायी और मुझे देते हुए वही बैठ गयी। अब शिवानी के बूब्स देख देख मेरी हालत बुरी हो रही थी और लंड भी तनाव में आ रहा था। शिवानी ने शायद यह देखते हुए नजरअंदाज भी कर दिआ था। अब पूनम भी हमारे पास आकर बैठ गयी और हम तीनो बाते करने लगे। अब पूनम ने मुझसे मेरे दोस्तों और गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा जिसका मेने जवाब ना में दिआ। ऐसे ही हम कुछ देर बाते करते रहे और शिवानी भी हम दोनों के साथ वही बैठकर हस्ती और बतलाती रही। 

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शिवानी से प्यार और हवस का गन्दा खेल 

कुछ देर बाद पूनम का मोबाईल बजा और पूनम की मम्मी ने उसे किसी काम से अपने पार्लर में बुलाया। हां दोस्तों पूनम और शिवानी की मम्मी का एक पार्लर भी था जिसकी वजह से वह ज्यादातर समय वही बिताया करती थी। पूनम ने जाते हुए मुझसे कहा की वह कुछ देर में वापस आ जाएगी और आकर मुझसे बाते करेगी। अब कमरे में सिर्फ मै और शिवानी थे और एक अजीब सी चुप्पी पूरे घर में छा गयी थी। चुप्पी तोड़ते हुए मेने पूनम से उसके बारे में पूछना शुरू किआ। मैने पहले उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा और थोड़ा समय होने के बाद उसकी उम्र के बारे में। मैने शिवानी को बताया की कैसे वह कितनी छोटी थी कुछ ही सालो में एकदम बदल गयी है। 

शिवानी अब मुझसे सही से बाते करने लगी थी और मुझसे सपनी सही बाते बोलने लगी। उसने मुझे अपने बॉयफ्रेंड विशाल के बारे में भी बताया जिससे वह बस पैसो और हवस के लिए साथ रह रही थी। हम दोनों बहुत ज्यादा खुलकर बाते करने लगे थे और इतने में मेने शिवनी से कहा की वह पहले से बहुत सुन्दर भी हो गयी है। अब शिवानी ने मुझे यह भी बताया की जब वह छोटी थी तो मुझे पसंद किआ करती थी और शादी करने के बारे में सोचा करती थी।  

मौका पाते हुए मैने भी शिवानी से कह दिआ की वह अब मुझसे शादी कर सकती है और उसकी अब उम्र भी शादी की हो जाएगी। ऐसा कहते ही शिवानी मुझसे शर्माने लगी और मुझे देखकर हसने लगी। अब मै शिवानी के थोड़ा करीब आकर बेथ गया और उसके हाथ पर अपना हाथ रख दिआ। अब मै शिवानी से प्यार भरी बाते करने लगा और उसको अपनी तरफ रिझाने लगा।  एक तरफ मेरा लंड भी शिवानी के बूब्स को देखकर फुंकार मारे जा रहा था। अब मैने शिवानी को आई लव यू बोल दिआ जिसका शिवानी ने शरमाते हुए आई लव यू टू में जवाब दिआ। 

मै इस सब के बीच में शिवानी की चूचिओ की तरफ ही देखे जा रहा था। शिवानी ने मुझसे अब तेज आवाज में पूछ लिआ की तुम जबसे निचे देखकर मुझसे बाते कर रहे हो। मै उसकी तेज आवाज से थोड़ा डर गया और हकलाते हुए कुछ भी नहीं जवाब देने लगा। 

शिवानी ने दिखाए अपने बूब्स और शुरू हुआ हवस का नंगा नाच 

शिवानी ने मुझे अब कहा की यह सिर्फ बूब्स ही है जो हर लड़की के पास होते है।  ऐसे घूरने से ये तुम्हरे पास नहीं आ जायेंगे।  ऐसा कहते हुए शिवानी ने अपने बूब्स हिलाये और बोलै की लो इन्हे छू कर देख लो और अपनी इच्छा भी पूरी कर लो। यह मेरे लिए एक खुल्ला मौका था।  और बिना समय गवाते हुए मैने अपने दोनों हाथ शिवानी की चूचिओ पर रख दिए जो आम की तरह दिख रही थी। प्यार से सहलाते हुए मैने उन्हें थोड़ा थोड़ा दबाना भी शुरू कर दिआ। शिवानी अब गरम होने लगी थी और अपने हाथ से मेरे हाथ पर जोर देते हुए बूब्स दबा रही थी। उसका पीला टॉप किसी आम की तरह देख रहा था और पास आते हुए मैने शिवानी के होठो अपने होठ रख दिए। 

अब शिवानी जोश में आ गयी थी और मेरे होठो पर जोर जोर से चुम्बन करे जा रही थी। मेरा एक हाथ शिवानी के सर पर था और दूसरे हाथ से मै उसके बूब्स दबा रहा था। बिस्तर पर लिटाते हुए मेने अब शिवानी का टॉप उतार दिआ। शिवानी के बूब्स किसी भाभी जैसे विशाल थे जिनकी निपाल एकदम पिंक कलर की थी। कुछ ना सोचते हुए मेने सीधा शिवानी की चूचिआ चूसना शुरू कर दी और निपालो पर होठो से दबाव डालने लगा। शिवानी भी अब हवस से भर गयी थी और मुझे अपनी बहो में लपेटे जा रही थी। 

मै शिवानी की प्यार करते हुए कभी होठो पर तो कभी गले और बूब्स पर किस कर रहा था। अब शिवानी ने मुझे धक्का देते हुए मुझे निचे किआ और मेरे पजामे के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी। शिवानी ने एक हाथ से मेरे पजामे को उतारते हुए मेरे लंड पर अपने कोमल होठो से किस करना शुरू कर दिआ। अब मै अपनी आंखे वासना में आकर बंद कर चूका था और शिवानी मेरे लंड को बुरी तरह से चूसे जा रही थी। शिवानी किसी हवस से भरी हुई लड़की की तरह मेरे लंड से पानी चूसे जा रही थी और अब मेरा लंड भी पूरी तरह अकड़ चूका था। 

देर ना करते हुए मेने शिवानी को वापस ऊपर खींचा और थोड़ी देर होठ चूसने के बाद उसकी पेंट में हाथ डाल दिआ। शिवानी की चूत पर थोड़े से बाल थे और अब शिवानी ने अपनी पेंट का बटन खोल दिआ। अब मै किस करते हुए शिवानी की चूत अपने हाथ से रगड़ रहा था जिससे शिवानी सब भूलकर आहे भरते हुए मेरे बालो को खींच रही थी और होठ भी काट रही थी। 

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शिवानी की चुदाई की आवाजे गुंजी पूरे घर में 

अब निचे होते हुए मेने शिवानी की पूरी पेंट उतार दी और टाँगे चौड़ी कर दी। अब मैने शिवानी की चूत पर किस करते हुए उसे चाटना शुरू किआ। शिवानी अब सिसकिआ लेने लगी और आह्ह्ह्ह ओहहहहह हम्म्म्म की आवाजे निकलने लगी। मै अपने दोनों होठो से शिवानी की चूत की झिल्ली चूस रहा था जिससे शिवानी हवस से पागलो की तरह करहा रही थी। 

अब मै उठा और पजामा उतारते हुए शिवानी की चूत पर रख दिआ। शिवानी पूरी पसीने से भीग चुकी थी और अपने बूब्स की पकड़ते हुए लम्बी साँसे ले रही थी। धक्का देते हुए मैने अपना लंड शिवानी की चूत में घुसना शुरू किआ जिससे शिवानी की चीख निकल गयी और पूरे घर में गूँज गयी। मेरी भी अब गांड फैट गयी और में रुक गया। शिवानी ने मुझे धीरे करने के लिए कहा क्युकी यह उसकी पहली चुदाई थी और उसकी चूत की सील अभी तक नहीं टूटी थी। 

मैने शिवानी की चूत पर थोड़ा और थूक लगते हुए मेने अपना लंड फिर से घुसना शुरू किआ। अब मैने शिवानी के मुह्ह पर अपना एक हाथ प्यार से रख दिआ था। और एक जोर के धक्के के साथ मेने अपना लंड शिवानी की कुवारी चूत में आधा घुसा दिआ। शिवानी की आवाज पूरी तरह दबी की दबी रह गयी थी और उसकी आँखों में आंसू भी आ गए थे। उसका सर सहलाते हुए मेने अब चुदाई करना शुरू की। आधा लंड अंदर बहार करते हुए मेने धीरे धीरे धक्के देते हुए शिवानी को चोदना शुरू किआ और कुछ समय बाद शिवानी का दर्द काम होते ही मेने पूरा लंड शिवानी की चूत में घुसा दिआ। शिवानी की चूत बहुत ही कसिली थी जिसको चोद चोद कर मैंने उसमे से पानी निकाल दिआ था। पूरे कमरे में पच पच की आवाजे चुदाई की वजह से गूँज रही थी और शिवानी और मै एक दूसरे में खोकर इस चुदाई का मजा उठा रहे थे। 

अब शिवानी की चूत का बुरा हाल हो गया था और धक्के लगाने से मुझे भी थकान होने लगी थी। शिवानी ने मुझे निचे करते हए मेरे लंड पर आकर बैठ गयी। अब अपनी गांड ऊपर निचे करते हुए शिवानी मुझसे छोड़ना शुरू हो गयी। अपने दोनों हाथो से मै शिवानी के दोनों बूब्स थामे हुए दबा रहा था और शिवानी जोर जोर से ऊपर निचे होते हुए मेरे लंड से चुदाई ले रही थी। ऐसे ही काफी देर चुदाई करने के बाद मेने शिवानी को अपनी बाहो में भरते हुए निचे से तेज तेज धक्के लगाना शुरू कर दिए और कुछ ही समय में मेरे लंड ने अकड़न लेते हुए सारा माल शिवानी की चूत में ही निकाल दिआ। हम दोनों ने अब अपने अपने कपडे पहने और पहले की तरह पंखा चलाकर बैठते हुए बाते करने लगे।

अब पूनम के आने का भी समय हो गया था और कुछ ही देर बाद पूनम घर आयी और शाम होते ही में अपने घर चला गया। मैने शिवानी को प्रेगनेंट ना होने देने वाली दवाई भी लेकर दी। और अगले कुछ महीनो तक पूनम से मिलने के बहाने से शिवानी की कई बार जोरदार चुदाई की। 

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