दोस्त की चुदक्कड़ मम्मी की चुदाई करि 

यह कहानी मेरे ही एक दोस्त की मम्मी की है जो की हवस से भरी हुई मेरे पास आयी थी और मेने अपने दोस्त की मम्मी की चुदाई करके उन्हें चरमसुख का मजा दिआ था। 

मेरे दोस्त का नाम मोहन था और वह मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त था।  मोहन और मै हमेशा ही साथ रहते थे और वह मुझे किसी भी परेशानी में कभी अकेला नहीं छोड़ता था। 

मै और मोहन एक दूसरे के घर भी आते जाते रहते थे और जिससे हम दोनों के परिवार वाले हम दोनों को बहुत ही अछे से जानते थे। एक अछा दोस्त होने की वजह से वह मेरी बेहेन को अपनी ही बेहेन कहता था। 

और मै भी उसके घरवालों को अपने घरवालों के समान ही इज़्ज़त दिआ करता था। पर शायद यह मेरी किस्मत को मंजूर नहीं था और मोहन की मम्मी की नजर मेरे ऊपर बहुत समय से थी। 

अब एक दिन की बात है मै मोहन के घर गया और मेने देखा की वह अपने घर पर नहीं था।  मेने उसकी मम्मी से पूछा तो उन्होंने मुझे बताया की वह कुछ ही देर में घर वापस आ जायेगा। 

मोहन की मम्मी ने मुझे अब अंदर आने के लिए कहा और मै अंदर जाकर बेथ गया और मोहन का इन्तजार करने लगा। पर  मोहन की मम्मी भी आके मी पास बैठ गयी। 

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दोस्त की मम्मी की हवस और जवानी

मोहन की मम्मी मेरे पास बैठी हुई बाते कर रही थी और मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछ रही थी। वह हस्ते हुए मुझसे बाते कर रही थी और मै भी मजाक में उन्हें ज्यादा कुछ नहीं बता रहा था। 

पर अब कुछ देर ऐसे ही बातकरने के बाद मोहन की मम्मी मेरे थोड़ा सा करीब आ गयी। मेने इस बात को नजरअंदाज कर दिआ पर अब थोड़ी और देर बाद उन्होंने अपना हाथ मेरे पैर  पर रख दिआ। 

अब मोहन की मम्मी ने मुझे कहा की क्या कोई लड़की दोस्त भी है ? मेने नहीं में जवाब दिआ। अब उसकी मम्मी ने मुझे कहा की यह तो आजकल आम बात है और उनके जमाने में भी उनके कई लड़के दोस्त थे। 

 मेने अब उनसे पूछा की पर उस जमाने में लोग प्यार बहुत सच्चे दिल से करते थे। अब आंटी ने जल्दी से बोला की ऐसा कुछ भी नहीं है और उनके एक बॉयफ्रेंड ने उनकी चुदाई करके उन्हें छोड़ दिआ था। 

यह सुन में बहुत चौक गया की मेरे दोस्त की मम्मी ऐसी बात कर रही है। पर मोहन की मम्मी ने कहा की आजकल सभ लोग जिस्म के पीछे भाग रहे है  अगर वह जवान होती तो कई लड़को को दीवाना बनाके रखती। 

मेने आंटी से कहा की वह अभी भी काफी सुन्दर है और यह सुनते ही उन्होंने पूछा की क्या मै सच बोल रहा हु। अब थोड़ा रुकते हुए मेने कहा की हां यह सच बात है। 

छुपन छुपाई और चुत चुदाई का मजा

दोस्त की मम्मी को दिआ चरमसुख 

अब मोहन की मम्मी मुझे बहुत ही प्यारी नजरो से देख रही थी और उनका हाथ मेरी जांघ पर आ गया था। आंटी ने मुझे कहा की अगर मै उन्हें सुन्दर मानता हु तो वह मुझे अपना दीवाना बनाना चाहती है। 

मै बहुत चौका हुआ था और इससे पहले की मै कुछ कहता मोहन की मम्मी ने मेरे होठो को चुम्बन करना शुरू कर दिआ। वह मेरे होठो को चूसते हुए चूमे जा रही थी और मेरे कपड़ो में हाथ घुमाते हुए बदन को सेहला रही थी। 

आंटी मेरी जांघ को भी सेहला रही थी और इस चुम्मा चाटी से मेरा लंड भी अब तनाव में आना शुरू हो चूका था। मोहन की मम्मी ने अब मुझे बिस्तर पर लिटा दिआ और मेरी आँखों में देखते हुए अपने ब्लाउज के हुक खोलने लगी। 

मै उनके निचे लेटा उन्हें देख रहा था और वह अपने जिस्म को नंगा करने में लगी हुई थी। आंटी ने अपने बूब्स को अब आजाद कर लिआ था और उन्होंने अब मेरे हाथ बूब्स पर रखते हुए मुझे वापस से किस करना शुरू कर दिआ। 

वह बहुत ही ज्यादा भरी हुई थी और मै उन्हें बूब्स को दबा रहा था। अब आंटी ने मेरे जिस्म पर चुंबन करते हुए मेरी टीशर्ट भी निकाल दी और अपना मुह्ह मेर लंड की तरफ ले गयी। 

मेरे लंड को पेंट से निकालकर उन्होंने उसे हिलाना शुरू कर दिआ और मेरे लंड भी बहुत जल्दी खड़ा हो गया। मोहन की मम्मी ने लंड जल्दी से मुह्ह में लिआ और जोर जोर से मेरे लंड को चूसते हुए उसे चाटने लगी। 

मेरा लंड पुरे तनाव में आ चूका था और अब मोहन की मम्मी ने अपनी साडी खोलते हुए खुद को पूरा नंगा कर लिआ। उनकी चुत पर थोड़ी झांटे आ रखी थी पर अब आंटी ने मेरे लंड को अपनी चुत में लेते हुए लंड पर सवार हो गयी। 

अब मेरे ऊपर लेटते हुए वह मेरे लंड पर आगे पीछे होकर मुझसे चुदने लगी। ऐसा लग रहा था वह बहुत दिन बाद चुदाई करवा रही है क्युकी उनकी चुत बहुत ज्यादा टाइट थी। 

मेरा लंड बाकि दिन से ज्यादा लंबा हो रखा था जो मोहन की मम्मी की चुत में तेजी से अंदर बाहर होते हुए उन्हें चुदाई का मजा दे रहा था। यह चुदाई काफी देर तक चलती रही जिसमे आंटी आह आह करती हुई चुत चुदवाती रही। 

और ऐसे 15 मिनट मेरे लंड को चुत में लेते हुए वह बहुत कामुक हो गयी और उनकी चुत से कुछ ही देर बाद पानी आने लगा और मोहन की मम्मी को आज मेने चरमसुख दे दिआ। 

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