दोस्त की हॉर्नी मम्मी की करि चुदाई – 2

जैसा की अपने पढ़ा मेरे दोस्त की  हॉर्नी मम्मी मेरे सामने नंगी हो गयी थी और मुझे एक दोस्त मानते हुए मेरे साथ है रही थी। और दूसरी तरफ मै अपनी आंखे बंद करता हुआ शर्म  कर रहा था और आंटी को देख नहीं रहा था। 

अब आंटी ने मुझे कहा की मुझसे उनसे शर्माने की जरुरत नहीं है और आंटी के ऐसा बोलने पर मेने अपनी आंखे खोल ली और आंटी अब मुझे बोलने लगी की अब बिना कपड़ो के मै उनकी गांड को देखु। 

मेने अब जैसे ही अपनी आंखे खोली मेरे सामने आंटी की नंगी गांड थी जो की सच में बहुत ही ज्यादा कामुक  .उन्हें ऐसे देखते ही मेरे लंड में तनाव आना शुरू हो गया और मेरा लंड अपने अकार में आ गया। 

अब आंटी ने मुझे कहा की क्या वह अब सुन्दर दिख रही है। अब मै भी गरम हो चूका था और मेने आंटी से कहा की मुझे उनके बूब्स भी अच्छे से नहीं दिख रहे है। आंटी ने अब मुझसे देखा और एक मुस्कान दी। 

अगले ही पल अब मेरे दोस्त की मम्मी ने अपने सूट को ऊपर करते हुए निकाल लिआ। अब आंटी मेरे सामने बस ब्रा और पैंटी में थी जिसमे वह बहुत ही ज्यादा हॉट लग रही थी। 

आंटी ने अब मुझे देखा और बोला की क्या अब वह मुझे पसंद है ? मेने आंटी से कहा की क्या मै उन्हें छू कर देख सकता हु ? आंटी ने अब मुझे हां में जवाब दे दिआ और  मै आंटी के पास चला गया। 

मेने अब अपने दोनों हाथ आंटी के बूब्स पर रख दिआ और उन्हें प्यार प्यार से दबाने लगा। आंटी भी अब धीरे धीरे बहुत गरम होने लगी थी और आंटी चुचो को दबवाती हुई मजे लेने लगी। 

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आंटी को कर लिआ पूरा नंगा और शुरू करि चुदाई 

अब मेने आंटी के दोनों बूब्स को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिआ और आंटी भी तेजी से साणे ऊपर निचे लेने लग गयी।  मेरे दोस्त की मम्मी ने अब अपनी ब्रा को पीछे से खोल लिआ और उनके दोनों नंगे बूब्स को मै दबाते हुए चूसने भी लगा। 

वह मुझे  पकड़ती हुई अपने बिस्तर पर ले गयी और आंटी और मै एक दूसरे को जोर जोर  चाटी करने लग गए। आंटी का हाथ भी अब मेरे लंड पर जा चूका ता और वह उसे सहलाते हुए खड़ा कर रही थी। 

आंटी ने अब मेरे लंड को पूरी तरह से टाइट कर दिआ था और मै आंटी की चुदाई करने के लिए बेताब हो रहा था। अब मेने अपने  हाथ से आंटी की चुत को सहलाना शुरू कर दिआ और आंटी जोर जोर से आहे भरने लगी। 

ऐसा लग रहा था जैसे की आंटी की काफी दिनों से चुदाई नहीं हुई थी और वह बहुत कामुक हो रखी थी। अब मेने आंटी की चुत में उंगली करते हुए उन्हें बहुत गरम कर लिए था और वह भी चुदने के लिए तैयार हो गयी थी। 

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दोस्त की मम्मी की चुत में घुसाया लंड और पेला 

अब मेने आंटी की दोनों टांगो को खोला और बिच में आ गया। आंटी की चुत बहुत गीली रखी थी और मेरा खड़ा हुआ लंड एक ही बार में अंदर घुस गया और आंटी की चुदाई मेने शुरू कर दी। 

आंटी भी मुझे अपनी बहो में भर्ती हुई आह आह करे जा रही थी और यह चुदाई का मंजर बहुत तेजी से चल रहा था। मै अपने लंड काफी तेज तेज अंदर बाहर कर रहा था जिससे आंटी की आहे रुक नहीं रही थी। 

मेरा जोश भी अब बढ़ता जा रहा था और इस बिच मै यह भूल चूका था की वह मेरे दोस्त की मम्मी है और बस मै अपने लंड को उनकी चुत में गहराई में देता ही जा रहा था। 

चुदाई से पूरा कमरा आंटी की आवाज से  गूंज रहा था और आंटी की चुत की खाल चुदाई की रगड़ से लाल हो गयी थी। आंटी की सांसे बहुत तेजी से चल रही थी और वह बहुत गरम भी हो रखी थी। 

किस करते हए मै अपना लंड  काफी जोर जोर से चुत में थोक रहा था जिससे आंटी करहाये जा रही थी और मेरा जोश भी रुक नहीं रहा था। अब चुदाई करते हुए मुझे काफी देर हो गयी थी और मै और आंटी दोनों ही बहुत थक चुके थे। 

मेने अब आंटी की एक टांग को अपने कंधे पर लिए और चुदाई को जोर जोर से वापस से शुरू कर दिआ और आंटी इस बार हर  झटके पर आह आह कर रही थी। 

अब चुदाई की ऐसी रफ़्तार से मेरे लंड से तेजी से माल निकलने ही वाला था और मेने अपने लंड को जल्दी से चुत से निकालते हुए आंटी के हाथ में दे दिआ। आंटी ने गप से मेरे लंड को अपने मुह्ह में ले लिआ और सारा माल पी गयी। 

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