दोस्त ने दिआ चुत चटाई करने का प्रस्ताव

मेरा नाम रीना है और शुरू से ही मेरा दोस्त एक बहुत ही अच्छा लड़का था। उसका नाम राजन था वह पढ़ने में बहुत ही ज्यादा अच्छा था और उसे मेरे घरवाले भी पसंद करते थे। 

राजन दिखने में भी बहुत अच्छा था और वह मेरी हर बात भी सुनता था। एक तरह से मुझसे उससे बहुत प्यार भी था पर मै उसे यह बात बताना नहीं चाहती थी। दोस्ती टूट जाने के डर से भी मै हमेशा चुप रही। 

हम दोनों जवान हो चुके थे। हरी उम्र साथ साथ ही चल रही थी और 20 साल की उम्र में हम दोनों अभी भी अच्छे दोस्त थे। हम एक दूसरे से सभी बाते किआ करते की कैसे वह लड़कीओ से बात करना चाहता है या ऐसा ही कुछ। 

मुझे राजन के मुह्ह से यह सब सुन्ना पसंद नहीं था पर वह अब बदल चूका था। राजन के चेहरे पर मेरे लिए भी हवस का भाव साफ़ देखा जा सकता था। पर मै राजन से प्यार कर बैठी थी इसलिए यह मेरे लिए छोटी सी बात थी। 

राजन और मै साथ में ही घुमा करते थे और एक दूसरे के घर आना जाना भी हम दोनों के लिए आम सी बात थी। आज मै राजन के घर जाने वाली थी मिलने और बाते करने के लिए। पर राजन की मम्मी भी आज बजार के लिए निकल चुकी थी। 

राजन और मै घर में अकेले थे इसलिए राजन ने कहा की मुझे घर चले जाना चाहिए। मेने राजन से मना कर दिआ और उसके घर ही बैठी रही। अब राजन को देखते हुए मै उससे बाते कर रही थी की तभी उसका भाव बदल गया। 

स्कूल के टीचर ने मारी मेरी चुत क्लासरूम में

राजन ने चुत चटाई के लिए किआ मुझे राजी

राजन के मुह्ह पर वापस से हवस दिख रही थी और उसकी नजर मेरे बूब्स  पर थी। राजन मेरी छाती को भी घूरते हुए बाते कर रहा था जो मै साफ़ देख सकती थी। अब  राजन ने मुझे कहा की आदमी और औरत में बहुत अंतर् होता है। 

आदमी पिशाब करते समय आवाज निकालता है पर जब औरत पिशाब करती है तो आवाज नहीं आती। इस बात का मुझ पर कोई जवाब नहीं था पर राजन बात के पीछे पड़ा हुआ था। 

अब राजन ने कहा की शायद यह लिंग होने और ना होने से होता है। पर लड़की के पास भी अंग होता है जिसमे से पिशाब आता है और वही से चरमसुख भी मिलता है। 

मुझे शर्म सी आने लगी और राजन ने मुझे कहा की क्या मेने कभी चरमकुछ का मजा लिआ है। मेने राजन से मन कर दिआ और राजन ने मुझे कहा की अगर मै चाहु तो वह मुझे चरमसुख दे सकता है। 

राजन ने मुझे कहा की चुत की चटाई करने से भी चरमसुख का आनद मिलता है और इससे कोई भी खतरा नहीं होता। मै सोच में पड़ गयी पर राजन ने मुझे चिंता न करने को कहा और लेटने को कहा। 

मै भी बिस्तर पर सीधा होकर लेट गयी और राजन ने मेरा पजामा निचे सरका दिआ। शर्म से मेने अपना मुह्ह छुपा लिआ पर राजन ने अब मेरी चुत पर जीभ से चटाई शुरू कर दी। 

शुरू में मुझे थोड़ा अजीब लगा पर अब मुझे भी कामुकता का मजा आने लगा और राजन की चटाई से मेरी चुत एकदम ही गीली हो गयी। राजन अंदर तक मेरी चुत में अपनी जीभ डाल रहा था जिससे मै बहुत गरम हो गयी थी। 

बेहेन ने लिआ मेरे मोटे लंड का मजा और चुत की कराई थपाथप चुदाई

राजन के लंड ने फाड़ दी मेरी चुत

राजन मेरी चुत की चटाई अच्छे से कर चूका था और मेरी चुत से एक अलग सी गर्मी निकल रही थी। मेरी चुत को अपने हाथ से मसलने लगी पर अभी भी मुझे चरमसुख नहीं मिला था। 

वही निचे राजन का लंड खड़ा हो चूका था और राजन का मन चुदाई का बन गया था। मुझसे भी अब काबू नहीं हुआ जा रहा था और मेरे दिल में भी चुदाई के ख्याल आ रहे थे। 

अब राजन ने अपना मोटा  मेरी चुत में घुसना शुरू किआ और मेरी चुत फटती चली गयी। मेरी चुत में बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा था पर अब राजन ने जोर से अपना लंड मेरी चुत में पेल ही दिआ। 

अब राजन मेरी चुत मरना शुरू कर  चूका था और मुझे भी  कुछ देर बाद चुत की चुदाई का मजा आने लगा और राजन के जोर जोर के झटको से मेरी चुत की गर्मी मिटती चली गयी। 

राजन ने मेरी चुत काफी देर तक मारी जिससे मेरी चुत थोड़ी सी सूज भी गयी थी और और राजन का कुछ ही देर बाद वीर्य निकल गया जो उसने मेरी चुत से बाहर की और निकाल दिआ था। 

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