जयपुर में दोस्त की चुदाई – 2

फिर मम्मी ने भी कहा- सिखा दो।। शाम को तू फ्री ही रहता है।। रोज एक घंटे सिखा दिया कर। अब मैंने भी ‘हाँ’ कर दी। अब वो रोज शाम को कंप्यूटर सीखने आने लगी।। वो तो सिर्फ एक बहाना था। मैंने उसे कंप्यूटर पर कई ब्लू-फिल्म भी दिखाईं।। 

जिससे वो उत्तेजित हो जाती।। और मेरा लौड़ा भी पूरा सात इंच का हो जाता। एक दो बार तो मैंने उससे मुठ भी मरवाई।। लेकिन हमें चुदाई का मौका नहीं मिल रहा था क्योंकि दूसरे कमरे में मम्मी होती थीं। मैंने कई बार उसकी चूत में उंगली भी की।।

तो मुझे लगा कि उसकी चूत कुंवारी है।। मतलब बिना चुदी हुई है। उसकी चूत बहुत ही टाइट थी, पूजा की चूत एकदम पिंक कलर की थी और थोड़ी फूली हुई थी।। मतलब एकदम मस्त चूत थी। आखिर एक दिन चुदाई का मौका भी आ गया।। 

हुआ यूँ कि मम्मी को अपनी सहेली की लड़की की शादी में दिल्ली जाना था और मेरा छोटा भाई भी उनके साथ जा रहा था, मतलब मैं दो दिन तक घर पर अकेला था। मैंने पूजा को भी बता दिया था।। वो भी खुश थी और मैं तो बहुत ही ज्यादा खुश था। 

शाम को पूजा घर आई।। तो आते ही मैंने पहले दरवाजा लॉक लिया, फिर उसे बेड पर लेकर गया। मैंने उसे बिस्तर पर ले जाते ही किस करना चालू कर दिया। वो भी बुरी तरह मुझे चूमे जा रही थी। मैं भी कभी ऊपर वाला होंठ चूसता।। तो कभी नीचे वाला।। 

कभी गर्दन पर किस करता।। तो कभी गालों पर।। हम दोनों ही मदहोशी में खो चुके थे। फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी। उसने ब्रा पहनी हुई थी।। मैंने उसे भी उतार दिया।। इसी के साथ मैंने अपनी टी-शर्ट भी उतार दी। फिर मैं उसके मम्मों को चूसने लगा। 

गर्लफ्रेंड की मम्मी को खूब चोदा – 1

बूब्स को चूसने से होने लग गयी पागल

वो सीत्कार भरने लगी। वो पूरी तरह पागल होती जा रही थी। मैं उसके मम्मों लगातार चूसे जा रहा था और वो अपने हाथ मेरे सर पर घुमाए जा रही थी। कुछ ही देर में मैंने उसकी जीन्स भी उतार दी।। अब वो सिर्फ पेंटी में थी। 

उसने अपना मुँह मेरे मुँह से बिल्कुल सटा दिया और फुसफुसा कर बोली- अपनी पूजा को चोदो।। मैंने पूजा के और मेरे सारे कपड़े उतार दिए।। पूजा हाथ से लंड को निशाने पर लगा कर रास्ता दिखा रही थी और रास्ता मिलते ही एक ही धक्के में मेरे लंड का सुपारा अन्दर चला गया। 

इससे पहले कि पूजा सम्भले या आसन बदले, मैंने दूसरा धक्का लगाया और मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी मक्खन जैसी चूत की जन्नत में दाखिल हो गया। पूजा चिल्लाई- उईई ईईई उम्म्ह… अहह… हय… याह… ईईइ माआआ हुहुह्हह्हह ओह यार।। 

ऐसे ही कुछ देर हिलना-डुलना नहीं।। हाय।। बहुत मोटा है तुम्हारा लंड।। मार ही डाला मुझे।। तुमने मेरे राजा। पूजा की चूत से थोड़ा सा खून निकला।। मुझे पता था उसका ये फर्स्ट टाइम था। लेकिन पूजा को पता नहीं था कि खून निकल रहा है। 

पूजा को काफ़ी दर्द हो रहा था, पहली बार में ही इतना मोटा और लम्बा लंड उसकी कसी हुई चूत में घुस गया था। मैं अपना लंड उसकी चूत में घुसा कर चुपचाप पड़ा था। पूजा की चूत फड़क रही थी और अन्दर ही अन्दर मेरे लौड़े को मसल रही थी, उसकी उठी-उठी चूचियाँ काफ़ी तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रही थीं। 

मैंने हाथ बढ़ा कर दोनों मम्मों को पकड़ लिया और मुँह में लेकर चूसने लगा। इससे पूजा को कुछ राहत मिली और उसने कमर हिलानी शुरू कर दी। पूजा को काफ़ी दर्द हो रहा था, वह बोली- अभी लंड को बाहर निकालो।

नर्स की चुदाई करके दिआ मजा

चुत में चढ़ा दिआ पूरा लंड 

लेकिन मैं लंड को धीरे-धीरे पूजा की चूत में अन्दर-बाहर करने लगा। अब पूजा को मजा आने लगा था।। उसने कहा- और तेज छोड़ो मेरी जान।। मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और तेज़ी से लंड अन्दर-बाहर करने लगा। 

पूजा को पूरी मस्ती आ रही थी और वो नीचे से चूतड़ उठा-उठा कर हर धक्के का जवाब देने लगी। उसकी रसीली चूचियां मेरी छाती पर रगड़ रही थीं। उसने गुलाबी होंठ मेरे होंठ पर रख दिए और मेरे मुँह में जीभ को ठेल दिया। 

चूत में मेरा लंड समाए हुए तेज़ी से ऊपर-नीचे हो रहा था। मुझे लग रहा था कि मैं जन्नत में पहुँच गया हूँ। जैसे-जैसे वो झड़ने के करीब आ रही थी, उसकी रफ़्तार बढ़ती जा रही थी। कमरे में ‘फच-फच’ की आवाज गूंज रही थी। 

मैं पूजा के ऊपर लेट कर दनादन धक्के लगाने लगा। पूजा ने अपनी टांगों को मेरी कमर पर रख कर मुझे जकड़ लिया और जोर-जोर से चूतड़ उठा-उठा कर चुदाई में साथ देने लगी। मैं भी अब पूजा की चूची को मसलते हुए ‘ठकाठक’ धक्के लगा रहा था। 

कमरा हमारी चुदाई की आवाज से गूँज रहा था। पूजा अपनी कमर हिला कर, चूतड़ उठा उठा कर चुदा रही थी और बोले जा रही थी- अह्हह आअह्हहह उनह्ह्ह मेरेरे रज्जा, उई।। चोऊओद रे उईईई गईई रीईई और करो।। चोदो मुझे।। ले लो मज़ा जवानी का मेरे राज्जज्जा। ‘ये ले मेरी रानी, ये लंड तो तेरे लिए ही है।’ वो मस्ती में अपनी गांड हिलाने लगी। मैंने लगातार बीस मिनट तक उसे चोदा। ‘

देखो राज्जज्जा मेरी चूत तो तेरे लंड की दीवानी हो गई और जोर से और जोर से आआईईए मेरे राज्जजा।। मैं गईईईईईए रीई।।’ यह कहते हुए मेरी पूजा ने मुझको कस कर अपनी बाँहों में जकड़ लिया और उसकी चूत ने ज्वालामुखी का लावा छोड़ दिया। 

अब तक मेरा भी लंड पानी छोड़ने वाला था और मैं बोला- मैं भी आया।।आआ मेरी जान।। मैंने भी अपने लंड का पानी छोड़ दिया और मैं हाँफ़ते हुए उसकी चूची पर सिर रख कर कस कर चिपक कर लेट गया।  

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