सेल की बीवी की हवस और मै – 2

वह मेरे पास आकर बैठी और उसने मेरे लिए चाय का कप रखा, एक कप खुद के लिए भी सरका लिया। हम दोनों बातें करने लगे। इतनी देर में राजा हिंदुस्तानी मूवी में करिश्मा कपूर और आमिर खान का किस सीन चालू हो गया। 

अर्चना उसकी सीन को बड़े गौर से देख रही थी और मैं अर्चना को देख रहा था। अर्चना अपने होंठों को दबा रही थी। उसे मालूम ही नहीं चला कि उसका एक हाथ उसकी चूत के ऊपर जा चुका है और वह उसे मसल रही थी। 

मैं भी उसे बड़े गौर से देख रहा था। तभी अचानक से अर्चना का ध्यान मुझ पर गया और वो एकदम से सकपका कर शर्मा गई। मैंने अर्चना से पूछा- तुम यह क्या कर रही थीं … और क्यों कर रही थीं। 

विनोद सिर्फ दो दिन के लिए ही तो दिल्ली गया है। मुझे पता है कि तुम्हें उसकी बहुत याद आ रही है लेकिन यह सब क्या? उसने अपनी आंखें नीचे झुका लीं और उसकी आंखों में आंसू आ गए। 

मैं एकदम से घबरा गया कि यह क्या हुआ। मैं अर्चना के पास जाकर बैठ गया। अर्चना की आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे। मैंने उससे कारण पूछा तो वो कुछ नहीं बोली।

होटल में बुझा दी बुआ की प्यास

साले की बीवी भी चुदाई चाहती थी

मुझे कुछ ऐसा लगा कि विनोद उसे चोदता नहीं है या उसकी सही से चुदाई नहीं हो पाती है। मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उसके कंधों पर हाथ रखा और उसे अपनी तरफ खींचा। अर्चना मानो यही चाहती थी। 

वो अपने आप मेरे सीने पर अपना सर रख कर मेरी गोद में आ चुकी थी। वो अभी भी रो रही थी। मैंने उससे जोर देकर पूछा तो वह कहने लगी- मेरे पति का बाहर किसी के साथ चक्कर है। 

वो रोज शराब पीकर घर आते हैं और खाना खाकर सीधे सो जाते हैं। पिछले 4 महीने से मुझे शांति नहीं मिली है। मैं परेशान हो चुकी हूं। आप ही बताओ मैं क्या करूं। मैं उसकी तरफ देखता रहा। 

वो आगे बोली- कभी-कभी मन करता है कि किसी से अपनी चुदाई करवा लूं, लेकिन डरती हूं कि कहीं जमाना मुझे रंडी ना समझ ले, इसलिए अपने ही में ही खोई रहती हूं। आज भी जब मूवी पर यह सीन आ रहा था तो मैं एकदम से खो गई थी। 

मैंने अर्चना के मुँह से चुदाई करवा लूं सुना तो समझ गया कि ये खुद मेरे लंड से चुदना चाहती है। मैंने उसको अपने और पास खींच लिया, फिर अर्चना का चेहरा ऊपर किया। 

अर्चना का चेहरा बिल्कुल ठीक मेरी आंखों के सामने था, मेरी और उसकी आंखें एक दूसरे दिन मिल चुकी थीं। उसकी आंखों में मुझे हवस की भूख नजर आ रही थी। मगर दोस्तो, इसे हवस नहीं कहना चाहिए, इसे मैं जरूरत कहूँगा। 

हर औरत मर्द की सेक्स एक जरूरत होती है। उसकी वह जरूरत अगर पूरी ना हो, तो इंसान कुछ भी करने को तैयार हो जाता है। मैं लगातार उसकी आंखों में देखे जा रहा था और कब हम धीरे-धीरे एक दूसरे के करीब आने लगे, यह हमें भी नहीं पता चला।

गर्लफ्रेंड चुदी किसी और से – 1

सोफे पे लिटा कर चुत में दी उंगली

मेरे होंठ उसके होंठों पर चिपक गए। हम दोनों एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे। वह तो जैसे पागल हो चुकी थी। उसने मुझे होंठों पर, गालों पर, मेरे कान, मेरे गले पर, सब जगह मुझे चूमना शुरू कर दिया। 

वह इतनी उतावली हो गई थी कि उसने कुछ भी नहीं देखा। बस मेरे लौड़े पर हाथ रख दिया। मैं समझ चुका था कि आप दोनों तरफ लगी हुई है। उसकी आग मुझसे ज्यादा है क्योंकि मैं तो अपनी बीवी और गर्लफ्रेंड को चोदता ही रहता हूं। 

उसने अपने नर्म हाथों से मेरे लौड़े को मेरी पैंट के ऊपर से ही सहलाना शुरू कर दिया। मैंने भी मौके की नजाकत को समझते हुए उसकी मैक्सी के अन्दर हाथ डाल दिया। मैं उसके नर्म नर्म मम्मों को दबाने लगा। 

मेरे हाथों का स्पर्श पाकर वह मचलती चली गई और अपनी उसने मैक्सी को उतार फेंका। आह क्या नजारा था। मैंने देखा कि उसने नीचे पैंटी नहीं पहन रखी थी, अन्दर ब्रा भी नहीं थी। 

मैं समझ गया था कि यह मुझे देखकर यहां क्यों लेकर आई है क्योंकि उसे मेरे लौड़े का स्वाद जो चखना था। मैं उसके मम्मों को दबाए जा रहा था और वह नागिन सी मचलती चली जा रही थी। 

मैंने उसे सोफे पर लिटा दिया और अपने एक हाथ की उंगली उसकी चूत में डाल दी। वह एकदम से सिहर उठी। मैंने देखा कि मेरी पूरी उंगली चूत में जा चुकी है और वह एक बार झड़ कर फ्री हो चुकी है।