हवस में आकर बेहेन की ही कर दी चुत चुदाई

हमेशा की तरह घर के सभी लोग साथ में टीवी देख रहे थे और साथ में ही मेरी बेहेन भी मेरे साथ में बैठी हुई थी। मेरी बेहेन का नाम ट्विंकल था और हम सभी उन्हें प्यार से टीनू बोलकर बुलाया करते थे। 

टीनू दीदी मुझसे बस एक साल ही बड़ी थी पर मै उन्हें दीदी ही कहकर बुलाया करता था। टीनू दीदी बाकि लड़कीओ से बहुत ही ज्यादा सुन्दर और आकर्षक थी जिन्हे देख कोई भी लड़का मोहित हो जाए। 

हमारे घर में भी हर घर की तरह रोमेंटिक सीन आने पर टीवी का रिमोट उठाकर चैनल बदल दिआ जाता था। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ जैसे ही टीवी पर किस करने का सीन आया पापा ने झट से रिमोट लेकर चैनल बदल दिआ। 

मै और दीदी इस वजह से कई बार कोई भी फिल्म पूरी तरह से नहीं देख पाते थे और कई बार एक दूसरे को देख हसने भी लगते थे। अब इस बात को कुछ दिन बीत गए और मम्मी पापा आज गांव जाने वाले थे। 

जमीन के सिलसिले में पापा मम्मी 2 दिन एक लिए बाहर ही रहने वाले थे। अब रात का समय था और मै और दीदी दोनों टीवी देख रहे थे और तभी टीवी पर रोमेंटिक सीन आना शुरू हो गए। 

मेने हमेशा की तरह टीवी का रिमोट लेते हुए चैनल बदलने की सोची पर जैसे ही मेने रिमोट उठाया दीदी ने मुझे रोका और कहा की मै भी पापा की तरह फिल्म  मजा बेकार ना करू। 

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बेहेन और मै दोनों को चढ़ गयी हवस

अब टीवी में दो लोग एक दूसरे को जोरो से किस कर रहे थे और यह सीन पता नहीं क्यों कुछ ज्यादा ही देर तक चलता रहा। मै और टीनू दीदी दोनों यह फिल्म अछे से देख रहे थे। 

दीदी और मै दोनों ही मजे लेते हुए टीवी देख रहे थे की तभी टीवी में किस सीन के बाद वह दोनों लोग बिस्तर पर आकर रक दूसरे को प्यार भी करने लगे। दीदी ने मेरी तरफ देखा और हम दोनों ही हसने लग गए। 

पर अब हम दोनों ही अच्छे से गरम हो गए थे और दीदी मेरे अब करीब भी थी। दीदी धीरे धीरे मेरे और भी करीब आयी और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लग गए। 

हवस हम दोनों पर ही सवार थी इसलिए हम भी फिल्म की तरह ही एक दूसरे के होठो को चूसे जा रहे थे। अब कुछ देर बाद ही मेने दीदी के बूब्स अपने हाथो से दबाने शुरू कर दिए और दीदी और भी ज्यादा गरम हो गयी। 

बिस्तर पे ही हम दोनों ने एक दूसरे के कपडे भी निकालना शुरू कर दिए और अब हम दोनों नंगे होकर एक दूसरे के बदन को चुम रहे थे। दीदी के बूब्स की निप्पलों को मै अपने मुह्ह से चूसे जा रहे था। 

दीदी की सांसे लम्बी होती जा रही थी और वही मेरा लंड भी बहुत टाइट हो गया था। अब दीदी ने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ते हुए उसे हिलाना शुरू कर दिआ और चुम्बन जारी रखा। 

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दीदी की चुत में डाल दिआ लंड और दीदी को अच्छे से चूसा

अब मै दीदी को चूमते हुए उनकी चुत की तरफ गया और दीदी की चुत में अपनी जीभ से चटाई शुरू कर दी। दीदी की चुत से पानी रिसने लगा था जो मेने अपनी जीभ से अच्छे से साफ़ कर दिआ। 

अब दीदी की चुत गीली हो चुकी थी और मेने अपना लंड टीनू दीदी की चुत की फांको में फ़िसलाना शुरू कर दिआ। दीदी कामुक हो गयी थी और अब दीदी ने मेरा लंड हाथ से अपनी चुत के छेद पर रख दिआ और मुझे धक्का मारने को बोला। 

दीदी की चुत में मेरा लंड एक ही बार में अंदर चला गया और अब मेने दीदी की चुत अच्छे से मारनी शुरू की। दीदी के बूब्स मेरी चुदाई से ऊपर निचे हो रहे थे और दीदी आंखे बंद करती हुई चुदाई के मजे ले रही थी। 

अपने होठो से मै दीदी को चूमते हुए उनकी चूत मे अपना लंड तेजी से अंदर बाहर कर रहा था और दीदी भी आहे लेती हुई मुझे मजे दे रही थी। कुछ देर यह चुदाई का सिलसिला चलता रहा और दीदी की चुत मारने के बाद मेरे लंड से सारा वीर्य मेने जमीन पर निकाल दिआ।  

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