चुत का कर दिआ बुरा हाल आशिक़ ने – 2 

वो मुझे बाइक पर बैठा कर अपने दोस्त के फ्लैट पर ले गया। दरवाजे से अन्दर घुसते ही उसने दरवाजा बंद किया और मुझे बांहों में ले कर किस करने लगा। फिर कुछ ही पलों में वो तो जैसे मुझ पर टूट ही पड़ा था। 

मेरी गर्दन पर, गाल पर होंठों पर उसने मुझे बहुत चूमा। उसने मुझे जकड़ रखा था, तो मैं उससे अलग ही न हो सकी। मगर मुझे उसकी बांहों में सुकून मिल रहा था। धीरे धीरे वो मेरे मम्मों को भी मसलने लगा। 

उसके बूब्स मसलने से मेरे बदन में एक लहर सी दौड़ गई। उस वक्त वो मुझे हमेशा की तरह प्यारा नहीं लग रहा था बल्कि एक प्यास बुझाने वाला देवता सा लग रहा था। मैं मस्त हो गई थी। 

जब वो मुझे किस करके हटा, तब उसने मुझे भूखे कुत्ते की तरह देखा, मैं डर सी गई। वो बोला- डरो मत बाबू, ये तो मेरे प्यार करने का तरीका है। मुझे जरा सुकून मिला। 

क्लासमेट की चुदाई का प्रोग्राम – 1

पहली चुदाई के दर्द का मिला मजा 

मैंने उससे कहा- कुछ होगा तो नहीं ना? आकाश- नहीं बाबू, मैं बहुत आराम से और कंडोम लगा कर करूंगा। तुम्हें कुछ नहीं होगा, सिर्फ मजा आएगा। अब तक मुझे सिर्फ ये पता था कि सेक्स भी कोई चीज होती है, लेकिन ये नहीं पता था कि Xxx चुदाई में इतना दर्द भी होता है। 

खैर … आकाश ने मुझे गोद में उठा लिया और बेडरूम में ले गया। उसने मुझे बड़े प्यार से बेड पर लेटा दिया। मैं इस सबको उसका प्यार समझ रही थी लेकिन मैं नहीं जानती थी कि ये बकरे को हलाल करने से पहले की तैयारी है। 

वो कुछ दो मिनट के लिए बाथरूम में गया। जब वापस आया तो मैंने पूछा। मैं- क्या करने गए थे? आकाश- कंडोम लगाने। मैं मुस्कुरा दी और मैंने भी जरा नॉटी होते हुए कहा- जब तोहफा मुझे मिलना है … तो छिपा कर गिफ्ट पैक करके दो या सामने पैक करो, आना तो मेरे पास ही है! आकाश खुश हो गया और बोला- अच्छा जी … अगली बार से ध्यान रखूँगा। 

इसके बाद वो खिलखिलाकर मेरे ऊपर चढ़ गया। पहले उसने बड़े रोमांटिक स्टाइल में मेरे होंठों को चूसा, फिर धीरे धीरे उसका हाथ मेरे मम्मों से होकर कमर तक आ गया। वो मेरी कमर को मसल रहा था। 

थोड़ी देर बाद मुझे महसूस हुआ कि उसने मेरी पैंटी में अपना हाथ घुसा दिया है। वो अब मेरी चूत पर अपनी उंगलियों को फिराने लगा। ऐसा करने से मैं सिहरने लगी। 

मेरे होंठों पर एक नशीली खुमारी सी चढ़ने लगी। लगभग दो मिनट ऐसा करने के बाद वो खड़ा हुआ और मेरा सूट सलवार निकालने लगा। मैं भी मदहोश हो गई थी तो विरोध करने का तो सीन ही नहीं था। 

क्लासमेट की चुदाई का प्रोग्राम – 2

चुत में घुसा दी बॉयफ्रेंड ने ऊँगली

जब वो मेरे कपड़े उतार रहा था तो मैंने अंडरवियर में से ही उसका बड़ा लंड महसूस किया। जब मेरे सारे कपड़े निकल गए, तब मेरे गोल मटोल छोटे छोटे अमरूदों की साइज़ के मम्मे देख कर वो मचल गया। 

वो बोला- बाबू, अब देखो मैं कैसे इन्हें दबा दबा कर प्रगति के पथ पर ले जाता हूं। वो मेरे बूब्स को जोर जोर से दबाने लग गया और चूसने लगा। बीच बीच में आकाश मेरी चूचियों को इतनी जोर से मसल देता, जिससे मुझे दर्द भी होने लगता। 

वो दर्द मुझे आज भी याद है। मैंने कहा- बड़ा दर्द हो रहा है बाबू। उसने कहा- प्यार का दर्द है बेबी … मीठा मीठा प्यारा प्यारा। पर उस भोसड़ी वाले को कौन बताए कि उसके प्यार के मीठे दर्द के चक्कर में मेरे मम्मों की चटनी बन रही थी। 

उसने मेरे दोनों बूब्स को अच्छे से मसलने के बाद खूब चूसा और काटा भी था, जिसके काटने का एक निशान आज भी मेरे लेफ्ट दूध पर बना हुआ है। साला बड़ा मादरचोद आशिक़ था, चुदाई की निशानी भी छोड़ गया। 

फिर वो उठा, उसने मेरी चूत पर एक बार उंगली फिराई और एकदम से उंगली चूत में डाल दी। मेरी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी; उसकी उंगली फिसल कर फटाक से अन्दर चली गई। 

अब तो दो सेकंड बाद उसकी उंगली चूत में अन्दर बाहर होने लगी। वो इतनी तेज़ फिंगर करने लगा था कि फच घच की आवाज सुनाई देने लगी।

चुत का कर दिआ बुरा हाल आशिक़ ने – 3 

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