दोस्त की हॉर्नी मम्मी की करि चुदाई – 1

मेरे दोस्त का नाम निखिल था और वह मेरे बचपन का दोस्त था। हम दोनों काफी लम्बे समय से साथ थे और वह मुझे एक भाई जैसे मानता था। हम दोनों स्कूल में भी साथ में पढ़ते थे जिससे हमारा ज्यादातर समय साथ ही जाता था। 

हम दोनों का एक दूसरे के  घर आना जाना भी चलता ही रहता था और वह मुझे अपने घर पर ही मिलता था। पर एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद मेने उसके घर पारा जाना और भी ज्यादा कर दिआ। 

तो बात कुछ ऐसी हुई की एक दिन मै निखिल के घर गया हुआ था और जब मै उसके घर पंहुचा तो वह अपने घर पर नहीं था। आज ऐसा पहली बार हुआ था तो मुझे यह बहुत ही बेकार लगा। 

अब मेने निखिल की मम्मी को आवाज लगाई और आंटी से यह पूछा की निखिल आज कितनी देर बाद घर पर आएगा।  उन्होंने मुझे कहा की वह आज शाम के बाद ही घर आएगा। 

अब मुह्ह सड़ाता हुआ में वापस घर जाने के लिए मूड गया और पीछे से अब आंटी ने मुझे आवाज लगाई की मै कुछ खा कर वापस चला जायु। अब मेने भी यह सोचा की घर जाने से अच्छा है की मै कुछ खाकर ही वापस जायु। 

इसलिए मै भी अब रुका गया और आंटी ने मुझे बिस्तर पर बिठा दिए और खुद रसोई में चली गयी। आंटी कुछ ही देर में मेरे  लिए कुछ खाने के लिए ले आयी और खुद भी मेरे पास बैठ गयी। 

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आंटी ने करि मुझसे गन्दी बाते 

अब आंटी ने मुझसे बाते करना शुरू कर दिआ की मै और निखिल कबसे साथ है  निखिल मेरे बारे में बहुत ज्यादा बाते  करता है। मेरा ध्यान भी अभी बस खाने पर था और मै खाने में लगा हुआ था। 

अब आंटी ने  कुछ ही देर बाद मुझे कहा की क्या निखिल की कोई लड़की दोस्त भी है ? मै यह सुनते ही चौक गया क्युकी आज से पहले मेने आंटी को इतने प्यार से बाते करते हुए नहीं देखा था। 

अब मेने आंटी को ना में जवाब दिआ और आंटी ने अब मुझसे बह यह पूछा की क्या मै किसी लड़की को पसंद करता हु ? मेने फिर से आंटी को ना कहा और अब अब मुझे थोड़ी सी हसी भी आ गयी। 

आंटी भी मेरे साथ हसने लगी और उनसे भी मेरी अछि दोस्ती हो गयी थी और  हम दोनों एक दूसरे से काफी बातें कर रहे थे। अब आंटी ने एकदम मुझसे पूछ लिआ की मुझे किसी लड़कीअ पसंद है ?

मेने आंटी से कहा की आंटी मुझे अच्छे स्वभाव वाली और सीधी सदी लद्किआ ही पसंद है। अब आंटी हसी और मुझे रोकते हुए बोलने लगी की मुझे दिखने में किस तरह की लद्किआ पसंद है। 

अब मै थोड़ा रुकता हुआ बोलने लगा की मुझे गोरी और मोटी लद्किआ पसंद है। अब आंटी ने मुझे कहा की मै उन्हें अपना दोस्त ही समझू और बिना सोचे बस सबकुछ बोल दू क्युकी वह यह बात किसी से नहीं बोलेंगी। 

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आंटी ने पूछी मेरे दिल की बात 

अब मेने आंटी से कहा की मुझे ऐसी लड़कीअ पसंद है जो की दिखने में सीधी हो और उनका जिस्म एकदम आगे से पीछे तक बराबर हो। आंटी ने अब कुछ देर सोचा और कहा की वह ऐसे समझ नहीं पा रही है। 

उन्होंने मुझे कहा की मै उन्हें देखते हुए बतायु की मुझे केसा जिस्म अच्छा लगता है। मै थोड़ा डर तो रहा था पर मेने भी अब हिम्मत करते हुए आंटी को देखा और कहा की मुझे उनके आगे की हिस्से से ज्यादा प्यार है पर उनकी गांड थोड़ी कम है। 

आंटी ने मुझे देखा पर कुछ नहीं कहा और हस्ते हुए कहा की क्या आगे से मै उन्हें सच में पसंद करता हु। मेने हां में जवाब दिआ और आंटी से कहा की हां उनके बूब्स बहुत सुन्दर है पर अगर उनकी गांड थोड़ी और मोटी होती तो वह बहुत सेक्सी लगती। 

आंटी ने मुझे कहा की उनकी गांड इतनी भी पतली नहीं है और मुझे उन्हें सही से देखना चाहिए। आंटी ने अपनी गांड को पकड़ते हुए कहा की देखो यह काफी मोटी है और कपड़ो में सही से दिख नहीं रही है। 

अब आंटी मेरे काफी पास आगयी और मेरे हाथ को पकड़ते हुए अपनी गांड पर लगया और मुझे कहा की देखि यह कितनी मुलायम और मोटी है और कपड़ो की वजह से मै उन्हें सही से नहीं देख पा रहा हु।

अब आंटी थोड़ा सा झुकी और आंटी ने अपनी सलवार का नाडा खोल दिआ जिससे  उनकी  गोल गोल गांड मेरे सामने नंगी हो गयी। अब शर्म करते हुए मेने अपनी आंखे बंद कर ली। 

आंटी मुझे देखके हसने लग गयी और उन्होंने मुझे कहा की मुझे यह करने की जरुरत नहीं है और हम दोनों अब दोस्त है और दोस्त में यह सब चलता है। 

दोस्त की हॉर्नी मम्मी की करि चुदाई – 2

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