पड़ोस की भाभी का नया सूट – भाभी को कर दिआ कामुक 

हमारे मोहल्ले में कुछ ही दिन पहले एक शादीशुदा जोड़ा रहने के लिए आया था। उनको यहाँ आये हुए अभी बस 1 ही महीना हुआ था और वह किसी को अच्छी तरह से जानते भी नहीं थे। भाभी का नाम खुशबु था जो दिखने में बहुत ही ज्यादा सुन्दर थी। 

यु तो खुशबु भाभी गांव की थी पर दिखने में किसी हेरोइन से कम नहीं थी। भाभी ज्यादा किसी से बात भी नहीं किआ करती और ज्यादातर अंदर ही रहा करती थी। एक दिन मै यु ही अपना फेसबुक चला रहा था की तभी मुझे भाभी का अकाउंट भी फेसबुक पर मिल गया। 

मेने झट से भाभी को अपने दोस्त बनाने की अर्जी फोन पर दे दी और कुछ ही देर बाद भाभी और में फेसबुक पर दोस्त बन गए। मेने भाभी से शुरू में अछे से बात  की।  मेने भाभी से साडी बाते पूछ डाली थी वह कहा से है और भैया घर कब आते है बाकि और भी बहुत कुछ। 

अब भाभी और में जब भी गली में दीखते एक दूसरे से थोडू बहुत बाते कर लिआ करते थे। भाभी धीरे धीरे मुझ से घुल मिल गयी और अब मै भी भाभी से रोज बाते करने लग गया। भाभी दिन पे दिन सेहतमंद होती जा रही थी इसलिए मेने उन्हें एक दिन बात करते हुए मोटा कह दिआ। 

भाभी एकदम मुझ पर गुस्सा हो गयी और मेने उन्हें मनाने के लिए उनकी तारीफ करना शुरू कर दिआ। भाभी की मेने बहुत तारीफ करि की वह बहुत सुन्दर है और मुझे पसंद भी है जिसके बाद भाभी मान गयी और मुझसे खुश भी हो गयी। 

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भाभी का जिस्म कर दिआ पूरा गरम

अब एक दिन की बात है भाभी अपना सूट वापस लेकर टेलर के पास से आ रही थी। मेने उन्हें रोकते हुए पूछा की वह कोनसे कपडे लायी है। अब भाभी ने मुझे कहा की वह बाद में मुझे बताएंगी। मेने घर जाकर भाभी को मेसेज किआ और उनसे सूट के बारे में पूछा। 

भाभी ने मुझे बताया की उन्होंने वह सूट टेलर को टाइट करने के लिए दिआ था जिससे उनकी फिटिंग सही हो जाये। अब मेने भाभी को चिढ़ाने के लिए फिर से मोटा कह दिआ। भाभी ने मुझे कहा की इस सूट में मै मोती भी बहुत सुन्दर लगती हु जिससे तुम्हारे भइया भी फ़िदा हो जाते है। 

अब मेने भाभी से कहा की मै यह बात नहीं मानता क्युकी मैने उन्हें कभी वह सूट पहने नहीं देखा है। भाभी ने मुझे कुछ फोटो भेजी और देखने को कहा। मेने भाभी से कहा की फोटो ज्यादा साफ़ नहीं है और उनमे कुछ दिख भी नहीं रहा है।

अब भाभी  तुम सीधा घर ही आ जाओ और सूट खुद ही देख लो। मेने तुरंत अपना फोन जेब में डाला और गली को साफ़ देखता हुआ भाभी के घर पहुंच गया और अंदर चला गया। मैने अंदर जाकर भाभी को कुछ आवाजे लगाई। 

अब पर्दा हटाते हुए भाभी अपने सूट में बाहर आयी जो की उनके बदन से पूरा चिपका हुआ था। भाभी के सूट में बाजू भी नहीं जिससे वह और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी। अब भाभी ने मुझसे पूछा की वह किसी दिख रह है। मेने भाभी को बहुत ही सुन्दर बताया और उन्हें बस देखता रहा। 

अब भाभी ने कहा की पर इस सूट में एक छोटी की दिक्कत है। मेने भाभी से पूछा की कैसी दिक्कत। भाभी ने मुझे कहा की इस सूट की डोरिया बहुत ही ज्यादा निचे है इसलिए मुझसे खुद बंदति भी नहीं है। 

मेने भाभी से कहा की नहीं यह सूट बहुत ही ज्यादा प्यारा है और यह डोरिया मै अभी बाँध देता हु। भाभी ने पहले कुछ देर सोचा और बाद में बाद में मुझे अंदर आने को कह दिआ और डोरिया बांधने को बोला। 

मेने अब अपने दोनों हाथो में एक एक डोरी ली और बांधना शुरू कर दी। भाभी की पीठ दूध जैसी गोरी थी जिसपर मै अपने हाथ जानबूझकर लगा रहा था। अब मेने जैसे फिल्मो में देखा था वैसे ही भाभी की भाभी की पीठ पर हाथ फेर दिआ। 

भाभी ने मुझे कोई भी विरोध नहीं किआ और मेने अब डोरी छोड़ते हुए भाभी की पीठ को सहलाना शुरू कर दिआ। अब मेने भाभी को शीशे में देखा तो भाभी भी मेरे हाथो को पूरा मजा ले रही थी और अपनी आंखे बंद किये हुए थे। 

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अब मेने भाभी के कंधो को पकड़ा और उन्हें अपनी तरफ घुमा दिआ। भाभी ने अपनी आंखे भी नहीं खोली थी और मेने अपने होठ भाभी के होठो से मिला दिए। भाभी भी पूरी गरम हो चुकी थी और मेरे होठो का रसपान करने लगी थी। 

भाभी के सूट के ऊपर से ही मेने अब अपना हाथ उनके बूब्स पर रखा और दबाना शुरू कर दिआ। भाभी ने एक गहरी सास भरी और मुझे और जोर से चूमने लगी। भाभी मेरे होठो को बस चूसे ही जा रही थी और अब मेने भाभी के गले पर चुम्बन करने शुरू कर दिए। 

भाभी ने मुझे अपनी बाहों में ले लिए और मेने उनका सूट पीछे से उठा दिआ। भाभी मेरा इशारा समझ गयी और ऊपर करते हुए अपना सूट निकाल दिआ। भाभी की जाली वाली ब्रा मेने अपने हाथो खोल उनके नितम्ब आजाद कर दिए। 

भाभी को अब मेने बिस्तर पर लिटा दिआ और उनकी सलवार का नाडा खोलकर सलवार को भी उतार दिआ। भाभी मेरे सामने अब पूरी नंगी हो चुकी थी। और उनका सफ़ेद बदन मुझे अपनी और खींच रहा था। 

मेने भी अपने सरे कपडे निकाले और भाभी के ऊपर चढ़ गया। भाभी के दोनों नितम्बो के निप्पल चूसने हुए में उन्हें भरपूर प्यार दे रहा था। भाभी भी कामवासना में तड़पती हुई बिस्तर पर लेटी थी और मेने अपना एक हाथ भाभी की पैंटी ने डाल दिआ। 

भाभी की चूत पहले से ही गीली हो गयी थी और मेने अपनी उंगलिओ से भाभी को चूत भी रगड़नी शुरू कर दी। भाभी मेरे लंड की प्यासी हो चुकी थी और मेने अपना कच्छा भी निकल लंड को पूरा खड़ा कर लिआ। 

भाभी की चूत की गीली फांको के बिच मेने अपना लंड रगड़ा जिससे भाभी और भी तड़प में आ गयी। मेने एक जोर के धक्के से भाभी की चूत चीरते हुए अपना लंड अंदर डाल दिआ। भाभी दर्द से थोड़ा पीछे हो गयी पर मेने अपने धक्के मारने शुरू कर दिए। 

कुछ ही देर बाद भाभी भी मेने लंड का मजा लेने लगी।  मै भी भाभी की चूत की चुदाई पूरे जोरो शोर से कर रहा था और हम दोनों को आहे कमरे में गूँज रही थी। भाभी के बूब्स मेरी चुदाई से ऊपर निचे हो रहे थे जिन्हे भाभी बार बार पकड़ रही थी। 

भाभी की हालत अब बुरी हो गयी थी और वह चुदाई करवाते हुए आह आह करने लगी थी। भाभी अपनी चूत पर हाथ से रगड़ रही थी और मै वही अपना लंड भाभी की चूत में तेजी से अंदर बहार कर रहा था। 

भाभी ने अब तेज तेज आहे लेना और चिल्लाना शुरू कर दिआ और मुझे और तेज चुदाई करने को कहने लगी। मेने भी अपनी चुदाई की रफ़्तार बढ़ाई और भाभी ने कुछ ही देर बाद जोर की आह्ह्ह्हह करते हुए अपनी चूत से पानी छोड़ दिआ। 

मेरा लंड अभी भी खड़ा था जिसको भाभी ने पकड़ अपने मुह्ह में भर लिआ और जोरदार चुदाई करने लगी। भाभी ने कुछ ही मिनट में मेरे लंड की बुरी हालत कर दी और मेरा सारा वीर्य उनके मुह्ह में ही निकल गया। 

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