विधवा भाभी की मस्त चुत – 4

भाभी को चुदाई की बहुत जल्दी थी तो उन्होंने मुझसे प्यार से कहा- तुम मुझे ज्यादा मत तड़पाओ प्रवीण, जल्दी से मेरी चुदाई करो, मुझसे रहा नहीं जा रहा है। अपना लंड अन्दर डाल दो और मेरी जी भरके चुदाई कर दो। 

मैं तुमसे कुछ नहीं बोलूंगी और न ही कोई शिकायत का मौका दूँगी। भाभी की इस तरह की बात सुनने के बाद मैंने उनके सामने अपनी बात रखते हुए कहा- नम्रता मुझे हर रोज तुम्हारी चुदाई करना है, हर रोज मुझे चूत चोदने मिलेगी या नहीं? 

उन्होंने तुरंत कहा- हां ठीक है, मैं हर रोज तुमको चोदने को दूँगी, लेकिन पहले अभी मुझे चोदना शुरू करो। मैंने तुरंत ही भाभी की चूत में अपना लंड घुसाना शुरू कर दिया। भाभी की चूत मेरे लंड के लिए एकदम पसीज रही थी। 

जैसे जैसे मेरा लंड भाभी की चूत में अन्दर जा रहा था, वैसे वैसे ही हम दोनों को हल्का हल्का दर्द हो रहा था। मगर भाभी और मैंने इस मीठे दर्द को सहन करते हुए एक दूसरे का साथ देना जारी रखा। 

अंततः मेरा पूरा लंड भाभी की चूत में अन्दर जड़ तक जाकर समा गया। कुछ पल लंड को चूत की गर्मी का अहसास दिलाने के बाद मैंने अपना लंड भाभी की चूत में धीरे-धीरे चलाना शुरू कर दिया। 

भट्टी जैसी भाभी की चुत – 1

चुदाई का मजा लेने लगी भाभी

कुछ देर बाद भाभी का दर्द कम होने लगा और वो भी चुदाई का आनन्द उठाने लगीं। भाभी ने मेरा पूरा सहयोग देना आरम्भ कर दिया। भाभी ने अपनी टांगें पूरी तरह से फैला दी थीं और मेरे लंड को अंत तक लेने लगी थीं। 

\इसी के साथ भाभी ने मुझको बहुत जमकर जकड़ा हुआ था। वो लंड से चुदने की खुशी के साथ मुझसे कहे जा रही थीं- आंह अच्छा लग रहा है प्रवीण … ऐसे ही मेरी चुदाई करते रहो … आंह मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। 

मै भी पूरी ताकत से भाभी की चुदाई करते हुए आनन्द ले रहा था। तकरीबन बीस मिनट की चुदाई के बाद भाभी पूरी तरह से झड़ गई थीं और थक कर निढाल हो चुकी थीं। मगर मैं अभी भी अपने लंड को चूत के हाइवे पर दौड़ा रहा था। 

मेरी खुशी के लिए भाभी ने मेरा साथ देना जारी रखा। हालांकि ये दौड़ ज्यादा देर तक न चल सकी और भाभी के झड़ने के दो मिनट बाद मैं भी कगार पर आ गया। मैंने अपने वीर्य की पिचकारियां भाभी की चूत में ही निकाल दीं और भाभी के ऊपर ही सो गया। 

मेरा वीर्य चूत में गिरते ही भाभी एकदम से डर गईं और बोलने लगीं- तुम झड़ने वाले थे, तो तुमने अपना लंड मेरी चूत से बाहर क्यों नहीं निकाला? अगर मैं तुम्हारे बच्चे की मां बन गई तो लोग मुझे क्या कहेंगे? मैंने भाभी को शांत करते हुए कहा- कुछ नहीं होगा, डरो मत नम्रता, मैं सदैव तुम्हारे साथ हूँ। 

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रोज करवाना चाहती थी भाभो चुदाई 

मैं तुम्हारी गर्भावस्था की जांच की किट लाकर दे दूंगा, तुम जांच करके देख लेना। अगर तुम गर्भवती हो गईं, तो मैं तुम्हें डॉक्टर के पास ले जाऊंगा। फिर डॉक्टर के हिसाब से तुम दवाई खा लेना। 

ये सुनकर भाभी थोड़ी शान्त हो गईं और बोलने लगीं- मुझे तुम पर पूरा भरोसा है प्रवीण। मुझे तुम्हारे रहते डरने की जरूरत नहीं है। तुम जब चाहो, तब मैं तुम्हारे साथ चुदाई करने के लिए तैयार हूं। 

मैंने मजाक में कहा- आज के बाद मैं तुम्हारे साथ कभी भी चुदाई नहीं करूंगा। भाभी- तुमको नहीं करना है लेकिन मैं तो रोज चुदाई करवाना चाहती हूं। मेरे पति ने तुम्हारी तरह कभी भी मेरी चुदाई नहीं की थी। 

वो तो कुछ ही मिनट में झड़ जाते थे। तुम बहुत अच्छी तरह से चुदाई करते हो, मैं आज बहुत खुश हूं। मैंने कुछ नहीं कहा। फिर भाभी मुझसे पूछने लगीं- अभी तक तुम कितनों की चुदाई कर चुके हो? 

मैंने भाभी से झूठ बोलते हुए कहा- नम्रता, तुम पहली औरत हो। इससे पहले मैंने किसी के साथ चुदाई नहीं की थी। मेरी बात सुनकर भाभी बड़ी खुश हो गई थीं। इस तरह से हम दोनों बात करते-करते एक दूसरे के बांहों ही सो गए। 

दो घंटे के बाद मेरी नींद खुल गई। मैंने भाभी को भी उठा दिया और एक बार फिर भाभी की चुदाई करना चालू कर दी। सुबह होने को थी तो मैंने भाभी को चूमा और अपने कपड़े पहन कर घर आ गया। 

अब तो मैं रोज भाभी के साथ सोने के लिए और उनकी चुदाई करने जाता हूं। कभी कभी भाभी और मैं ऑफिस में भी जगह और मौक़ा देख कर जल्दी वाली चुदाई कर लेते हैं। भाभी और मैं एक दूसरे को बहुत खुश रखते हैं। 

फ्री भाभी सेक्स के बाद उनको हमेशा एक बात का डर रहता है कि कहीं वो गर्भवती ना हो जाएं। अब भाभी मुझे अपनी पत्नी की तरह लगती हैं, इसलिए मैं भाभी की हर जरूरत को पूरा करने की कोशिश करता हूँ ताकि भाभी मुझे हमेशा अपनी चूत चोदने को देती रहें। 

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