मकानमालिकिन की बेटी को दिआ मेरा मोटा लंड – 1

मैं सागर, मुंबई में रहता हूं और 30 साल का हूँ। वैसे मैं नासिक से हूँ, पर मुंबई में पढ़ाई के लिए जाता हूं। मेरा लंड ज्यादा बड़ा नहीं, सामान्य ही है। पर हां इतना कह सकता हूँ कि मैं जिसकी भी चुदाई करूंगा, वो मुझसे पूरी तरह से संतुष्ट हो जाएगी। 

अन्तर्वासना पर ये सेक्स कहानी पहली बार सुना रहा हूँ। यह बात आज से 6 महीने पहली की है। मैं जहां पहले रहता था, वो जगह कुछ मुफीद नहीं थी इसलिए मैंने एक अपार्टमेंट में रूम किराए पर ले लिया। 

उसका मालिक उस अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर रहता था। मैंने उस अपार्टमेंट में पांचवें माले पर रूम किराए पर ले लिया। हमारे इस अपार्टमेन्ट में पानी की बहुत किल्लत थी। हम सभी सुबह सिर्फ एक घंटा पानी मिलता था। 

उसी दौरान मुझे इस सेक्स कहानी की नायिका मतलब निकिता मिली। निकिता मेरे मकान मालिक की बेटी थी। हुआ ये कि निकिता रोज सुबह छत पर आती थी। वो किराएदारों के लिए टंकी का पानी छोड़ने और बंद करने दो बार आती थी। 

जब पानी छोड़ कर वो जब नीचे आती, तब सभी रूम को चैक करती थी कि कहीं पानी खराब तो नहीं किया जा रहा है। ऐसे ही एक दिन मैं नल बंद करना भूल गया। सुबह निकिता ने मेरे रूम का दरवाजा खटखटाया। 

मैं उस वक़्त गहरी नींद में था और सिर्फ अंडरवियर में था। सुबह सुबह मेरा लंड पूरा खड़ा था, जिससे अंडरवियर में मेरे लंड में तंबू बना हुआ साफ़ दिखाई दे रहा था। जैसे ही मैंने दरवाजा खोला, तो सामने निकिता को देखा। 

मैंने उसे पहली बार देखा था। उसकी नजर मेरे खड़े लंड पर टिक गई थी। मैंने उससे पूछा- जी बताएं? मगर वो बस मेरे लंड को ही देखे जा रही थी। मैंने उसकी नजरों का पीछा किया तो मुझे शर्म सी आई और मैंने झट से एक तौलिया लपेट लिया। 

उससे मैंने फिर से पूछा कि जी आपको कौन चाहिए? उसने मुझे देखते हुए कहा- आपके रूम का नल चालू है, बंद कर दीजिए। मैं मकान मालिक की बेटी हूँ। इतना बोल कर वो शर्माकर नीचे चली गई। मैंने भी दरवाजा बंद कर लिया। 

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निकिता ने बोल दिआ मेरे परपोज को हां 

मुझे बहुत अजीब लग रहा था, पता नहीं निकिता मेरे बारे में क्या सोच रही होगी। मैं कुछ दिन तक उसके सामने नहीं आया। फिर एक दिन शाम को मैं अपने रूम में जा रहा था, तब निकिता ने मुझे रोक किया। 

उसने मुझसे पूछा- तुम यहां कितने दिन रहने वाले हो? मैंने बताया तो उसने इसी सम्बन्ध में कुछ और जानकारी ली और मुझसे मेरा नम्बर ले लिया। उसने ये बोल कर नम्बर लिया था कि हमें सभी किराएदारों का नम्बर लिख कर रखना होता है। 

मैंने उसे मेरा नम्बर दे दिया। अब मैं आपको निकिता के बारे में बता देता हूँ। निकिता एक घरेलू कामकाजी लड़की है। उसकी उम्र 23 साल है। हाल ही में उसने अपनी डिग्री की पढ़ाई पूरी की है। 

निकिता का फिगर 34-30-36 का है। जो बाद में मैंने खुद अपने हाथों से नापा था। उसे अपना फोन नम्बर देने के बाद मैं सीधा अपने रूम में आ गया। फिर दो दिन बाद रात को मेरे मोबाइल पर एक मिस कॉल आया। 

मैंने वापस कॉल किया, तो उधर से एक मीठी सी आवाज आई- हैलो सागर, कैसे हो? पहले तो मैंने उसे नहीं पहचाना। उसने अपना नाम बताया, तब मुझे पता चला कि वो निकिता बोल रही है।

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चुत चटाई से झप गयी निकिता 

उस दिन से हमारी दोस्ती हो गई। मैं अब निकिता को रोज उसके आने के टाइम पर दरवाजे पर आकर उसे गुडमॉर्निंग बोलने लगा। कभी कभी सुबह सुबह निकिता मुझे गुड मॉर्निंग बोलने मेरे रूम पर आने लगी। 

उसकी बातों से मुझे लगने लगा कि ये फंसने के मूड में लग रही है तो मैं भी उसे पटाने की सोचने लगा। मैंने ध्यान दिया कि निकिता का ध्यान ज्यादातर मेरे लंड पर रहता था। मैंने ये देख कर एक दिन एक तरकीब लगाई और ऐसे ही दोस्ती में मैंने उसे प्रपोज कर दिया। 

उसने बिना देर किए मुझे हां बोल दिया। हम दोनों एक दूसरे से मुहब्बत करने लगे। मैंने उसे एक दिन अपनी बांहों में खींच कर चुम्बन कर लिया तो वो बोली- बड़ी देर बाद चुम्मी लेने की याद आई। मैं झेम्प गया। 

अब रोज ही हमारी किस करना, बांहों में समाना शुरू हो गया। निकिता मुझे ज्यादा कुछ नहीं करने देती थी, बस वो पानी चालू करके मेरे कमरे में आ जाती थी और हम दोनों अपनी प्रेम लीला शुरू कर देते थे। 

हालांकि मैंने बहुत कोशिश की मगर उसने मुझे इससे आगे नहीं बढ़ने दिया। मैं भी सोचता रहा कि आज चुम्मी दे रही है तो कल चूत भी देगी। फिर एक दिन की बात है, जब निकिता छत से नीचे आ रही थी। 

वो हमेशा की तरह मेरे रूम में आ गई। उस दिन उसने स्कर्ट और टी-शर्ट पहना हुआ था। निकिता जैसे ही मेरे रूम में आई, मैंने झट से उसको पकड़ कर दीवार से सटा दिया। 

वो मुझे जब तक रोकती तब तक मैंने नीचे से उसकी स्कर्ट में घुस गया और उसकी पैंटी साइड में करके चूत को किस करने लगा। निकिता एकदम से हड़बड़ाने लगी। मगर मैं लगा रहा। शुरुआत में उसने मेरा सर अलग करने की बहुत कोशिश की पर मैंने उसको कस कर पकड़ा हुआ था। 

वो कुछ न कर सकी और कुछ ही देर में वो बहकने लगी। उसने अपने आपको मुझे सौंप दिया। मैंने पांच मिनट तक उसकी चूत को चूसा और उसे छोड़ दिया। निकिता वैसे ही खड़ी रही और तेज तेज सांसें लेने लगी।

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