कॉलेज की दोस्त की चुदाई – 3

उसी वक्त उसके पापा उठ गए और फ्रेश होने के लिए चले गए। फिर करीना उठकर अपने पापा को खाना खिलाने चली गई। तब तक मैं कम्प्यूटर के सामने ही बैठा अपना काम कर रहा था। 

लगभग आधे घंटे से भी ज्यादा समय बीत गया था। इधर मेरा ध्यान सिर्फ  करीना के पापा पर था कि वो क्या कर रहे हैं। थोड़ी देर बाद पता चला कि अंकल को अभी काम पर जाना है। 

आज उनकी बारी दूसरी शिफ्ट में काम करने की है। जैसे ही मुझे इस बात का पता चला तो मेरे मन में लड्डू फूटने लगे और एक बार फिर से मेरे लंड में हलचल होने लगी। 

मैं अब मेरा काम जल्दी-जल्दी निपटाने की कोशिश करने लगा ताकि आज ज्यादा समय एक कच्ची, कुंवारी कली को दे सकूं। ऐसा सोच ही रहा था तभी अचानक  करीना के पापा मेरे पास आए और मुझे पूछा- क्या गड़बड़ है इसमें … और इसे ठीक होने में कितना समय लगेगा? 

मैंने अंकल को बताया कि वायरस के वजह से कम्प्यूटर स्लो हो गया है लेकिन अभी मैं इसको स्कैन कर रहा हूं और थोड़ी देर में हो स्कैन हो जाएगा। अगर नहीं हुआ तो मैं कम्प्यूटर को पूरा फॉर्मेट कर दूंगा। 

उसके कुछ देर बाद अंकल अपने काम पर चले गए। अंकल के जाने के बाद जैसे ही  करीना ने घर का दरवाजा अंदर से बंद किया और मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी। अब घर सिर्फ हम दोनों ही थे।  करीना दरवाजा बंद करके मेरे पीछे वाले बेड पर आकर बैठ गई। अब मेरा शैतान मन भी कम्प्यूटर के काम में नहीं ही लग रहा था। 

लेकिन फिर भी मैंने जैसे-तैसे काम अपना काम खत्म किया। अंकल के जाने के बाद अभी तक हम दोनों खमोश थे। अपना काम खत्म करके मैं भी  करीना के पास जाकर बैठ गया। हम अब भी चुप थे। 

कॉलेज की दोस्त की चुदाई – 2

अंकल चले गए काम पर

मैं पहल करते हुए उठा और अपने साथ  करीना को भी उठाया। अब हम दोनों आमने सामने थे एक दूसरे को देख रहे थे। मैंने ज्यादा देर ना करते हुए झट से  करीना को गले लगा लिया। 

उधर  करीना भी अपनी बांहें फैला कर मेरे सीने से लग गयी। अब हम दोनों एक दूसरे की सांस, धड़कन महसूस कर रहे थे। उसकी तेजी से बढ़ती हुई धड़कन मुझे महसूस हो रही थी। 

वो अब भी मेरे बाहों में थी और मैंने उसे गर्दन की पिछली तरफ चूम लिया। उसी वक्त वो सिहर उठी और उसने मुझे और जोर से कस कर पकड़ लिया। मैं भी ऐसे ही चूमते चूमते गर्दन से उसके गाल पर आ गया। 

फिर माथे पर किस किया और धीरे धीरे मैंने दोनों हाथों से उसके दोनों गालों के नीचे पकड़कर उसका सिर ऊपर उठाया। वो बिल्कुल किसी नई नवेली दुल्हन की तरह शर्मा रही थी.

उसकी आँखें बंद थी और उसकी सांसें तेजी से चल रही थी। मैं कुछ क्षण रुका और उसे देखता रहा फिर मैंने धीरे धीरे अपने होंठ उसके गुलाबी होंठ पर लगाए। कुछ समय तक तो वो सिर्फ अपनी आंखें बंद करके खड़ी थी। 

मेरा साथ नहीं दे रही थी। लेकिन होठों के मिलन के बाद वो मेरा साथ देने लगी और हम दोनों लंबे समय तक ऐसे ही स्मूच किस कर रहे थे। धीरे धीरे किस करते करते मैंने एक हाथ से उसकी बूब्स  मसलनी शुरू कर दी। 

इस कारण वो और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगी। ज्यादा देर न करते हुए और समय की नज़ाकत को समझते हुए अब मैं उसके पीछे गया और दोनों हाथों से उसका टॉप आगे से ऊपर किया। 

उसने अंदर एकदम मस्त स्पोर्ट्स वाली ब्रा पहनी थी, उसके ऊपर से ही मैं बूब्स  मसलने लगा। उसकी वो बड़ी बड़ी बूब्स  ब्रा से बाहर आने को मचल रही थी। मुझे भी उन पर दया आ गयी और मैंने उन चूचियों को बिना देर करते हुए ब्रा से आज़ाद कर किया। 

उसके काले काले निप्पल बहुत ही कड़क हो गए थे। अब मेरे हाथ निप्पल को धीरे धीरे छेड़ रहे थे। मैं कभी उसे बूब्स को जोर से दबा देता तो कभी मालिश करता था तो कभी निप्पलों को मसल देता। 

सौतेले बेटे तो बनाया अपने अकेलेपन का साथी – 1

चूचिया दबाते हुए किआ करीना को गरम

अब तक मैं पीछे से ही उसकी बूब्स  मसल रहा था, उसने दोनों हाथ ऊपर करके मेरे सिर को पकड़ रखा था। वो कभी मेरे बालों को नोच रही तो कभी मेरे सिर को अपनी ओर खींचती। 

ऐसा करते करते पूरे कमरे में अब सिर्फ हम दोनों की मादकता भरी सांसों की आवाज गूंज रही थी। हम दोनों भी बहुत कामुक हो गए थे। मेरा लंड एकदम तना हुआ था जो उसकी गांड में घुसने की कोशिश कर रहा था। 

अब उसने अपना एक हाथ नीचे किया और पीछे मेरे लंड के ऊपर रख दिया और पैंट के ऊपर से ही उसे दबाने लगी। जैसे ही  करीना ने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और दबाने लगी, मेरे शरीर में एक करंट जैसा कुछ महसूस हुआ। 

इसी जोश ने मुझे और उकसा दिया और मैंने उसकी बूब्स  और जोर से, ताकत लगा कर मसलने लगा। उसके बड़े संतरे जैसे बोबे मेरे हाथों में भी नहीं समा रहे थे। 

मैं बार उसके निप्पल बाइट कर रहा था उसकी वजह उसे दर्द हो रहा था। लेकिन वो भी पूरे मजे ले रही थी और मादकता भरी आवाज़ में बोल रही थी- आहह … आआआ … धीरे करो ना, दर्द हो रहा है! 

उसकी ऐसी आवाज सुनकर मेरा जोश दोगुना और बढ़ गया। मैंने इस बार ज्यादा ताकत लगा कर उसके बूब्स मसलने शुरू कर दिए। फिर उसने भी जोश में आकर मेरा लंड जोर से मसलना शुरू कर दिया। 

अब मेरा भी बुरा हाल होने लगा, मेरे मुंह से ‘आह हहह …’ वाली आवाज निकलने लगी। फिर मैं एक हाथ धीरे से नीचे ले गया और उसके पेंटी के अंदर डाल दिया। अंदर जाते ही मुझे उसकी चूत जो भट्टी की तरह भभक रही और गीली भी महसूस होने लगी शायद  करीना की चूत का रस निकल गया था। मेरे हाथ की अंगुलियाँ अपनी गीली चूत के दाने पर महसूस करते ही वो चिहुंक उठी। 

कॉलेज की दोस्त की चुदाई – 4

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