लड़की को ऐसे चोदा की हो गयी वो मेरे लंड की दीवानी

यह समय मेरी जवानी का था और मै दिखने में भी बाकी सभी लड़को से अच्छा था। मै जिस भी लड़की से बाते करता था वह मेरे प्यार में खींची चली आती थी। इस बात का मेने कई बार फायदा भी उठाया था लड़कीओ की चुदाई भी करि थी। 

चुदाई करना तो मेरे लिए हर हफ्ते का खेल सा बना हुआ था पर उस दिन कुछ अलग सा हुआ जिसे में आजतक नहीं भूल पाया हु। उस लड़की का नाम पिंकी था। पिंकी जवान हवस से भरी और सुन्दर लड़की थी। 

पिंकी भी सभी की तरह मुझ से प्यार कर बैठी थी और मेरे साथ हमेशा रहने के सपने देखा करती थी। पिंकी के बूब्स कभी बहुत गोल गोल और उभरे हुए थे जिससे में चुदाई के समय कहना पसंद करता था। 

पिंकी की यह मेरे साथ पहली चुदाई थी और पिंकी आज मेरे जिस्म में खो जाना चाहती थी। मै भी हमेशा की तरह पिंकी को किसी आम लड़की के जैसे देख रहा था जो मेरे प्यार में थी और चुदाई करवाने आयी थी। 

मै पिंकी को अपने दोस्त के घर ले गया और पिंकी को बिस्तर पर बिठा दिआ। पिंकी मुझे ही देख रही थी और शायद वह बस मुझे प्यार करना चाहती थी। अब जैसे ही मेरा दोस्त उसके घर से चला गया पिंकी उठी और मुझे अपनी बाहो में लेने लगी। 

पिंकी ने काफी देर तक मुझे अपनी बाहो में ही रखा और कुछ देर बाद मेने उसे खुद से अलग कर दिआ और बिस्तर पर लिटा दिआ। अब मै पिंकी के साथ में ही लेट गया और पिंकी का मुह्ह अपनी तरफ कर लिआ। 

यह भी पढ़िए: Kamukta Ki Diwani

पिंकी की चुत से निकाल दिआ पानी 

अब पिंकी के होठ को मेने अपने होठो से मिलाया और पिंकी को चूमना शुरू कर दिआ। पिंकी भी मेरे चुम्बन का मजा ले रही थी और पिंकी मेरे होठो को चूसे जा रही थी। 

पिंकी भी अब गरम होने लगी थी और मेरे होठो को जोर जोर से चूस रही थी। अब मेने पिंक के बूब्स पर अपने हाथ रख दिए और पिंकी के चुचो को अपने हाथो से दबाने लगा। 

पिंकी का बदन बहुत गरम हो रहा था और पिंकी मुझे काफी जोर जोर से चुम रही थी। अब मेने पिंकी को रोका और पिंकी के टॉप को ऊपर करते हुए उसके बदन से अलग कर दिआ। 

पिंकी ने अंदर काली रंग की ब्रा पहनी हुई थी जिसे मेने पीछे से खोला और पिंकी के दोनों बूब्स अपने हाथो में ले लिए। अब पिंकी के चुचो के नंगा करने के बाद मेने दबाना शुरू किआ। पिंकी के दोनों बूब्स के  निप्पल खड़े हो गए थे जिन्हे मेने अपने मुह्ह में ले लिआ। 

अब पिंकी के बूब्स को मेने चूसते हुए उसे और भी ज्यादा कामुक कर दिआ। पिंकी की आहे उसके मुह्ह से निकलने लगी थी और पिंकी मेरे बालो में हाथ देते हुए उन्हें सहलाये जा रही थी। 

अब मेने पिंकी के बदन को चूमते हुए अपने होठ उसकी चुटकी तरफ बढ़ाये। पिंकी कामुक होकर बिस्तर पर लेटी हुई थी और मेने निचे हाथ करते हुए पिंकी की पेंट निकाल दी और पिंकी की पैंटी भी खोल दी। 

अब पिंकी मेरे सामने एकदम नंगी होकर लेटी हुई थी और मेने पिंकी की दोनों टांगो के बिच में अपना सर डाल दिआ। पिंकी की चुत  से अजीब सी महक आ रही थी पर मेने अपनी जीभ पिंकी की चूत में घुमानी शुरु कर दी। 

और भी ऐसी की कहानिया: Hindi Sex Story

पिंकी को लग गया मेरे लंड का चस्का 

पिंकी जोर जोर से आहे भर रही थी और अपनी चुत की चटाई करवाए जा रही थी। अब पिंकी अच्छे से गरम हो गयी थी और अपने बूब्स खुद दबा रही थी। मौका देखते हुए मेने भी अपनी पेंट खोल दी और नंगा हो गया। 

अब पिंकी की चुत के मुह्ह पर मेने अपने लंड को रखा और पिंकी की चूत में लंड डालना शुरू किआ। पिंकी को बहुत दर्द होने लगा पर थोड़ा रुकने के बाद मेने अपने लंड से  जोर से धक्का मारा। 

पिंकी की चुत से थोड़ा खून निकला और मेरा लंड चुत में चला गया। अब पिंकी को काफी दर्द हो रहा था इसलिए मै थोड़ी देर रुक गया और अब मेने पिंकी की चुदाई कुछ देर बाद शुरू कर दी। 

पहले मै पिंकी  की चुत धीरे धीरे चोदने लगा और जैसे ही पिंकी को मजा आने लगा मेने पिंकी की चुत में अपना लंड पूरी तेजी से अंदर बाहर करना शुरू कर दिआ। पिंकी भी अब अपनी चुदाई का मजा ले रही थी। 

पिंकी की चुत पूरी लाल हो गयी थी पर मेरे लंड से पानी नहीं निकला था इसलिए मै पिंकी चुदाई किये जा रहा था। अब पिंकी की चुत पानी छोड़ने लगी थी और मेरी कुछ देर की और चुदाई के बाद पिंकी की चुत से तेज पानी की धार निकल गयी। 

Leave a Comment