मस्त माल को चोदा – 4

एक दूसरे को नंगे देखकर वो शर्मा गई बोली लाइट बंद कर दूं। मैंने मना कर दिया, मैं हर एक पल का मज़ा लेना चाहता था। मैं अनजाने में ही उसकी चूत को चूसने लगा। मेरी जीभ उसकी चूत को सहलाने लगी और वो मुझे नाखूनों से खरोंचने लगी। 

वो जोर जोर से मादक आवाजें निकालने लगी। लगभग 5 मिनट चूत चुसवाने के बाद उसने मुझे धक्का देकर अलग कर दिया। मैंने पूछा- क्या हुआ? वो बोली- कंट्रोल नहीं हो रहा। मैंने उसे एक गिलास ठंडा पानी पिलाया। 

पानी पीकर वो बोली- मेरी चूत का कुछ करो। इसमें अजीब सा हो रहा है। उसकी तड़प को देखकर मैंने उसे अपना लंड चूसने को कहा जो कि उसको चूसना ही नहीं था। मगर कमाल हो गया। 

थोड़ी नानुकुर के बाद वो घुटनों पर बैठ गई और लंड का टोपा थोड़ा सा अपने होठों में लिया। पर उसने लौड़े पर जीभ नहीं लगाई। मैंने भी चुत चुदाई पर ध्यान लगाया। 

उसे उठाया और उसका अंगूठा अपने मुँह में लेकर बारी बारी होंठों और जीभ के साथ चूस कर बताया कि चूसने और चाटने में क्या फर्क होता है। वो हंस कर बोली- चूस देती हूं पर अब और मत तड़पाओ।

पड़ोसन वाली आंटी ने दी गांड – 2

लंड ऐसे चूस रही थी जैसे लॉलीपॉप

वो मेरा लंड अच्छे से चूसने लगी। अब मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मैं उसका मुँह ही चोदने लगा। कुछ मिनट उससे लंड चुसवाने के बाद मैंने उसे लिटा दिया और पूछा- रेडी हो? वो बोली- हां। 

उसने चुत खोल कर आंखें बंद कर लीं। मैंने उसकी टांगों को फैलाकर अपने लंड को उसकी कसी हुई चूत पर रखा और हल्का सा धक्का दे दिया। चूसे जाने की वजह से चूत लंड गीले तो थे ही। 

पर तब भी उसकी चूत इतनी ज्यादा टाइट थी कि लंड फिसल कर गांड की तरफ चला गया। उसकी थोड़ी सी आह निकल गई। मैंने फिर से अपना लंड उसकी उभरी हुई चूत की फांकों की दरार में सैट किया और उसको कमर से कस कर पकड़ कर धक्का लगा दिया। 

इस बार लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया। उसकी जोर की चीख निकल गई पर दरवाजे बंद होने की वजह से बाहर नहीं जा सकी। मैंने बिना हिलाए डुलाए थोड़ी देर लंड को अन्दर ही रखा और उसकी चूचियां मसलने लगा। 

वो शान्त हो गई। धीरे धीरे मैं लंड को उसकी चूत में आगे पीछे करने लगा। थोड़ी देर आह आह करने के बाद वो भी मज़ा लेने लगी और मैं धीरे धीरे चुदाई की स्पीड बढ़ाने लगा। 

अब वो भी चुदने का पूरा मज़ा लेने लगी और उह आह की आवाज निकालने लगी। इधर लंड के झटकों से गच गच की आवाज आने लगी थी। उसकी चूत इतनी टाईट थी कि लंड में हल्का हल्का दर्द सा होने लगा था, पर मज़ा उस दर्द से हज़ार गुना ज्यादा था। 

या शायद दर्द में ही मज़ा था। क्योंकि उसके बाद कई चुतें मारी पर इतनी टाईट चूत चोदने का और इतना मज़ा किसी चूत में नहीं मिला। पन्द्रह मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद उसकी चूत और ज्यादा टाईट होने लगी और शरीर अकड़ने लगा।

होटल में बुझा दी बुआ की प्यास – 3

शादी के बाद भी चुदाई करता हु उसकी

उसकी चूत अब मुझे भट्ठी की तरह महसूस होने लगी थी। उसने अपनी टांगें मेरी कमर के पीछे ले जाकर मुझे टांगों से कसना और जकड़ना शुरू कर दिया। उत्तेजना के इस चरम पर उसने चूतरस छोड़ना शुरू कर दिया और उसके साथ साथ मेरा लंड भी वीर्य निकालने लगा। 

उसके रस छोड़ने के एक मिनट के अन्दर अन्दर मैंने भी उसकी चूत में अपना सारा वीर्य छोड़ दिया। उसने मुझे अपने ऊपर लिटा लिया था। दो मिनट बाद हम अलग हो गए। घड़ी में समय देखा 10:30 बज रहे थे। 

हम दोनों ने कपड़े पहने और मैंने उससे जाने के लिए कहा। उसने कहा कि अभी 2 बजे तक रुक जाओ। पर इस तरह छुप कर उसके घर में मेरी फट रही थी कि कहीं कोई आ ना जाए। मैंने उसे रुकने के लिए मना कर दिया। 

चलते समय हमने फिर गले मिलकर एक दूसरे को 5 मिनट तक चूमा। उसका तो मुझे छोड़ने का मन कर ही नहीं रहा था पर मैंने वहां से निकलना ही उचित समझा। बाहर आते समय कोमल मुझे दरवाजे तक छोड़ने आई और मुझे थैंक्यू कहा। 

मैं वहां से निकल आया। मार्केट में कोई कोई दुकान अभी खुली थी। मैं अपनी बाइक लेकर घर आ गया। दो दिन बाद हम फिर मिले। वो बोली- मेरा गिफ्ट? मैंने उसे फिर एक मस्त पार्टी दी और उसने थोड़ी सी ड्रिंक की। 

फिर वो मस्ती में बोली- अब चुदे बिना नहीं रहा जाता। इसलिए कोई भी उपाय करो। होटल में हर बार 1000-1500 खर्च करने का मेरा भी उस समय दम नहीं था क्योंकि तब तक मैं अपने पैरों पर खड़ा नहीं हुआ था। 

हमने एक अलग कमरा किराए पर ले लिया। अब हम लगभग हर रोज उस फ्लैट पर मिलते और मस्त चुदाई करते। कोमल मेरे लंड की आदी हो गई थी और मैं उसकी चूत का। 

गर्लफ्रेंड सेक्स का यह सिलसिला एक साल तक चलता रहा। फिर पिछले लॉकडाउन से एक महीने पहले उसकी शादी हो गई। अब वह कभी करनाल आती है, तो मुझसे मिलना नहीं भूलती।