मेहमानो ने दिखाए सुहाने दिन – 1 

हमारी शादी हुए करीब तीन महीने हुए थे। रात के ग्यारह बज रहे थे। मैं ओर मेरा पति बेडरूम में बेड पर होंठों में होंठ डालकर पूरे मदहोश हुए पड़े थे।  तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया। मेरे पति दरवाजा खोलने चले गए।  

जब उन्होंने दरवाजा खोला तो क्या देखा कि दरवाजे पर पांच आदमी खड़े हुए थे।  मैं भी अपने पति के पीछे चली गई। मैंने काले रंग की पैंटी पहनी हुई थी। मैं छिपकर पीछे खड़ी हुई उनकी बातें सुन रही थी।  

वो कहने लगे कि दूर जाना है लेकिन अब रात को बस, टैक्सी या होटल कुछ भी नहीं मिल रहा है। खाने के लिए भी कुछ नहीं मिल रहा है, यहां कुछ खाने को मिल सकता है क्या?  पहले तो मेरे पति सोचने लगे लेकिन फिर बाद में उनको उन भूखे प्यासे लोगों पर तरस आ गया। 

वो अंदर आकर बैठ गए और मैंने उनके लिए खाना बनाना शुरू कर दिया। मेरे पति उनके पास ही बैठ गए।  खाना खिलाकर हमने उनके सोने का इंतजाम भी कर दिया। वो पांचों सोने के लिए चले गए।  

उनके जाने के बाद पति ने फिर से मेरी मैक्सी उतार दी और मैं काली पैंटी में फिर से काफी सेक्सी लग रही थी।  मेरे पति मेरे ऊपर टूट पड़े और आधे घंटे तक मेरे जिस्म को काटते और नोंचते रहे। 

शादी और बेहेन की चुत की गर्मी – 1

पति से करवा रही थी चुदाई

हम दोनों ही नंगे थे, बस एक दूसरे चूसे चाटे जा रहे थे।  फिर उन्होंने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया। मुझे बहुत मजा आ रहा था।  फिर मेरे पति ने अपना 6 इंच का लंड मेरे मुंह में डाल दिया। मैंने भी लंड को खूब चूसा।

अब हम दोनों से ही चुदाई शुरू करने के लिए इंतजार नहीं किया जा रहा था। मैं पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी।  पति ने मेरी चूत पर लंड को रखा और जोर से झटका लगा दिया। एक बार में ही उनका लंड मेरी चूत में फंस गया। 

मेरी जोर से चीख निकली ऐसा लग रहा था कि जैसे लंड में से आग निकल रही हो।  वो मुझे चोदने लगे। वो धक्के लगा रहे थे और मैं दर्द में तड़पती हुई चिल्ला रही थी।  चुदते हुए मेरी नजर दरवाजे पर पड़ी तो एक आदमी हमें देख रहा था।  

दरवाजा हल्का सा खुला हुआ था। शायद मेरे पति सेक्स की आग में दरवाजे को लॉक करना भूल ही गए थे। मैं चुदाई के दर्द में इतना आनंद ले रही थी कि मैंने पति को बताना ठीक नहीं समझा और ऐसे ही मजे लेकर चुदती रही।  

फिर मैंने देखा कि वो अपने लंड को हाथ में लिए हुए सहला रहा था। उसका लंड पूरा खड़ा हुआ था और वो हम पति पत्नी की लाइव चुदाई देखकर मुठ मार रहा था। चार पांच मिनट के बाद मेरे पति मेरी चूत में झड़ गए और थक कर एकतरफ लेट गए। 

मेरी चूत का पानी अभी नहीं निकला था और मैं चाह रही थी कि इसकी प्यास भी झड़कर शांत हो जाए! लेकिन पति का काम तो पूरा हो चुका था, वो तो पांच मिनट के बाद ही खर्राटे लेने लगे।  मैं भी हांफ रही थी और पड़ी हुई थी।

शादी और बेहेन की चुत की गर्मी – 2

अनजान आदमी ने पकड़ लिए पीछे से 

फिर मैं उठी और दरवाजा ढालकर बाथरूम में चली गई। शायद वो आदमी चला गया था। मैं अपनी चूत को धोकर वापस आई।  पति के पास वापस जाने से पहले मैंने सोचा कि बाहर देखकर आती हूं कि कोई और तो नहीं खड़ा है।  

मैं बाहर गई तो बाहर पूरा अंधेरा था और कोई दिखाई नहीं दे रहा था। मैं थोड़ा और आगे गई तो उस आदमी ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे मुंह पर हाथ रख लिया। धीरे से उसने मेरे कान में कहा- मैम प्लीज, शोर मत मचाना, मैं आपको कुछ देर पहले देख रहा था। 

मुझसे नहीं रुका जा रहा है, मैं ऐसे आपको परेशान नहीं करना चाह रहा था।  उस आदमी का लंड मेरी जांघों पर टकरा रहा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसका लंड मेरे पति से काफी मोटा लम्बा था और एकदम से गर्म हुआ पड़ा था।  

मैंने कहा- आप कुछ देर रुको, मैं ऐसे अभी नहीं रह सकती यहां! पति को देखकर आती हूं।  मैं अंदर गई और दस मिनट तक पति से चिपक कर लेटी रही। जब मुझे लगा कि वो गहरी नींद में चले गए हैं तो मैं चुपचाप से उठकर बाहर आ गई और दरवाजे को बंद कर दिया।  

मगर अब तक वो आदमी जा चुका था। मैं उनके बेडरूम की ओर गयी तो दरवाजा खुला हुआ था और वो आदमी बेड पर बैठा हुआ था, उसके बाकी साथी सो रहे थे।

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