गुस्सा करके घंटो करी लड़की की चुत चुदाई

आज की कहानी की शुरुआत होती है मेरी दोस्त साक्षी से। तो हेलो दोस्तों मेरा नाम अमित है और साक्षी और मै कुछ साल पहले बहुत ही अच्छे दोस्त हुआ करते थे। हमारे घरवाले हम दोनों को ही अच्छे से जानते थे और हम टूशन भी साथ में पढ़ा करते थे। साक्षी मुझसे कद में थोड़ी छोटी थी पर उसकी जवानी किसी भी लड़के को काबू में करने के लिए काफी थी। साक्षी के बूब्स एकदम गोल व् उभरे हुए थे जिन्हे में कभी कभी अनजाना बनते हुए छू भी लेता था। एक दिन किसी बात पे मेरी और साक्षी की बेहेस होने के कारण मै साक्षी से गुस्सा हो गया। साक्षी ने मुझे कई फ़ोन किये पर गुस्से में मैने सभी काल काट दिए। कुछ घंटो बाद साक्षी मेरे घर आ गयी और मुझसे माफ़ी मांगने लगी।

साक्षी के बूब्स चूस कर किये लाल

साक्षी को ऐसे माफ़ी मांगता देख मुझे बुरा लग रहा था पर मेने गुस्सा होते हुए सबकुछ अनदेखा कर दिआ। अब साक्षी रोने लगी थी और अब मेरा सारा गुस्सा ख़तम हो गया। साक्षी को चुप कराते हुए मेने उसे अपने गले लगा लिआ और वो सिसकिआ लेते हुए रोते जा रही थी। साक्षी का मुह्ह उठाते हुए मेने उसकी आँखों में देखा जो मुझसे कुछ कहना चाह रही थी। साक्षी ने आँखे बंद करते हुए मुह्ह मेरी तरफ बढ़ाया और मैने मौका देखते हुए साक्षी को किस शुरू कर दिआ। कुछ देर किस करने के बाद साक्षी ने अपनी आंखे खोलते हुए मुस्कुराया और मुझे फिरसे माफ़ी मांगी।
मैने हस्ते हुए साक्षी को अपनी तरफ खींचा और उसे दुबारा से किस करना शुरू कर दिआ। साक्षी के होठ बहुत मुलायम थे जिन्हे मुझे चूसने में बहुत मज आ रहा था। अपना हाथ बढ़ाते हुए मैने साक्षी के बूब्स दबाने शुरू कर दिए। अब साक्षी का दुःख ख़ुशी में बदलता जा रहा था। दूसरे हाथ में मेने साक्षी का टॉप उतारा और दूसरा नितम्ब भी जोर जोर से दबाने लगा।
अब मैने साक्षी को बिस्तर पे धक्का देते हुए साक्षी के ऊपर लेट गया। साक्षी के नितम्ब सख्त हो चुके थे। नितम्बो पे होठ रखते हुए मेने उन्हें चूसना शुरू कर दिआ। साक्षी अब कामवासना से भर चुकी थी और तेजी से सिसकिआ ले रही थी। साक्षी के नितम्बो को मै तेजी से चुस्त जा रहा था जिसमे मुझे भी आनंद आ रहा था। जोर से चूसने की वजह से साक्षी के बूब्स अब लाल हो चुके थे। अब साक्षी ने मुझे धक्का देते हुए घर जाने का बोलते हुए जल्दी जल्दी निचे चली गयी। मेरा लंड खड़ा ही रह गया और उस दिन साक्षी अपने घर चली गयी।

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साक्षी के घर जाकर करी हवस पूरी

अब मुझे साक्षी की चूत मारने का बहुत मन करने लगा था। मेने साक्षी को बहुत बार घर बुलाने को भी कोशिश करी पर बात मन नहीं रही थी। अब साक्षी के घर में किसी रिश्तेदार की शादी आने वाली थी जिसका मुझे पहले से ही पता था। साक्षी के स्कूल जाने की वजह से साक्षी के सभी घरवाले दिन में ही शादी में चले गए। मैने मौका पाते ही साक्षी के घर की और निकल पड़ा। साक्षी के घर जाते ही मेने देखा की साक्षी की दादी घर पर ही थी जिनकी तबियत अक्सर खराब रेहत थी। साक्षी ने अपनी दादी को खाना खिलाया और मुझे लेकर दूसरे पढ़ाई के बहाने दूसरे कमरे में आ गयी।

अब मैने साक्षी को पीछे से अपनी बाहो में भर लिआ और गर्दन पर चुम्बन करने लगा।साक्षी ने मुड़ते हुए मेरे होठों पर किस करना शुरू कर दिआ। अब मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया था जो पजामे में से साफ़ दिखाई दे रहा था। साक्षी का हाथ पकड़ते हुए मैने अपना लंड उसके हाथो में दे दिआ। साक्षी मेरे लंड को हिलने लगी और होठो को भी चूसने लगी। अब मैने साक्षी का टॉप उतार उसके बूब्स दुबारा चूसना शुरू करे जिससे साक्षी फिरसे हवस में खोने लगी। अब मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था। मैने साक्षी को बिठाते हुए लंड चूसने को बोला और साक्षी ने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिआ। साक्षी किसी लॉलीपॉप की तरह मेरा लंड चूसे जा रही थी जिससे मुझे बहुत आनंद मिल रहा था।
अब मैने साक्षी को बिस्तर पर लिटाया और अपना मोटा लंड उसकी चिकनी चूत पर रख दिआ। मैने एक जोर का धक्का लगाया जिससे साक्षी को दर्द होने लगा। हवस में खोते हुए ममैने बिना सोचे दूसरे जोर से धक्के के साथ साक्षी की चूत में अपना आधे से ज्यादा लंड घुसा डाला। साक्षी दर्द के मारे मुझे धक्का दे रही थी पर अब मेने धीरे धीरे चुदाई करना शुरू कर दी। साक्षी की चूत बहुत ही टाइट थी जिससे मेरा पूरा लंड अंदर नहीं जा पा रहा था। अब साक्षी को भी चुदाई का मजा आने लगा था और वह ओह्ह्ह्ह आआ की आवाजे भी निकाल रही थी।

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मै भी पूरे जोश से साक्षी की चुदाई करे जा रहा था और उसके नितम्बो को चूसे जा रहा था। 2 घंटे की लगातर चुदाई के बाद साक्षी की छोटी सी चूत पूरी तरह खुल चुकी थी। अब मेरा लंड भी आसानी से साक्षी की चूत में घुस पा रहा था। पूरा लंड अंदर डालते हुए मेने चुदाई का कार्यक्रम चालू रकः और तेजी से साक्षी को चोदता रहा। अब मै और साक्षी दोनों झड़ने वाले थे मेने जल्दी से अपना लंड साक्षी की छूट से निकलकर उसके मुह्ह में दे दिआ और साक्षी मेरा सारा माल पी गयी।
पर अभी साक्षी की चूत ठंडी नहीं हुई थी। साक्षी की चूत तेजी से रगड़ते हुए मेने उसे किस करना शुरू कर दिआ और १० मिनट बाद साक्षी की चूत ने भी पानी छोर्ड दिआ और हम दोनों को कामवासना प्राप्त हुई।

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