हवस की रात और दोस्त के साथ चुदाई

यह कहानी हमारी बाकि सभी कहानिओ से अलग होने वाली है।  इस कहानी में जैसा की आप पढ़ सकते है की मैने अपनी ही एक दोस्त की चुदाई कैसे करी।  तो चलिए दोस्तों शुरू करते थे।  यह बात उस समय की है अब मै सिर्फ 20 साल का था और कुछ दिनों बाद में 21 का होने वाला था।  मै आपको अपने बारे में और बता दू। मै उस समय दिखे में ठीक थक सा था पर दोड़ो में भाग लेने की वजह से मेरा शरीर किसीअच्छे  युवक से काम नहीं था।

उस समय मेरी कॉलेज की पढ़ाई चल रही थी और मेरे कई दोस्त कॉलेज में भी बन गए थे। उन्ही दोस्तों में एक लड़की का नाम स्वाति था जो दिखने में अच्छी व बात करने में बहुत तमीज़दार थी। मै हमेशा से स्वाति को छोड़ने के किस्से सोचकर अपना लंड भी हिलाया करता था। 

जैसा की मैने बताया की कुछ दिनों बाद मेरा जन्मदिवस था, मैने बिना सोचे  स्वाति को भी पार्टी में बुलाने  के लिए उसे भी इन्वाइट कर दिआ। स्वाति ने हां भरते हुए मुझे एडवांस में ही बधाई देते हुए वापस चली गयी।  

स्वाति को अकेला दबोचा 

अब मेरा जन्मदिन आ गया और में सभी दोस्तों का मेरे घर का इन्तजार करने लगा।  एक एक कर मेरे सभी दोस्त मेरे घर आ चुके थे पर स्वाति का आना अभी भी बाकी थी। स्वाति की वजह से हमारी पार्टी पहले ही लेट हो चुकी थी और अब स्वाति के आते ही मैने केक काट कर सभी को जाने की अनुमति दे दी।  अब पार्टी ख़तम होते होते रात के 9 बज चुके थे।  मेने कई दोस्तो को मेरे घर रुकने के लिए कहा जिनमे से एक स्वाति भी।  मेरे बहुत बोलने के बाद स्वाति मान गयी और रात को रुकने की तयारी करने लगी।  सबसे पहले स्वाति ने मेरा ही एक पजामा पेहेन लिए जिसमे उसकी गाड़ का आकार बहुत ही बड़ा और सेक्सी लग रहा था।  अब स्वाति और में एक बिस्तर पर और मेरे बाकि दोस्त दूसरे बिस्तर पर सो रहे थे।  अब मैने मौका पाते हुए स्वाति को देखा और उसके थोड़ा और पास आ गया।  

अब मेरी और स्वाति की सांसे मिल गयी थी और पूरे कमरे में स्नाता भी हो गया था। मै  स्वाति के ठोस और पास गया और उसे गले लगा लिआ।  कुछ समय बाद मैने स्वाति के होठो की तरफ देखा जिसको वरह काटे जा रही थी।  मेने इशारा समझते हुए अपने होठ उसके होठो पर रखे और उसे किस करना शुरू कर दिआ।  अब स्वाति भी आंखे बंद कर मेरे चुम्बन का पूरा मजा ले रही थी और कामवासना में खो रही थी।  

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स्वाति की धीरे धीरे शान्ति से चोदा 

अब हम एक दूसरे को पूरी वासना से किस कर रहे थे और मेने उसके बूब्स भी दबाने शुरू कर दिए थे।  स्वाति मेरे बालो में हाथ डालते हुए मुझे अपनी तरफ खींचे जा रही थी। मै भी बिना कुछ समझे उसके पूरे बदन पर चुम्बन दे रहा था।  अब स्वाति ने मेरे लंड पर हाथ रखते हुए उसे हिलना शुरू कर दिआ।  वैसे मेरा लंड दिखने में छोटे अकार वाला है पर मोटाई के मामले में मेरा लंड किसी अभी पोर्न अभिनेता से काम नहीं है।  अब मेने स्वाति को पकड़ते हुए उसका मुह्ह अपने लंड पर रख दिआ पर उसे चूसने को कहा।  स्वाति भी किसी टॉफी की तरह मेरा पूरा लंड ऊपर से लेकर निचे तक चूसे जा रह थी।  कुछ देर ऐसे ही चुसाई के बाद मेने अपना लंड उसके मुह्ह से निकलते हुए स्वाति की छूट पर रख रख  दिआ और उसकी चूत पर रगड़ दिआ।  स्वाति एकदम पागल हो गयी और मुझे उसकी चुदाई करने के लिए उकसाने लगी। 

मैने बिना कुछ और देखे अपना पूरा लंड स्वाति की चूत  में घुसा दिआ और उसी चुदाई करने लगा। अब हम बिना शोर करते करते हुए एक साइड से कम्बल ढक कर चुदाई का मजा ले रहे थे। उस रात ऐसे ही मेने स्वाति की ३ बार चुदाई करि और बूब्स भी लाल कर दिए। तीनो बाद की चूत चुदाई करवाने के बाद स्वाति भी अब सो चुकी थी पर मेरी हवस अभी भी मेरे दिमाग पर भरी थी। 

मेने स्वाति के सोते हुए भी उसकी गांड में अपना लंड फसा दिआ जिससे वह उठ गयी और चुदने के लिए त्यार हो गयी।  मैने भी एक जोरदार झटके से अपना लंड उसकी गांड में घुसाया और चुदाई चालू कर दी।  गांड की चुदाई करवाती स्वाति अब हवस से अह्ह्ह ओह्ह्ह की आवाजे देने लगी और कुछ समय ऐसे ही चूत और गांड चुदने के बाद स्वाति की चूत ने पानी छोर्ड दिआ 

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