पड़ोस की लड़की ने दी चुत बजाने को – 2

फिर 11 बजे मुस्कान का मैसेज आया ‘क्या कर रहे हो?’ मुझे गुस्सा तो बहुत आया पर मैंने खुद को संभाला और सोचा कि उसकी लाइफ है, वो जैसे जिए … मैं उसको क्यों कुछ बोलूं। मैंने उसे रिप्लाई किया- कुछ नहीं, बस लेटा हुआ हूँ। 

फिर वो पूछने लगी- खाना खाया? मैंने बताया और वो इसी तरह की बात करती रही। फिर उसका मैसेज आया- मुझे तुमसे कल मिलना है। मैं- क्या हुआ? मुस्कान- बोला था ना, कुछ काम है। 

मैं- अभी बोलो न, क्या काम है? मुस्कान- वो तो कल ही बताऊंगी, बस तुम कल सुबह जाना मत कहीं। मैं काफी देर तक अपने टूटे हुए दिल से सवाल करता रहा। फिर मैंने बोला- कल मेरा बर्थडे है। दोस्तों के साथ पार्टी करने जाऊंगा। 

मुस्कान- हैप्पी बर्थडे। मैं- थैंक्स। मुस्कान- ओके तुम बाहर मत जाना … कल मैं तुम्हारे साथ पार्टी करूंगी। मैं चुप हो गया। उसका फिर से मैसेज आया- बताओ क्या लोगे गिफ्ट में? मैं- कुछ नहीं। मुस्कान- अरे बोलो न … जो कहोगे, वो दूंगी। 

मेरा मन तो कर रहा था कि उसको बताऊं कि तुम्हें पसंद करता हूं और तुमने दिल तोड़ कर गिफ्ट दे दिया है। पर मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा। मैं बोला- तुमने विश कर दिया, मेरे लिए ये ही गिफ्ट है। 

मौसी की सेवा कर मिली जोरदार चुदाई

मुस्कान ने दिए सामने से चुदाई का मौका 

मुस्कान- ओके तो मॉर्निंग में मिलते हैं। मेरा मन थोड़ा बदला और गुस्सा भी कम हुआ, शायद उससे मिलने का एक्साइटमेंट ही होगा। अगली सुबह 11 बजे मुस्कान का गुड मॉर्निंग का मैसेज आया। 

मैंने भी झट से रिप्लाई किया। मुस्कान बोली- गली के बाहर मिलो, मैं स्कूटी लेकर आती हूं। मैंने पूछा- क्या हुआ? वो बोली- तुम बस जल्दी से गली के बाहर जाओ, मैं आ रही हूं। 

मैंने रात वाली लोवर और टी-शर्ट पहनी थी, तो बदलने का सोचा पर मैं जल्दी से घर से निकल गया और गली के बाहर खड़ा हो गया। मुस्कान स्कूटी लेकर घर से निकली और गली के बाहर आ गई। 

उसने व्हाइट शर्ट और जींस पहनी थी। वो गजब लग रही थी। उसने मुझसे कहा- जल्दी बैठो। मैं उसके पीछे बैठ गया। मुझे उसकी व्हाइट शर्ट में से ब्लैक ब्रा दिख रही थी। मैं बड़े ध्यान से उसकी कमर पर ब्रा को देख रहा था। 

उसने बोला- कैसी लग रही हूं मैं? मैं- बहुत खूबसूरत लग रही हो। मुस्कान- थैंक्स। मैं फिर से उसकी ब्रा को देखने लगा तो उसने ब्रेक लगा दिया और मैं आगे की तरफ खिसक कर उसके शरीर से चिपक गया। पर मैंने अपने हाथ उससे दूर रखे। 

मुस्कान बोली- अरे पकड़ कर बैठ जाओ न … मैं बुरा नहीं मानूंगी। मैं भी जैसे मौका ढूंढ रहा था। मैंने झट से अपने दोनों हाथ से उसकी कमर पकड़ ली। उसने अपने जिस्म पर मेरे हाथ महसूस किए तो उसने सिहरन ली। 

आंटी निकली हवस से भरी हुई औरत 

केक लेके आयी मुस्कान घर अकेले 

उफ्फ क्या लचक थी उसकी कमर में! फिर उसने एक बेकरी पर स्कूटी रोकी और केक वाले को एक केक देने को बोला। तब मुझे याद आया मैं तो पैसे लेकर ही नहीं आया। उसने खुद ही 600 रूपए का केक ले लिया और मैं केक पकड़ कर पीछे बैठ गया। वो स्कूटी चलाने लगी। 

गली के बाहर आकर बोली- मैं स्कूटी घर में खड़ी करके आऊंगी, तुम तब तक घर में मेरा वेट करो और गेट बंद मत करना … मैं खुद अन्दर आ जाऊंगी। वो स्कूटी लेकर चली गई। 

मैंने भी घर आकर मेज पर केक रख दिया और कपड़े निकाल कर नहाने के लिए चला गया। मेरी जान मुस्कान पहली बार घर पर आ रही थी, मुझे हैंडसम लगना था न। मैं एक्साइटमेंट में नहाने चला गया और काफी देर तक अपने आप तो साबुन रगड़ कर नहाता रहा। 

करीब 10 मिनट बाद मुझे बाहर से मुस्कान की आवाज आई। मैंने कहा- मैं बाथरूम में हूँ। तुम बैठो। वो बोली- मैं भी अन्दर आ जाऊं क्या? मैंने सोचा आ गई तो पकड़ कर यहीं उसकी चूत बजा दूंगा, पर मैं कुछ बोला नहीं। 

नहा कर मैंने कपड़े पहने और बाहर आ गया। मुस्कान सोफे पर बैठ कर मेरा वेट कर रही थी। मुझे देख कर वो स्माइल करने लगी। फिर बोली- हैंडसम लग रहे हो बर्थडे ब्वॉय। 

मैंने थैंक्स कहा। उसने बोला- रात को नहीं आऊंगी, अभी केक काट लो प्लीज। मेरा फेवरेट केक है … खाने के बाद ही जाऊंगी। “मैं तो सुबह 2 बजे काट देता, तुम बोलो तो।” वो हंसने लगी। 

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