दोस्ती और होली का खेल – 1

मैं और श्रेया स्कूल से ही दोस्त थे। उसकी खूबसूरती की व्याख्या करने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे। एकदम गोरा बदन, बड़े बड़े गोल स्तन और एकदम मस्त गांड। उसके हुस्न का पूरा स्कूल दीवाना था।

स्टूडेंट्स से लेके टीचर सब उसके पीछे पागल थे। हमारी दोस्ती दसवीं में हुई थी। मैं नौवीं में मैंने दाखिला लिया था तो ‘बी’ वर्ग में था। दसवीं में मैं ‘ए’ वर्ग मे चला गया। हम लोगों के दोस्ती के पीछे भी बहुत तगड़ी घटना थी। उसे जाने दीजिए। 

दोस्ती होने के बाद उसने मुझे अपने पूरे जीवन के बारे में बताया जिसमें उसकी एक प्यार की भी बात थी जिसने उसका दिल पूरी तरह से तोड़ दिया था। इसी कारण से इतने लंबे समय तक हम केवल दोस्त ही रहे। 

मैंने उसे डर से नहीं बताया और उसने भी। दसवीं पास करने के बाद हम दोनों कोटा चले गए। आई आई टी जे ई ई क्वालीफाई करने के बाद कॉलेज भी एक ही मिली। फिर तो साथ में खूब मस्ती हुई। 

अगले साल जब होली की छुट्टी मिली तो मैंने, श्रेया और मेरा एक दोस्त विशाल ने घूमने का प्लान बनाया। फिर क्या … घर से अनुमति ली और तीनों निकल गए। श्रेया के मम्मी पापा मुझपे पूरा भरोसा करते थे तो वे लोग कुछ नहीं बोले।

पड़ोसन वाली लड़की को खूब चोदा – 1

नदी में खो गयी दोस्त

अहमदाबाद में विशाल के मौसी का घर था तो सबसे पहले वहीं गए। होलिका दहन के दिन शाम में लस्सी पीने गए। अब गलती से हुआ या पता नहीं … श्रेया के ग्लास में भांग चला गया था वो भी अच्छे खासे मात्रा में। 

थोड़े देर बाद उसे चक्कर आने लगे। हम लोग समझ गए कि लस्सी में भांग थी। मैंने विशाल को बोला कि इस हालत में इसे घर लेकर जाना सही नहीं होगा। सब गलत समझेंगे। 

तो हमने एक रूम बुक किया और विशाल को बोल दिया कि घर वाले पूछें तो बता देना हम लोग घूमने गए हैं. और तेरा मन नहीं था तो तू नहीं आया। उसे जब होटल लेकर गया तो नशा चरम पे था। 

रूम में जाकर मैंने उसको पकड़ के सुला दिया और मैं साथ में लेट गया। कुछ देर के बाद वो पागलपंथी बंद करके मुझसे बात करने लगी। नशे में उसने अपने दिल की बात बोल दी कि वो कोटा से ही मुझसे प्यार करती है बस मुझे खोने के डर से नहीं बोलती थी। 

इतना बोलते ही उसे उल्टी आने लगी और उसने अपना शर्ट खराब कर लिया। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। वो उल्टी करने के बाद वो नींद में सो गई। मैं डरते डरते उसका शर्ट के बटन खोल रहा था। 

पहली बार उसके गोरे बदन को इतने करीब से देखा था। अंदर से उसने ब्रा और उसके उपर एक बनियान पहनी थी। उसको ऐसे देख कर मेरा मन एकदम व्याकुल होंने लगा। 

लेकिन उस समय खुद पर काबू कर के बेडशीट हटाई नीचे साफ करके उस बेडशीट को बाहर रख दिया और नीचे से दूसरा मंगाकर बिछा लिया और उसको चादर ओढ़ा दिया। उसका शर्ट धोकर सूखने को डाल दिया तभी विशाल का फोन आया।

पड़ोसन वाली लड़की को खूब चोदा – 2

होठो को एकदम से चूमने लगी

मैं उससे बात करने लगा बालकनी में बैठ के। इतना सब करते करते करीब 10 बज गए थे। श्रेया की नींद खुली तो वो थोड़े होश में थी. खुद को इस हालत में देख कर वो शर्म से एकदम लाल थी। मैंने अपना शर्ट उसे पहनने को दे दिया। मैं खाना ऑर्डर कर चुका था। 

हमने साथ में खाना खाया, उसके बाद उसने मुझसे पूछा- तुमने मेरे पूरे कपड़े खोले थे क्या? मैं शर्मा गया लेकिन हंसी आने लगी। मैं हंसते हुए बोला- तुमको क्या लगता है? वो आंखें नीचे किए हुए थी पर कुछ नहीं बोली। 

मैं उसका हाथ पकड़ के बोला- भरोसा रखो यार, तुम्हारे साथ कभी कुछ गलत नहीं करूंगा। वो थोड़ा कम्फर्टेबल हुई. उसके बाद मैंने पूछा- तुम जो कुछ बोल रही थी, वो तुमको याद है? वो थोड़ी सी डर गई, फिर बोली- थोड़ा बहुत याद है, तुम्ही बता दो क्या क्या बोले थे। 

फिर मैंने सबकुछ बताया। उसकी आंखों में आंसू थे। मैंने पूछा- क्या हुआ? इतने में वो झट से मेरे गाले लग गई। उसके बड़े बड़े स्तनों को मैं अपने छाती में महसूस कर रहा था। मेरे दिमाग में उसका गोरा बदन घूमने लगा। उसका पूरा शरीर गर्म था। 

उसके बाद उसने जो किया मैं तो एकदम दंग रह गया। वो बोली- नील, तुम मुझे हमेशा के लिए अपना बना लो! और ये बोलते ही मेरे होठों को चूमने लगी। फिर मैं कहां रुकने वाला था, मैं भी उसके होठों को चूमने लगा। 

उसके बाद मैंने अपनी सारी हिम्मत जुटा के अपना हाथ उसके मम्मे पर रखा वो एकदम अंदर से हिल सी गई। उसके बूब्स एकदम सख्त थे। मैं और श्रेया दोनों एकदम जोश में आ गए। मैं जोर जोर से उसके बूब्स को दबाने लगा। 

उसकी सांसें एकदम तेज हो गई थी और एकदम गर्म। उसको चूमते चूमते जो शर्ट उसने पहना था, उसे खोलने लगा। उसके बाद उसका बनियान भी खोल दिया। बिना समय गंवाए मैंने उसकी जींस भी खोल दी।