मैडम की चुत को दी शांति – 1

आज मैं आपको इस हिंदी सेक्स कहानी में बताने वाला हूँ कि कैसे मैंने अपनी हॉट स्कूल टीचर को चोदा! जब मैं स्कूल में पढ़ता था तब मेरे स्कूल में एक टीचर मुझे बहुत पसंद थीं।

वो गोरी-चिट्टी और तने हुए बूब्स वाली मस्त आइटम थीं। मैं शुरू से ही उन्हें पसंद करता था। वो कभी कभी मुझे अपने पास बुलाकर काफी लम्बी बात करती थीं। उस समय उनकी उम्र 24 साल थी। मेरे स्कूल बदलने के कारण मैं उनको भूल चुका था। 

लेकिन अब एक दिन जब मैं कालेज से घर वापस आ रहा था, तब अचानक से मेरी नजर उन टीचर पर पड़ी। मैं उनको इतने समय बाद देखकर हैरान हो गया। वो पहले से भी ज़्यादा हॉट और सेक्सी लग रही थीं। 

उनको देखकर मुझसे रहा न गया और मैं उनके पास चला गया। मैंने टीचर को नमस्ते मैम बोला। पहले तो उन्होंने मुझे पहचाना नहीं … फिर मैंने उनको अपना नाम और अपने घर के बारे में बताया, तो उनको याद आ गया। क्योंकि टीचर कभी कभी हमारे घर आया करती थीं। टीचर ने मुझसे पूछा- तुम अब क्या करते हो? मैंने उनको बताया- मैं अभी कालेज में पढ़ रहा हूँ। 

टीचर को देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि उन्होंने शादी की कर ली है। फिर भी मैंने उनसे पूछ ही लिया कि मैम क्या आपने अभी शादी नहीं की? टीचर- नहीं, मैंने अभी शादी नहीं की। 

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बैडरूम में बैठा मेडम के साथ 

मैं मन ही मन में खुश होने लगा। टीचर- अमन चलो मेरे साथ, मेरा घर पास में ही है। मैं मना करने लगा- मुझे अभी काम है। लेकिन टीचर ने एक नहीं सुनी। टीचर पैदल ही थीं तो मैंने उनको मेरी बाईक पर बैठने को कहा- अरे वाह … ये तो अच्छा हुआ मुझे चलकर जाना नहीं पड़ेगा।

मैं टीचर को उनके घर ले गया। टीचर- अमन अन्दर आ जाओ। मैं चला गया और हॉल मैं बैठ गया। टीचर जी मेरे लिए पानी लेकर आ गईं। मैंने पानी पिया और अब टीचर ने कहा तुम यहां नहीं, अन्दर बेडरूम में चल कर बैठो।

मैंने पूछा- क्यों मेम? टीचर- ऐसे ही … तुम अन्दर चलो। मैं मेम के साथ चला गया और अन्दर कमरे में जाकर बैठ गया। टीचर- तुम रुको, मैं कपड़े बदल कर आती हूँ। मैं अपने आपको कंट्रोल नहीं कर पा रहा था।

मेरे दिल की धड़कनें बहुत तेज तेज चल रही थीं और दिमाग में एक ही ख्याल चल रहा था कि मैं मेम को अगर एक किस भी कर लूं तो जीवन सफल हो जाए। टीचर कपड़े बदल कर आ गईं। वो नीली जींस पहन कर आई थीं जो बहुत टाइट थी।

इसमें से उनकी मोटी गांड साफ उभर कर नजर आ रही थी। मेम ने ऊपर लाल रंग का टॉप पहन रखा था, जिसमें से उनके बड़े बड़े बूब्स आधे बाहर दिख रहे थे। मैं टीचर को देखता ही रह गया। वो मेरे पास आकर बैठ गईं। 

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मेडम ने कर लू मुझसे दोस्ती

टीचर- तुम अब काफी स्मार्ट हो गए हो … तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? मैंने उनको बताया- मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। वो थोड़ी देर चुप बैठी रहीं और शायद कुछ सोचने लगीं। 

मैं उनको टीचर टीचर करके बोल रहा था तो उन्होंने मुझे टोक दिया- अब तुम बड़े हो गए हो … मुझे मेरे नाम से बुलाओ। उनका नाम शबनम था। मैं नाम लेने में हिचकने लगा, तो मेम ने मेरा हाथ पकड़ लिया। 

टीचर ने कहा अमन अब बोलो शबनम। मैं हैरान था कि ये क्या हो रहा है। मैंने देरी ना करते हुए उनको शबनम कहकर पुकारा, तो वो खुश हो गईं। मैं चुप था और शबनम मेम मुझे देखती हुई अपने बालों से खेल रही थीं। 

पता नहीं उनके मन में क्या चल रहा था। शबनम मेम अचानक से धीरे धीरे रोने लगीं। एकदम से ये हुआ तो मैं अचकचा गया। मैंने पूछा- क्या हुआ मेम आप क्यों रो रही हैं? शबनम- मैं अपनी लाईफ में खुश नहीं हूँ अमन!

मैं- क्यों क्या हुआ आपको? शबनम- मेरा कोई ख्याल रखने वाला नहीं है … और मैं कभी कोई सुख प्राप्त नहीं कर सकती। मेने कहा कैसा सुख? शबनम- वो वाला। मैं- कौन सा वाला … क्या बात कर रही हो आप? ये सुनकर शबनम मेम बेडरूम से चली गईं।

मैं मन में सोचने लगा कि शायद ये वो ही मामला है, जो मैं चाहता हूँ। शबनम मेम एक मिनट के बाद अन्दर आईं और इस बार वो मेरे काफी करीब बैठ गईं। 

 मैंने जैसे ही कुछ बोलना चाहा, शबनम मेम ने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। लेकिन उन्होंने चूमना शुरू नहीं किया। 

मैडम की चुत को दी शांति – 2

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