मस्त माल को चोदा – 2

उसकी पसंद के मुताबिक हम पिज़्ज़ा शॉप पर गए और ऑर्डर देकर कोने में बैठ गए। बातों बातों में मैंने उसकी कमर के पीछे से हाथ फिराया, तो उसके बदन में सिहरन दौड़ गई और वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी। 

मैंने उसे इशारा किया तो वो मेरे थोड़ा और करीब आ गई। हम दोनों के बदन आपस में रगड़ खाने लगे। हमारे बीच जुबान से बात होना बंद हो गई, अब दिल से दिल की बात हो रही थी। पिज़्ज़ा खाने के बाद हम दोनों कर्ण झील की ओर चले गए, वहां थोड़ा एकांत रहता था। 

हम झील के किनारे पर बैठ गए। मैंने धीरे से उसकी जांघ पर हाथ रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा। अब उसकी सांसें थोड़ी तेज होने लगी थीं। वो मुझसे चिपकने लगी थी। धीरे धीरे मेरा हाथ उसके चूचों की ओर जाने लगा था। 

कोमल खुद को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। वो मेरी गोद में गिर गई। मैंने उसके चूचों को दबाना शुरू कर दिया। उसके छोटे छोटे सेब के आकार के चूचे बिल्कुल कड़क थे, लगता था जैसे कभी किसी ने दबाए ना हों। 

फिर मैंने उससे खड़ा होने के लिए कहा और हम दोनों एक पेड़ की ओट में चले गए। उसकी कमर को पेड़ से सटाकर मैंने अपने होंठों को उसकी गर्दन पर लगा दिया और गर्दन के साथ साथ कान के नीचे चूमना शुरू कर दिया।

जवान चाची को दिए असली सम्भोग का मजा – 3

छोटे बूब्स दबाने में आ रहा था मजा

मेरे हाथ उसके छोटे छोटे चूचों को मसल रहे थे। उसके चूचों को दबाने से मुझे जो मज़ा मिल रहा था, वो लिख पाना मुश्किल है। उसने दोनों हाथों से मुझे अपनी बांहों में भर लिया। 

उसकी सांसें किसी धौंकनी की तरह तेज तेज चल रही थीं और दिल जोर जोर से धड़कने लगा था। मुझे तो इतना मजा आ रहा था कि मैं उसे खाने लगा था। हमारे होंठ कब एक दूसरे को खाने लगे थे, कुछ पता ही नहीं चला। 

मेरा लंड पैंट को फाड़ने को हो रहा था। मैंने उसके हाथ को पकड़ा और धीरे से अपने लंड पर रख दिया। उसने झटके से अपने हाथ को पीछे हटा लिया पर हमारी चुम्मा-चाटी चलती रही। 

हम दोनों इतने ज्यादा बेखबर थे कि हमें आस-पास की भी खबर ना रही। इसी बीच कोई हमारे पास आकर हंसा, तो हम चौंक कर अलग हो गए। देखा तो वो दोनों भी एक लव कपल थे। उसके बाद मैंने उसे उसके घर छोड़ दिया। 

शाम को उसका मैसेज आया- मिस यू। मैंने भी रिवर्ट कर दिया- मिस यू टू। उसके बाद मैंने उसे फोन किया और पूछा कि मज़ा आया क्या? तो वो शर्मा गई। उसने बताया कि यह उसके लिए पहला अनुभव था। 

अब ये चुम्मा चाटी अलग अलग सुनसान जगहों पर लगभग रोज होने लगी। वो हद से ज्यादा गर्म हो जाती और हमारी तड़पन रोज बढ़ती जाती। दस दिन बाद एक दिन वो लोअर टी-शर्ट कैसुअल्स में आई हुई थी और मैं भी। 

जब हम एक दूसरे को चूस रहे थे तो मैंने हाथ उसकी टी-शर्ट में डाल दिया। वो हाथ बाहर निकालने लगी तो मैंने उसे कस कर पकड़ लिया। उसके मुलायम मुलायम चूचे मुझे बेकाबू करने लगे थे।

जवान चाची को दिए असली सम्भोग का मजा – 2

रात को घर बुलाया कोमल ने

मैंने डरते हुए धीरे धीरे उसकी चूत की तरफ हाथ बढ़ाया और उसके लोवर में अन्दर हाथ डाल दिया। उसने भी मेरा हाथ बाहर नहीं निकाला और मज़ा लेने लगी। उसकी चूत कसी हुई और मुलायम थी। 

चूत की दोनों फांकें एक दूसरे से चिपकी हुई सी थीं। मैं उसकी चूत को धीरे धीरे सहलाने लगा और वो कामुक सिसकारियां भरने लगी। वो इतनी गर्म हो चुकी थी कि तड़पने लगी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया। 

मुझे लगा कि वो आज फिर से झटक देगी, पर उसने मेरा लंड पकड़ लिया। अब मैंने अपने हाथ के इशारे से उसे लंड सहलाने के लिए कहा। वो धीरे धीरे मेरा कड़क लंड सहलाने लगी। मुझे लगा कि आज मेरी किस्मत मेहरबान है। 

मैंने उससे होटल में चलने के लिए बोला। पर उसने मना कर दिया। कुछ देर बाद उसके जाने का समय हो गया था और खुली जगह चुदाई के उतनी सेफ नहीं होती इसलिए हम दोनों वापस घर आ गए। 

शाम 7 बजे उसका फोन आया। वो बोली- मुझे अकेले में मिलना है। मैंने पूछा- कब? वो बोली- आज 9 बजे मेरे घर आ जाना, घर वाले सब जागरण में जाने वाले हैं। वो सब 2 बजे रात तक वापस आएंगे। मैं तबीयत का बहाना करके रुक जाऊंगी। तुम बिना घंटी बजाए अन्दर आ जाना, दरवाजा खुला रहेगा।