कैसे इलाके की नंबर-1 रंडी को फ्री में चोदा – 2

अब जैसा की मेने बताया, मै प्रिया से फोन पर कई कई घंटो बाते करता।  उसे बिच रास्तो पर मिलता और उसके साथ दूर जगह पर घूमने लगा। अब प्रिया मेरे प्यार में पूरी तरह आ चुकी थी।  वह अपने क्लाइंट से भी मिलने काम जाने लगी और मेरे साथ घूमने के लिए सबकुछ छोड़ने लगी। मुझे अब अपना प्लान पूरा होता हुए दिखने लगा था। ऐसे ही एक दिन घूमते हुए मै उसे एक पार्क में ले गया जहा प्रेमी जोड़े साथ में बैठा करते थे। वह मेरे साथ अक्सर मुह्ह पर कपडा बाँधकर घुमा करती थी जिससे की उसे कोई न पहचान सके। 

अब एक कोने में जगह देखते हुए मै प्रिया को अपने साथ लेकर वही बैठ गया। अब मैने प्रिया को अपनी गोदी में बिठा लिआ और उसके मुह्ह से कपडा हटा दिआ। कुछ देर तक युही बाते हुए मैने प्रिया के गालो पर किस कर दिआ। और थोड़ी ही देर बाद मैने प्रिया के होठो पर चुम्बन करना शुरू कर दिआ। प्रिया की गांड मेरे लंड पर रगड़ खा रही थी और उसके गीले होठ मेरी हवस को और आग दे रहे थे। प्रिया अपनी आंखे बंद करते हुए मेरे होठो को किसी बच्चे की लॉलीपॉप की तरह चूसे जा रही थी। हम दोनों बिना कुछ देखे अब वासना में खोये हुए थे। अब आधे घंटे की घुआंधार किसिंग के बाद मै वापस प्रिया को गोद में लिटाकर बैठ गया। 

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प्यार में फसाकर रंडी की करी जमकर चुदाई 

अब प्रिया ने मुझसे मेरे रुकने का कारण पूछा।  और मैने कुछ न बोलते हुए उसके आँखों पर अपने हाथ रख दिए। अब प्रिया ने मुझसे फिर यही सवाल पूछा और मैने थोड़ा उदास होते हुए कहा की मुझे तुमको दिल भरकर प्यार करना है और खुले में ऐसे करना भी सही नहीं है। अब प्रिया एकदम से उठी और बोली : बस इतनी सी बात ? मै अभी एक होटल वाले को हमारे आने की खबर कर देती हु। इतने में प्रिया ने फोन निकालते हुए एक नंबर मिलाया और हमारे लिए एक कमरा बुक कर दिआ। 

अब मेरी चाहत पूरी होती दिख रही थी और शयद प्रिया भी अपनी चुदाई के लिए राजी थी। होटल पर पहुंचते ही हम सीधा ऊपर चले गए और शायद यही एक रंडी की बातचीत थी। अब कमरे में पहुंचते ही हम दोनों बिस्तर पर बैठकर बाते करने लगे। और अब मैने प्रिया के करीब जाने की कोशिश शुरू करि और कुछ करीबी बढ़ने के बाद मैने प्रिय को किस करना शुरू किआ। 

अब हम दोनों एक दूसरे में खो चुके थे और एक दूसरे को पूरी तरह से चूमे जा रहे थे। प्रिय के गीले होठ मेरे होठ पर लगते हुए एक करंट सा दे रहे थे। और दूसरी जगह में प्रिया के बूब्स दबाना भी शुरू कर चूका था।  प्रिया प्यार से आहे भरते हुए मेरे होठो को चूसे जा रही थी। अब प्रिया ने मेरे पेंट में हाथ डालते हुए मेरे लोडे पर पकड़ बना ली और उसे हिलाने लगी। अब मै भी प्रिया को ऊपर से पूरा नंगा कर चूका था और उसके बूब्स में मुह्ह घुसाते हुए नूरी तरह निप्पलों को चूस रहा था। 

प्रिया निप्पलों को चुसवाते हुए पागल सी हो रही थी और मेरे बाल पकड़ते हुए मेरे सर को अपने चुचो में घुसा रही थी। अब किस करते हुए निचे जाते हुए मेने प्रिया के पूरे पेट पर चुम्बन करना शुरू कर दिआ  और उसकी सलवार तक पहुंच गया। अब मैने प्रिया का नाडा खोलते हुए प्रिया की टाँगे चौड़ी कर दी। प्रिया की काली पैंटी पूरी तरह से भीग चुकी थी जिसे मेने हाथ से सरकाते हुए प्रिया से अलग कर  दिआ।  अब मैने प्रिया की चूत को किस करना शुरू किआ जो की नमकीन पानी से पूरी तरह भीग चुकी थी। प्रिया की चूत धंधे की वजह से पूरी चिकनी और थोड़ी काली थी जिसमे मेरी 2 उंगलिआ आराम से घुस रही थी। 

दूसरी तरह प्रिया कामवासना में तड़प रही थी और मेरा लंड पकड़ कर जोर जोर से हिला रही थी। मैने अब अपना लंड प्रिया के हाथो में देते हुए चूसने के लिए कहा। पहले मना करते हुए बाद में प्रिया ने मेरा लंड चूसना शुरू किआ।  शुरू में धीरे धीरे करते हुए प्रिया ने अब चुसायी तेज कर दी और मेरा लंड किसी गन्ने की तरह चूसने लगी। 

रांड को अलग अलग पोज में रगड़ के चोदा 

अब मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो गया था और प्रिया की थूक से भोग चूका था। अब मैने प्रिया की टाँगे खोली और अपना लंड उसकी चूत पर रख दिआ। एक जोर के झटके से मेरा पूरा लंड प्रिया की चूत में प्रवेश कर गया और मेने प्रिया को छोड़ना शुरू कर दिआ। किसी अच्छी रांड की तरह प्रिया भी आहहह ओह्ह्ह्हह की आवाजे दे रही थी जिससे मुझे चुदाई में और मजा आ रहा था। अब मैने निचे लेटते हुए प्रिया को अपने लंड पर बिठा लिआ और निचे से उसकी चूत चोदने लगा। 

मेरा लंड प्रिया की गांड पर लगते हुए तेज तेज आवाजे निकाल रहा था और हमारा पूरा कमरा ठप ठप की आवाजो से भर गया था। अब मेरे पूजा को कुतिया बनने के लिए कहा। और बिना कुछ बोलते हुए प्रिया ने अपनी गांड झुकाई और मेरी तरह करके कुटिया के पोज में आ गयी। अपने लंड पर थोड़ा और थूक  लगाते हुए मैने अब वापस अपना लंड प्रिया की चूत में पीछे से हुआ दिआ। प्रिया के कंधे पकड़कर मै उसकी दमदार चुदाई कर रहा है और वह भी काम वासना भी लीन होते हुए मेरी चुदाई से मजा ले रही थी। लंड प्रिया की चूत से निकालते हुए मैने अब प्रिया को अपनी गोदी में उठा लिआ और दिवार तक ले गया। 

अब मैने एक हाथ से प्रिया की एक टांग ऊपर करि और अपना लंड वापस से उसकी चूत में घुसते हुए छोड़ना शुरू कर दिआ। प्रिया का पूरा शरीर दीवार की तरफ घुसा हुआ था और में उसकी पीछे से जोरदार चुदाई कर रहा था। ऐसे ही उस दिन मैने प्रिया की 4 बार चुदाई करी।  हर बार किसी न किसी तरीके से मेने प्रिया की चूत मारी और अपनी हवस मिटाई। आगे भी हमने कई बार होटल में जाकर दबाके चुदाई का मजा लिआ और मैने प्रिया की छूट फ्री में मारी। 

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