इंटरनेट से चुदाई मिलने की ख़ुशी – 3

उसकी चूत से जो रस निकल रहा था वो मुझे बहुत स्वादिष्ट लगा। मैं अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर डाल कर चारों तरफ घुमाने लगा और जोर से उसकी चूत के दाने को अपने मुख में लेकर चूसने लग गया। 

वो पागल हुए जा रही थी- आह … उफ्फ चाट … मेरी चूत खा जा … बहनचोद कुत्ते आह! ऐसे बोलते हुए पाँच मिनट में ही मेरे मुहँ में झर गयी। मैं उसका सारा माल पी गया। 

आह … क्या स्वाद था यार उसका … क्या ही बोलूँ! वो मुझे देख कर मुस्कराने लगी। फिर मैंने उसके होठों पर एक प्यारा सा किस कर दिया। इसके बाद हम बाथरूम में नहाने चले गए और एक दूसरे को अच्छे से नहला कर फिर से रूम में आ गए और नंगे ही बेड पर लेट गए। 

मैंने एक सिगरेट जलायी और मैं फिर से उसके शरीर के साथ खेलने लगा। उसके होठों को चूसने लगा और उसे गर्म करने लगा, उसके चूतड़ों पर हाथ फेरने लगा। वो मुझसे एकदम से चिपक गई। 

उसकी गांड और भी ज्यादा खुल गई। उसके पूरे शरीर को अपनी जीभ से चाटने के बाद मैंने ज़ाफ़रा को अपनी बांहों में जोर से जकड़ कर अपने नीचे लिटा लिया। 

नौकरी करने वाली को चोदा – 1

69 की पोजीशन में एक दूसरे को चाटा 

उसकी आंखों से चूमते हुए उसके गालों को चूम कर उसकी चूची पर आ गया। अब वो अपनी चूची चुसवाती हुई बोली- मयंक, मुझे आज अपना बना लो। आज के लिए मैं तुम्हारी हूँ। मेरी चूत की प्यास बुझा दो। 

मैंने कहा- ज़ाफ़रा आज के लिए तुम मेरी हो … आगे भी तुम मुझे अपना बनाकर रखना चाहो तो रख सकती हो। इतना कह कर मैं उसके बूब्स और निप्पल को मुख में लेकर चूसने लगा और वो ‘आह उफ्फ्फ आह मम्मा मम्मा आह’ की आवाज करने लगी। 

इसके बाद हम 69 वाले पोज में आ गए और एक दूसरे के चूत और लंड से खेलने लगे। अब वो तैयार हो चुकी थी चुदने के लिए! तभी मौका देखते हुए मैं उसे सीधा लिटाकर बेड के साइड से खड़ा हो गया। 

उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख उसकी गांड पकड़ कर उसकी चूत में एक बार में ही अपना पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया और पूरी ताकत से उसे चोदने लगा। वो बहुत जोर जोर से गालियाँ देते हुए चिल्ला रही थी। 

भाभी की चिकनी चुत का रसीला स्वाद – 1

चुत में निकाल दिआ सारा मॉल जबरदस्ती

घर में सिर्फ हम दोनों ही थे तो कोई दिक्कत नहीं थी उसके चिल्लाने में! अब मैं भी उसे जोर जोर से चोदते हुए आह आह की आवाजें निकाल रहा था। इसी पोज में उसे मैं काफी देर तक चोदता रहा और फिर हम डॉगी स्टाइल में चुदाई करने लगे। 

उसकी गांड पकड़ कर में जोर जोर से चोद रहा था। मेरा पानी निकलने ही वाला था तो मैंने उसे बोला। लेकिन वो सेक्स में इतना डूबी हुयी थी कि उसने जिद पकड़ ली कि मैं अपना सारा माल अंदर ही डाल दूँ। 

डॉगी स्टाइल में पाँच से सात मिनट चोदने के बाद मैंने अपने लंड का सारा पानी उसकी चूत में ही भर दिया। और वो भी इस बीच मेरे लंड पर झर चुकी थी। हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर ऐसे ही पड़े रहे और शाम को सात बजे सोकर उठे और फ़्रेश हुए। 

उसने बाहर से खाना ऑर्डर करके घर पर ही मँगवा लिया और वो फिर से फ्रीज से ठंडी बीयर की बोतल निकाल लायी। हमने बीयर पीते हुए आराम से खाना खाया और फिर रात को 11 बजे से लेकर सुबह 3 बजे तक हमने फिर से अलग-अलग पोज में चुदाई की। 

अगले दिन मैं अपने घर आ गया। अब वो मेरी अच्छी दोस्त भी बन चुकी है। उसका जब भी मन होता है चुदने का … वो मुझे कॉल करके बुला लेती है। मैं उसे अपनी जीभ और अपने लंड से मजा देने पहुँच जाता हूँ।

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