मम्मी की चूत मारी जन्मदिन की रात में

हर दिन की तरह आज आपका एक और नयी कहानी में स्वागत है। हवस से भरी दुनिआ में खोने के लिए तैयार हो जाईये क्युकी यह कहानी बहुत ही शानदार और अलग होने वाली है। 

हेलो दोस्तों मेरा नाम शिवम् है और यह किस्सा पिछले साल का ही है जब मेरा जन्मदिन था।  हम परिवार में 4 लोग रहते है  मै मेरा भाई और मेरे मम्मी पापा।  पापा फौज में होने के कारण हमसे से मिलने काम ही आ पाते है और मेरा भाई भी दूसरे शहर मे नौकरी करता था। मै आपको बता दू मेरी माँ एक बहुत ही सुन्दर महिला  है जो किसी को भी लुभा सकती है। मेरे जन्मदिन वाले दिन मुझे सभी ने बधाई दी मेने और मेरे दोस्तों ने बहुत अच्छे से मेरा जन्मदिन भी मनाया।  पर पापा और भाई की कमी मुझे और मेरी माँ दोनों को महसूस खाल रही थी। माँ ने मुझसे मेरी उदासी का कारण पूछा तब मै कुछ भी ना बोल पाया। मम्मी ने मुझसे दुबारा पूछते हुए कहा की बताओ शिवम् तुम की चाहिय। मैने सर उठाते हुए मम्मी से बोला की पहले आप कसम खाइये की जो मै मांगूंगा आप देने से मन नहीं करोगी।  मम्मी ने मुझे खुश करने के लिए जल्दी जल्दी में हामी भर दी और मुझसे पूछने लगी। 

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माँ को नंगा देखा और किआ सेक्स 

मैने बाद में बताता  हु कहते हए मम्मी को खाना बनाने के लिए बोल दिआ।  अब रात के 9 बज गए थे और मेरे सोने का समय भी होने लगा था।  मेरे लेटने के कुछ देर बाद मम्मी अंदर आयो और बोली की अब तेरा जन्मदिन भी खत्म होने वाला है बता शिवम् तुझे की चाहिए।  मैने हिचकिचाते हुए बोलै की मुझे आपको पूरी तरह से नंगा देखना है।  मम्मी को गुस्सा आ गया और वो मुझे मारने के लिए आगे आने लगी।  मेने तभी उन्हे उनकी कसम के बारे में याद दिआ।  अब मम्मी एकदम लाचार सी दिख रही थी।  मम्मी ने रुकते हुए बोला की बस आज का  दिन है इसलिए यह सब कर रही हु।  आज की रात के बाद हम दोनों को सब भूल जाना होगा। मैने हां भरते हुए मंजूरी देदी। 

अब मम्मी धीरे धीरे मेरे सामने अपने कपडे उतरने लगी और कुछ ही देर में पूरी नानी होकर मेरे सामने कड़ी हो गयी। मै बहुत हैरान था कुकी मैने कभी अपनी माँ को ऐसे सोचा भी नहीं था।  बिस्तर से उठते हुए मैने अपनी माँ को बाहो मे भर लिआ और गले पर किस करने लगा।  मम्मी ने मुझे रोकते हुए बोला की शिवम् ये तुम की कर रहे हो मै तुम्हरी माँ हु।  मेने बिना रुकते हुए अपने चुम्बन चालू रखे और कुछ देर बाद मम्मी कामवासना में खोने लगी।  

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मम्मी को लिटाया और जी भरके करी चुदाई 

अब मै माँ को बिस्तर पे ले आया और खुद भी नंगा होकर उनके नितम्बो को चूसना शुरू कर दिआ।  अब मम्मी भी हवस से भर चुकी थी और मुझे ऊपर खींचते हुए मेरे होठो को चूसने लगी। मम्मी और मै सारी शर्म भूल गए थे और एक दूसरे के जिसम को चूमे जा रहे थे। अब मम्मी निचे हुयी और मेरे लंड को पकड़ कर हिलना शुरू कर दिआ।  ऐसा पहली बार था जब किसी औरत ने मेरा लंड पकड़ा हो। मेरा लंड पूरा सख्त हो गया था और मुझे बहुत मजा भी आ रहा था।  अब मम्मी ने मेरा लोडा चूसना चालू कर दिआ जिससे मुझसे रहा ना गया और में उनके मुह्ह में ही झड़ गया।  

कुछ समय की चुम्मा चाटी के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था।  बिना देर करते हुए मेने अब अपना लंड मम्मी की चूत पर लगा दिआ और एक जोर का धक्का मारा जिससे मम्मी की चीखे निकल गयी।  अब मेने अपनी मम्मी को चोदना शुरू कर दिआ।  मम्मी भी निचे ऊपर होकर मेरा साथ दी रही थी।  मम्मी पूरी तरह कामवासना में लीन हो गयी थी और आँखे बंद करके अपनी चुदाई का पूरा मजा ले रही रही। मैने धक्को की रफ़्तार बड़ा दी और मम्मी को तेजी से मम्मी की चुदाई करने लगा जिससे  उन्हें भी बहुत मजा आ रहा था। ऐसे ही हमने उस रात ३ बार जोरो की चुदाई करि जिसमे मुझे और माँ दोनों कप बहुत आनंद आया। 

तो दोस्तों किसी लगी आज की कहानी हमें मेल करके जरूर बताये और नई नई सेक्स से भरी कहानिआ पढ़ते रहने के लिए हमारी वेबसाइट पर रोज आये। 

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