मौसी की हवसी जवानी को रगड़ रगड़ कर चोदा

सभी पाठको को मेरा दिल से शुक्रिआ और हमारी सभी कहानिओ को बहुत सारा प्यार देने के लिए भी धन्यवाद। आपने हमारी मामी और भाभी की नंगी कहानिआ तो पढ़ ही ली होंगी।  तो अब आपके लिए हम एक पूरी तरह हवस से भरी और जिसम को गरम कर देने वाली मौसी की कहानी लाये है। 

तो चलिए शुरू करते है, यह कहानी मेरी मौसी कविता की है जिसका जिसम संगमरमर जैसा सफ़ेद और चूचिआ उसके गुमबत जैसी थी। मौसी हम सब से  ही प्यार से बाते किआ करती थी।  पर में अपने सभी भाई बहेनो में सबसे ज्यादा शरारती था जिससे में मौसी से बहुत मजाक भी किआ करता था। जब भी मौसी मुझे गले लगाया करती मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगता और लंड टाइट हो जाया करता था।  

अब कुछ दिन बाद पापा की गांव से एक फोन आया।  फोन उठाते ही पापा ने सबको कपडे पैक करने को बोला और तैय्यारी करने लगे। अब मैने पापा से इस बात कारण पूछा तो पापा ने बताया की बुआ की तबियत बहुत ही ज्यादा खराब हो गयी है इसलिए हम सब को रात में ही निकलना पड़ेगा। पर शायद पापा ो यह नहीं पता था की एक हफ्ते बाद मेरे पेपर भी आ गए थे। मम्मी ने इतने में नानी के  घर पर फोन करते हुए नानी को सब बता दिआ और मेरा ख्याल रखने के लिए मौसी को घर पर भेज दिआ।  अब मम्मी भाई और पापा ने गाडी में बैठते हुए हमे टाटा किआ और अपनी मंजिल को निकल गए। 

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जागती हुई हवस और मेरे अनोखे सपने 

अब पूरे घर पर मै और मौसी अकेले थे।  रात को खाना खाके मै अब कम्बल में लेट गया और टीवी देखते देखते ही सो गया।  आप रात के 2 बज चुके थे मुझे रात को पानी पिने की आदत के कारण मेरी नींद खुली और नींद खुलते ही मेने देख की मौसी भी मेरे बगल में सो रह थी। क्युकी हमारे घर में 2 कमरे थे जिनमे से एक हम मेहमानो के लिए रखते है। मौसी उस कमरे में आराम से सो सकती थी पर वह मेरे साथ मेरे ही बेड पर सोई हुई थी।  

मौसी के बूब्स मेरे हाथो पर पूरे दबे हुए थे और मौसी के रसीले होठ भी मेरी ही तरफ थे। मुझे  अब मौसी को किस करने की बहुत इच्छा भी हो रही थी। मैने खुद पर काबू करते हुए अपने लड़ को पकड़ा और  हाथ में लेकर दूसरी तरफ मुह्ह करके सो गया। पर अब मौसी ने मुझे  नींद में ही पीछे से अपनी बाहो में भर लिआ। मै यह सब पाँली बार महसूस कर रहा था इसलिए  धड़कन भी बहु तेजी से चलने लगी थी।   मौसी की सांसे मै  अपनी पीठ पर साफ़ महसूस कर सकता था जिससे मेरा लंड खुद ही खड़ा हो गया था।  

इतने में ही मौसी ने अपना एक हाथ बढ़ते हुए मेरे लंड पर रख दिआ।  मै अभी भी नींद में होने का नाटक कर  रहा था और मौसी का हाथ मेरे लंड पर रखा होने की वजह से मेरा लोडा और भी बड़ा और सख्त हो गया था। मैने पहले ही मौसी की चुदाई के कई सपने देखते थे जिनमे से एक अब सच भी हो रहा था  अब मौसी ने मेरे लंड पर थोड़ी सी पकड़ बना ली। अब मौसी मेरे लंड को धीरे धीरे करते हुए पीछे से लोडा हिला रही थी।  

अब मै भी मौसी की तरफ मुह्ह करके सोने लगा और मौसी से मजे लेने लगा।  

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मौसी को चोदा और मिटाई मौसी की लंड की प्यास 

मौसी के बूब्स पर हाथ रखते हुए मेने उन्हें दबाना शुरू कर दिआ।  अब मौसी ने भी अपनी आंखे खोली और मुझे किस करने लगी हम दोनों एक दूसरे के होठो को बहुत प्यार से हवस  से  और चूसे जा रहे थे। अब हम दोनों बिना शर्म किये एक दूसरे के कपडे उतारने लगे।  मौसी की ब्रा उतारते हुए मेने मौसी के मोठे बूब्स को दबाते हुए खूब चूसा जिससे मौसी भी आहे भरने लगी। 

मौसी को पूरा नंगा करने के बाद अब मौसी बस एक लाल कलर की पैंटी में थी।  चूत के पास हाथ लेजाते हुए मेने वह पैंटी भी उतारी और मौसी की छूट को रगड़ने लगा। मौसी बहुत ही ख़ुशी भरी आहे भर्ती जा रही थी। अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह के आवाजों से पूरा कमरा भरा हुआ था। अब मौसी ने मेरे ऊपर चढ़ते हुए मुझे पूरी तरह चुम्बनों से भर दिआ और मेरे भी सारे कपडे उतार दिए।  हाथ में मेरा लोडा पकड़ते हुए मौसी ने अब उसे अपने मुह्ह में लेके चूसना शुरू कर दिआ।  

मेरा  पुरी तरह से अकड़ चूका था था और मौसी उसे किसी लॉलीपॉप की तरह खाये और चूसे जा रही थी। बहुत देर की चुसाई के बाद मौसी ने मेरा लंड छोड़ा और मुझे वापस से किस करना शुरू कर दिआ। अब मेरा लोडा चुदाई के लिए पूरी तरह से तैयार था।  मैने अपना लंड मौसी की चूत पे रखते हुए एक जोर का धक्का मरकर अपना लोडा पूरा अंदर घुसा दिआ। शुरू में मौसी को थोड़ा दर्द हुआ और फिर मौसी भी जमकर चुदाई का मजा लेने लगी। मै अपनी पूरी ताकत के साथ मौसी की चूत में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था और मौसी को चुदाई का आनंद दे रहा था। 

मौसी भी अब कामवासना में पूरी बह चुकी थी। और अब घोड़ी स्टाइल में बिस्तर पर झुक गयी। मैने भी अपना लंड पीछे से मौसी की चूत में डाला और चुदाई शुरू कर दी। ऐसे ही हम दोनों 20 मिनट तक चुदाई करते रहे और अब में बहुत तक भी गया था। मैने अब मौसी को लिटाकर उनकी दोनों टाँगे अपने कंधो पर उठाई और लंड उनकी चूत में फ़साते हए बुरी तरह चोदने लगा। अब मौसी पागलो की तरह आहे भरे जा रही थी और मुझे धीरे चोदने को बोल रही थी। पर हवस के कारण अब मै पूरा अँधा हो चूका था और मौसी की चूत को तेजी से चोदे जा रहा था। कुछ 15 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मेरा पानी अब निकलने वाला था तो मैने एकदम से अपना लंड निकालकर लोडा मौसी के मुह्ह में देके अपना सारा वीर्य उन्हें पीला दिआ। 

उस रात मैने मौसी को बहुत बार चोदा और उनकी चूत को झड़ने पर मजबूर भी कर दिआ। और अभी भी मै और मौसी कई बार होटलो में रूककर चुदाई करते है और एक दूसरे की हवस को पूरा करते है।

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