साली के साथ किआ सेक्स और मारी चूत दबाके

 मेरा नाम राजन है दोस्तों और यहाँ में आपको अपनी कहानी प्रस्तुत करने आया हु। यह किस्सा मेरी चुड़क्कड़ साली का है जिसको मैने बुरी तरह चोद डाला था। तो चलिए शुरू करते है जानना की कैसे मैंने अपनी साली की गांड को पेला। 

मेरी शादी 21 साल की उम्र में ही हो गयी थी। मेरी पत्नी से में बहुत मजाक किआ करता था और अपनी सालिओ पर भी में पूरा हक़ जमाता था। मेरी 2 सालिआ थी जिनमे से एक का नाम शबनम और दूसरी का नाम रेखा था। रेखा से मै ज्यादा बाते किआ करता था कुकी वह भी मुझे हसी ठिठोली किआ करती थी। रेखा दिखने में बहुत ही सुन्दर थी जिससे मुझे कभी कभी अपनी पत्नी को देखकर दुःख होता था। मै रेखा को चोदने के लिए कई बार मोके देख चूका था। पर वह मुझसे कैसे न कैसे करके बच जाया करती थी। 

अब मेरी पत्नी प्रेगनेंट हो रखी थी और उसका 6 महीना भी चल रहा था। रेखा की माँ यानि मेरी सासु माँ ने रेखा को हमारे घर काम करवाने के लिए भेज दिआ। रेखा हमारे घर पर अब मेरी पत्नी का कामो में हाथ बताया करती थी। रेखा कई बार शॉर्ट्स में ही काम किआ करती थी जिससे मुझे उसके चुदाई के ख्याल आने लगते थे। 

संडे को साली को दबोचा 

अब यह बात संडे की है क्युकी मेरी उस दिन छुट्टी थी। मेरी पत्नी बिस्तर पर लेटी हुई थी और रेखा रोटियां बना रही थी। मैने चुपके से जाकर रेखा को पीछे से अपनी बाहो में भर लिआ और गले पर किस कर दिआ। रेखा एकदम से मुड़ी और मुझे देखकर चौक गयी और मुझपर गुस्सा होने लगी। मैने रेखा से कहा की मुझे वह मेरी पत्नी जैसी लगी इसलिए मेने उसे पीछे से गए लगाया था। रेखा भी इससे एक गलत फेहमी मानकर चुप हो गयी और रोटी बनाने लगी। 

अगले दिन रेखा ने जानबूझकर मेरी पत्नी की मैक्सी पेहेन ली। रेखा की गांड मैक्सी में साफ़ दिख रही थी उसकी गांड पूरी तरह 2 हिस्सों में बटी हुई दिख रही थी। जैसे ही अब रेखा रसोई में रोटी बनाने के लिए गयी मै भी उसके पीछे पीछे निकल गया। अब रेखा ने मुझे कहा की वह मेरी पत्नी की मैक्सी में किसी लग रही है। मैने उसे कहा की साली साहिबा तुम तो वैसे ही अपनी दीदी जैसी लगती और इस मैक्सी में तो उससे भी ज्यादा सुन्दर दिख रही हो। 

रेखा ने मुझे कहा की काश उसे उसे भी मेरे जैसा प्यार करने वाला पति मिले जो उससे हमेशा खुश रखे। मौका देखते हुए मैने रेखा से कहा की मै भी तुम्हरा आधा पति हु। कुकी साली आधी घरवाली होती है और उसका घर पर भी हक होता है। अब रेखा ने हस्ते हुए कहा की : पर प्यार तो आप बस दीदी से ही करते हो ना। मैंने कहा की वह भी अपनी दीदी जैसे दिखती है इसलिए मै उससे भी प्रेम करता हु। 

अब रेखा ने मुझे ताने मारते हुए कहा की : कल तो अपने मुझे गले भी इसलिए लगाया था कुकी मै आपको दीदी जैसी लगी थी। ऐसा कहने के बाद मैने देर न करते हुए रेखा को अपनी बाहो में समां लिआ। रेखा की गांड मेरे लंड पर चिपक गयी थी और उसक दरार में घुसा जा रहा था। रेखा ने भी मेरा लंड महसूस कर लिआ था और वो भी पीछे से अपनी गांड उठाते हुए रोटी बना रही थी। इतने में मेरी पत्नी नींद से उठ गयी और रेखा से रोटी के बारे में पूछने लगी। मै एकदम से रसोई से बाहर आ गया और कमरे में जाकर बैठ गया। 

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साली को ऊपर कमरे में लेजाकर चोदा 

रोटी खाने के बाद हम सब सोने लगे और अपनी पत्नी को सुलाने के बाद मै अपनी साली के कमरे की तरफ ऊपर चला गया। रेखा अभी भी जाग रही थी और मै अंदर जाकर बैठ गया। रेखा और मै अब बाते करने लगे और रेखा कहने लगी की रोटी बनाते वक्त मै बहुत शरारत करता हु। मैने कहा की वह तो मेरा तुम्हरे लिए प्यार है जो कभी ख़तम नहीं हो सकता। ऐसा बोलने के बाद रेखा ने मुझसे कहा की ऐसा है तो दिखाओ कहा है आपका प्यार। यह मेरे लिए एक खुल्ला मौका था जिसे मेने अपने हाथो से जाने नहीं दिआ। 

मैने उठते हुए रेखा को गले लगा लिआ जिससे मेरा लंड भी एकदम से खड़ा हो गया। रेखा मेरा लंड अपनी चूत पर महसूस कर सकती थी जिससे मै बार बार संभल रहा था। अब रेखा ने भी जोर से अपनी बहो में भर लिआ और मुझसे कहा की वह ही मुझसे बहुत प्यार करती है। मैने अब रेखा के माथे पर एक किस कर दिआ जिसके बाद रेखा कामवासना में बह गयी। रेखा ने सीधा मेरे होठो पर किस करना शुरू कर दिआ और मेरे होठ चूसने लगी। 

मैने भी अब उसका साथ देना शुरू किआ और उससे पूरे चेहरे और गले पर चुम्बन करने लगा। रेखा पूरी तरह कामवासना में लीन हो गयी थी और मुझे बुरी तरह अपनी बाहो में जकड रही थी। मेने अब रेखा का टॉप उतार दिआ जिसके निचे उसने कुछ भी नहीं पहना था। रेखा के बूब्स दोनों हाथो में लेते हुए मैने उन्हें दबाना शुरू किआ और रेखा को बिस्तर की तरह ले गया। अब मैने रेखा को लिटाया और बूब्स को चूसना शुरू कर दिआ। रेखा मजे से ओरल सीख का मजा ले रही थी।  कुछ देर बाद मैने अपना पजामा निचे किया और रेखा के हाथो में दे दिआ। रेखा मेरे लंड को जोर जोर से हिला रही थी जिसके बाद मेने उसे लोडा मुह्ह में लेने को कहा। 

पहले रेखा ने मुझे मना किआ और बाद में मेरी जिद्द के बाद लोडा मुह्ह में लेना शुरू किआ। कुछ देर ऊपर से चाटने के बाद रेखा को मजा आने लगा और अब रेखा मेरा पूरा लंड अपने मुह्ह में लेकर चूसे जा रही थी। मेरा लंड भी पूरी तरह टाइट हो गया था जिसके बाद मैने रेखा का पजामा भी उतार दिआ। रेखा की पैंटी गीली हो गयी थी। मैने पैंटी उतारते हुए अपना लंड रेखा की चूत पर रखा और एक ही झटके में रेखा की चूत में पूरा घुसा दिआ। रेखा की चीख निकल गयी और वह मुझे रोकने लगी। रेखा की एक ना सुनते हुए मैने रेखा की चुदाई जोरो से शुरू कर दी। रेखा की आवाजे अब आहो में बदल गयी और रेखा मुझे जीजा जी और तेज कहके उकसाने लगी। 

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मैने अपने धक्के तेज कर दिए और रेखा की चूत की चुदाई और बुरी तरह करने लगा। मेरा बदन पूरा पसीने में भीग गया था और रेखा की चुदाई मै अपनी पूरी ताकत से किये जा रहा था। रेखा भी अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह करते हुए चुदाई के मजे लिए जा रही थी जिससे मेरा लंड पूरा तन गया। आधे घंटे की दबादब चुदाई के बाद मेरे लोडे में अकड़ आने लगी और मैने अपना लंड रेखा की चूत से बाहर निकालते हुए अपना लोडा उसे मुह्ह में दे दिआ। रेखा मेरा सारा वीर्य पी गयी और उस रात हमने 3 बार घंटो चुदाई करि। रेखा भी मेरे प्यार से बहुत खुश रही और मेरा बचा होने के बाद भी मैने रेखा को अपने घर बुलाया और रातो में दबा के चोदा।

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