जीजा के साथ शादी के अगले दिन किआ साली ने सेक्स

कविता की बेहेन की शादी आज रात को होने वाली थी पर कविता की नजर अपने ही जीजा पर आ गयी थी। कविता शुरू से ही एक तेज दिमाग वाली लड़की थी जो वह सबकुछ पा लेती थी जिसे वह चाहती थी। 

आज भी कुछ ऐसा ही होने वाला था कविता का दिल अपने ही जीजा पर आ गया था। कविता की उम्र भी कुछ 22 साल की हो गयी थी और हवस का स्वाद उनके मुह्ह तक पहुंच गया था। 

कविता को किसी भी तरह से अपने जीजा को अपने साथ करना था और इसके लिए कविता ने शादी के अगले दिन ही जीजा से चुदाई का प्लान बना लिआ। कविता की बेहेन की शादी रात में हुई थी। 

रात के समय गांव में लाइट चली गयी थी इसलिए बरात को एक रात के लिए वही रुकने के लिए बोल दिआ गया। कविता की बेहेन और उसके जीजा को अलग अलग कमरे में सुलाया गया। 

कविता को यह बात शुरू से ही पता था और मौका पाते ही कविता भी अपने जीजा के कमरे में चली गयी। कविता का जीजा भी अभी तक सोया नहीं था और जैसे ही कविता अंदर गयी जीजा जी सीधे होकर बैठ गए। 

जीजा को लग रहा था की कविता ऐसे ही उनसे मिलने के लिए आयी है पर कविता के दिल में कुछ और ही बात थी। कविता अपने जीजा के बहुत ही ज्यादा पास जाकर बैठ गयी और जीजा को यह सब मजाक लग रहा था। 

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कविता ने लिआ अपने जीजा का लंड हाथ में

अब कविता अपने जीजा के बहुत ही करीब बैठ कर बाते कर रही थी और जीजा से मजे भी ले रह थी। धीरे धीरे जीजा का भी लंड खड़ा होने लगा था जिस बात का पता कविता को भी लग गया था। 

अब जीजा का लंड खड़ा हो गए था जिसपर कविता ने अपना एक हाथ रख दिआ और ऐसा दिखाया की उसे कुछ भी मेहसूस नहीं हुआ है। जीजा भी अब कविता की चाल समझ चूका था। 

कविता ने अब धीरे धीरे जीजा से गन्दी बाते करना शुरू कर दिआ और जीजा से उनकी सुहागरात के बारे में पूछना शुरु किआ की वह उसकी बेहेन की चुदाई कैसे करेंगे। जीजा भी कविता से मजे लेने के लिए तैयार था। 

इतने में जीजा ङोल ही रहा था की कसता ने जीजा का लंड हिलाना शुरू कर दिआ और जीजा का लंड और भी ज्यादा बड़ा होता चला गया। जीजा को अब बहुत मजा आ रहा था जिससे जीजा भी हवस में खोने लगा। 

अब कविता का प्लान काम आकर रह था और कविता सीधा अपने जीजा की गोद में बैठ गयी और जीजा का लंड अपनी गांड के निचे कर लिआ। अब कविता ने अपने जीजा के जल्द पर एक चुम्मा दिआ। 

जीजा भी गरम हो गया था और वह खुद को ना रोक पाया और जीजा ने साली के होठो चूसना शुरू कर दिआ। वह जोरो से चुम्बन की बारिश हो रही थी और जीजा और साली एक दूसरे के होठो का रसपान करने लगे।

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जीजा के लंड को लिआ अपनी चुत में और हुई मस्त चुदाई 

अब कविता ने जीजा का हाथ अपने एक चुचे पर रखा और खुद ही अपने बूब्स को दबाने लगी। जीजा भी अब साली के मोटे बूब्स जोर जोर से दबाते हुए साली के होठो को चूस रहा था। 

कविता भी अब अच्छे से गरम हो गयी थी और जीजा उसके चुचे अच्छे से दबा रहा था। अब कविता उठी और जीजा का लंड उनकी पेंट में से निकाल लिआ और चूसने लगी। जीजा को इससे बहुत मजा आ रहा था और कविता भी अच्छे से लंड चूस रही थी। 

अब कविता ने हवस में अपने सारे कपडे खोल दिए और जीजा के सामने नंगी हो गयी। अब साली अपनी जीजा के लंड को अपनी चूत में लेते हुए उस पर बैठ गयी और चुदाई शुरू की। 

कविता की चुत बहुत टाइट थी इसलिए जीजा को बहुत मजा आ रहा था। जीजा भी साली की जोर जोर से चुदाई कर रहा था और साली भी हवस में पागल जीजा का लंड अपनी चुत में अच्छे से घुसवा रही थी। 

दोनों गरम होते हुए एक दूसरे के जिस्म को चाट रहे थे और चुदाई का मजा ली रहे थे। अब साली जीजा के लंड पर जोर जोर से कूद रही थी और अपना चुत चुदाई करवा रही थी की जीजा का लंड पानी छोड़ने लगा। 

साली को यह अच्छा नहीं लगा पर साली जीजा के लंड से उतर गयी और लंड को जोर जोर से हिलाने लगी। जीजा के लंड से जोर की वीर्य की धार निकली जो कविता पी गयी और सोने के लिए अपने कमरे में चली गयी। 

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