दीदी के मोटे चुचे और चुत की चुदाई – 1

मैं पहले ही बता देना चाहता हूं कि यह सिस्टर ऐस फक कहानी मेरी बड़ी दीदी नेहा की चुदाई की है। मेरे घर में नेहा दीदी ही बची थीं जिनकी जवानी का रस मैंने नहीं पिया था। उनकी शादी पहले ही हो चुकी थी। 

वो बहुत दिनों बाद घर आ रही थीं। मैं ही एक ऐसा मादरचोद इंसान था जिसने घर में सबकी जवानी का रस पिया था। बड़े भैया इन सब बातों से अनजान थे कि मेरा लंड घर की सभी औरतों की फुद्दी का स्वाद ले चुका है। 

जब मुझे पता चला कि नेहा दीदी घर आ रही हैं तो मैं मां से बोला- आप कुछ ऐसा करना कि मेरा लंड नेहा दीदी की चूत का स्वाद जरूर चख ले। मां बोलीं- हां, कोशिश करूंगी।

मैं मां को हड़काते हुए बोला- कोशिश नहीं, मुझसे दीदी की चूत का स्वाद चाहिए ही है। मां बोलीं- साले, तुम्हारे लंड के लिए मेरी चूत है ना, जितना मन करे, उतना मेरी चूत को चोद लो … मैं मना करूं तो कहना। 

विधवा भाभी की मस्त चुत – 3

मम्मी को मनाया दीदी की चुदाई के लिए 

तुम्हारा मन मुझे दिन भर पेलने के लिए करे, तो पूरे दिन मुझे पेलो, मैं कहां मना कर रही हूँ। मैं बोला- वो तो ठीक है, लेकिन नेहा मुझे दीदी की जवानी का रस भी पीना है। मां बोलीं- ठीक है। 

मैं उससे बोलूंगी, पहले उसे आने तो दो! दो दिन बाद दीदी घर आ गईं। जब मैंने उन्हें देखा, तो हैरान रह गया कि नेहा दीदी पहले से भी अधिक सुंदर दिख रही थीं। वैसे हमारे घर में सभी लोगों का रंग गोरा ही है। 

नेहा दीदी की शादी बहुत कम उम्र में ही हो गई थी। वो इस समय दो बच्चों की मां हो गई थीं। उनकी चूत ने एक लड़की और एक डेढ़ साल का लड़का पैदा कर दिया था। 

जब मैंने नेहा दीदी को देखा, तो उनकी चूचिया बहुत ही मोटी थीं। दीदी की चूचियों में दूध भरा होने के कारण उनकी चूचियां और भी ज्यादा फूली हुई थीं। उनकी गांड मां की तरह चौड़ी थी।

मैं समझ गया कि दीदी की गांड को मारने में कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि दीदी अपनी गांड की सेवा करवाती हुई लग रही थीं। फिर दीदी से हाल चाल जानना हुआ। वो अपने दोनों बच्चों के साथ आई थीं। 

मेरी नजर उनकी चूचियों पर गड़ी थी। दीदी भी समझ चुकी थीं कि मैं उनकी चूचियों को ही घूर रहा हूँ। फिर मैं मां के पास गया और उनसे कहा कि जितना जल्दी दीदी सैट हो जाएं, मेरे लौड़े के लिए उतना ही अच्छा होगा। 

मेरा लंड दीदी को देखकर मौसम में आ गया था। मुझसे बिना चुदाई के रहा ही नहीं जा रहा था। मैं मां से बोला- जल्दी अपनी साड़ी ऊपर करो। मां ने मेरी चुदास समझ ली और उन्होंने तत्काल झुक कर अपनी साड़ी ऊपर कर दी। 

विधवा भाभी की मस्त चुत – 4

मैक्सी में लग रही थी दीदी वासना की मालकिन

मैंने तुरंत अपना लंड निकाला और मां की चूत में एक जोदार झटके के साथ पेला दिया। मां सिहर उठीं। मैं अपनी मां को धकापेल चोदने लगा और मां भी मजे के साथ चूत में लंड पिलवाने लगीं। मां अपनी कामुक आवाजों को दबा रही थीं। 

मैंने मां से कहा- अपनी आवाज मत दबाओ। मां बोलीं- हां पेल बेटा। मैं बोला- बुरचोदी, बेटा नहीं, ठोकू बोल। मां बोलीं- हां मेरे ठोकू, फाड़ दे अपनी बुरचोदी की चूत को। कुछ मिनट बाद हम दोनों लोग एक ही साथ ठंडे हो गए, मतलब लंड चूत का पानी निकल गया। 

मां खड़ी हो गईं और हंस कर बोलीं- इतना मजा मुझे इस उम्र में और कोई नहीं देगा। मैं लंड सहलाता हुआ बोला- हां ये तो सही बात है। फिर मैंने मां के होंठों को चूसा और बोला- शालिनी डार्लिंग, अब तुम अपने काम पर लग जाओ। 

शाम को दीदी ने नहाने के बाद खुले बाल रखे थे व बिना ब्रा के मैक्सी पहनी हुई थी। उनकी चूची साफ दिखाई दे रही थीं और मैक्सी में से पैंटी के किनारे भी साफ़ दिख रहे थे। दीदी की मैक्सी भी बहुत पतली और पारदर्शी थी। 

ये सब देखकर मेरा लंड फिर से मौसम में आ गया। अब दीदी बोलीं- क्या हुआ अंकित? मैं बोला- कुछ नहीं दीदी। फिर मैं मां के पास आया और उनसे कहा- यार, दीदी के साथ कब तक हो पाएगा? मां- रुको कुछ समय तक। 

तभी दीदी भी अन्दर आ गईं। मैं समझ गया कि दीदी का भी मन है। अब मुझे ही आगे बढ़ना होगा। इस समय मेरी दीदी मैक्सी में कामवासना की देवी लग रही थीं। दीदी जाकर सोफे पर बैठ गईं। मैं भी टीवी चालू करके उनके बगल में बैठ गया।

Leave a Comment