छुपन छुपाई और चुत चुदाई का मजा

आप सभी ने छुपन छुपाई के बारे में तो सुना ही होगा जो एक खेल है जिसमे कुछ लोग छुपते और एक जाना उन सभी को एक एक करने ढूंढता है। तो यह कहानी भी उसी खेल की है जिसमे मुझे चुदाई का मौका भी मिल गया। 

हम यह खेल बचपन में बहुत खेलते थे और हम सभी को इस खेल के बारे में अच्छे से पता था। उस समय हम सभी छोटे थे तो चाहे लड़का हो या लड़की हम सभी मिल कर खेलते थे। 

पर अब हम सब बड़े हो चुके थे और सालो से हम दोस्तों ने एक दूसरे से बाते भी नहीं की थी पर आज कुछ यु हुआ की हमारे मोहल्ले की लाइट चली गयी थी और आज सभी लोग बाहर बैठे हुए थे। 

तभी हम सब लड़के लोग एक साथ बैठ कर बाते करने लगे और बातो ही बातो में एक दोस्त ने कहा की क्यों न आज हम सभी मिल कर छुपन छुपाई के खेल खेले जो की हम बचपन में खेलते थे। 

यह आईडिया सभी को अच्छा लगा पर बात कुछ यु थी की यह खेल खेलने के लिए हम कुछ कम थे और कुछ लोगो के साथ यह खेलने में ज्यादा मजा भी नहीं अत। तभी मेरी नजर हमारी पुरनी दोस्त अंजलि की तरफ गयी जो अपनी दोस्तों के साथ ही बहार बैठी थी। 

अब मेने उसे इशारा करते हुए बुलाया और कहा की क्या वह अपनी दोस्तों के साथ यह खेल खेलना चाहेगी और उसने बिना सोचे ही हामी भरते हुए कहा की वह भी यह खेल काफी दिन से खेलने के लिए सोच रही थी। 

अब सारा इंतजाम किआ गया और एक लड़के की बारी आयी जिसे हम सभी को ढूँढना था। रात के 7 बज रहे थे और लाइट भी गयी हुई थी जिससे हर तरफ अँधेरा था और यह खेल अब बहुत रोमांचक हो गया था। 

टूशन टीचर की मारी चुत और ख़तम हुआ बचपना

अंजलि चिपक गयी मेरे लंड से 

अब जैसे ही मेरा दोस्त गिनती गिनने लगा में नजर बचाते हुए एक खली घर में घुस गया जो अभी बांके तैयार हो रहा था। यह हमारे बचपन जैसा ही था और मेरी सभी यादे ताजा हो गयी। 

पर जैसे ही अपनी जगह पर छुपने के लिए पंहुचा मेने देखा की वह पहले से ही अंजलि पहुंची हुई है और वह मुझे भी छुपने के लिए कह रही है। 

इससे पहले की मै कोई और जगह ढूंढता मेरा दोस्त हम सभी को ढूंढने के लिए आ गया। 

अब मै भी अंजलि के साथ ही छोटी सी जगह जहा अँधेरा था वह छुप गया। मै एकदम कोने में चला गया और अंजलि के पीछे हो गया जिससे मै पकड़ा ना जायु। पर जैसे ही मेरा दोस्त मकान में आया अंजलि और ज्यादा पीछे हो गयी। 

अंजलि मुझ से एकदम चिपक गयी थी और है रही थी। जैसे जैसे मेरे दोस्त की आवाज नजदीक आती जा रही थी अंजलि और ज्यादा पीछे हो रही थी जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया और अंजलि की गांड से छूने लगा। 

अंजलि को भी शायद यह समझ आ गया था की यह मेरा लंड है जो उसकी गांड पर है पर वह सब भूल कर मेरे लंड से और चिपक गयी और अब मुझसे भी रहा ना गया और मेने पीछे से अंजलि के बूब्स को अपने हाथो में ले लिआ और सहलाने लगा। 

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अंजलि की मारी अँधेरे में चुत और खिलाया खेल 

अंजलि धीरे धीरे हस रही थी पर वह अब गरम हो चुकी थी और मै भी जोर जोर से उसके बूब्स दबा रहा था। मेरा दोस्त जा चूका था पर अंजलि फिर भी मुझ से चुपकी हुई थी। अब मेने अंजलि को अपनी तरफ किआ और उसे खुद से चिपका लिआ। 

अगले ही पल मै और अंजलि एक दूसरे के होठो का रसपान करने लगे और निचे अंजलि अब अपने हाथ से मेरा लंड भी सहलाना शुरू हो गयी। मुझे इस खेल में बहुत मजा आ रहा था जिससे मेरा लंड भी बहुत टाइट हो चूका था। 

अँधेरे में हम दोनों को कुछ नहीं दिख रहा था पर मेने फिर भी अपना हाथ अंजलि की पैंटी में पीछे से डाला और गांड के छेद में उंगली देने लगा। अंजलि ने मुझे रोका और मेरा हाथ उसकी चुत पर रखा जिसे मै अपनी उंगलिओ से सहलाने लगा। 

हम दोनों जोर जोर से चुम्बन कर रहे थे और अब अंजलि ने मेरा लंड पजामे से बाहर निकाल लिआ था और वह निचे बैठकर मेरे लंड की चुसाई करने लगी जिससे मुझे भी काफी मज आने लगा। 

अब हम दोनों की हवस काबू में नहीं थी। मेने अंजलि को घुमाया और इसकी पेंट निचे कर दी और पीछे से अपना लंड चुत में डालने की कोशिश करने लगा। अँधेरे की वजह से लंड चुत में नहीं घुस रहा था। 

अब अंजलि ने अपने हाथ से मेरा लंड लिआ और अपनी चुत के छेद पर रखा और एक ही झटके में मेने लंड अंदर घुसा दिआ जिससे अंजलि के मुह्ह से आह निकल गयी। मेने अब अंजलि की चुदाई अँधेरे में ही शुरू कर दी। 

यह चुदाई काफी देर तक चलती रही और अंजलि की भी सांसे फूलने लगी थी। पीछे से मै अपना लंड अंजलि की चुत में पूरी तेजी से अंदर बाहर कर रहा था और सेक्स का पूरा मजा उठा रहा था। 

पर अब हम दोनों ही तक गए थे और कुछ देर की तेज चुदाई के बाद मेरे लंड से पानी आने लगा और मेने अपना लंड अंजलि की चुत से बाहर निकाल लिआ और अपने अपने कपडे ठीक कर सभी दोस्तों में मिल गए। 

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