भाभी की जवानी की आग और किराये का जिस्म

हेलो दोस्तों मेरा नाम राजू है और यह कहानी मेरी भाभी की है जिन्हे चुदाई कराए बिना सुकून नहीं मिलता था। तो चाहिए पढ़ते है कैसे मेने अपनी भाभी की जवानी शांत करने के लिए अपना जिसम उनके हवाले कर दिआ। 

यह बात आज से दो साल पहले की है। मेरे भइया की शादी हम लोगो ने गांव के इलाके से की थी क्युकी मम्मी का मानना था की शहर की लद्किआ संस्कारी नहीं होती। मेरी भाभी को घर पर आये हुए 2 महीने हो चुके थे और मेरी उनसे अछि खासी बातचीत भी हो गयी थी। अब मै आपको अपनी भाभी के बारे में बता दू। मेरी भाभी दिखने में गोरी और भूरी आँखों वाली थी। भाभी की सेहत भी बहुत अछि थी, भाभी के बॉब्स भी हमेशा उठे हुए रहते थे और गांड भी फूली हुई थी। 

मेरा कमरा हमारे घर की तीसरी मंजिल पर था और मेरे भइया का कमरा दूसरी मंजिल पर। एक रात की बात है मुझे रात को बहुत तेज प्यास लगी जिसकी वजह से मै पानी लेने के लिए निचे उतरा। निचे उतारते ही मेन भइया के कमरे से आवाजे आते सुनी। रात को भय और भाभी बाते कर रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे अभी अभी भाभी की चढ़ाई करके हटे है और भाभी उनसे जरा भी खुश नहीं है। 

भाभी भइया से बोल रही थी की उन्हें 5 मिनट से ज्यादा उनकी चुदाई करि ही नहीं जाती है। भाभी की प्यास भी भइया अपने लंड से नहीं भुजा पा रहे थे। इतना सुनने के बाद मै पानी लेने निचे चला गया और अपने कमरे में जाकर सो गया। अब मुझे भाभी की हालत पे तरस आने लगा और दिन होते ही मेरा सारा ध्यान भाभी के ऊपर था। 

भाभी भी मुझे ऐसे देख रही थी जैसे उन्हें यह पता हो की मैंने रात को उनकी सारी बाते सुनी हो। ऐसे ही दो दिन बीत गए और मैने और भाभी ने कई दिनों से बाटे भी नहीं की। अब एक दिन भाभी नहाने जा रही थी कि तभी मेने भाभी को होने साथ बाथरूम में एक केला लेजाते हए देखा। यह देखकर मै बहुत ही ज्यादा चौक गया और भाभी के बाहर आते ही मेने उनसे केले के बारे में पूछ लिआ। 

भाभी की सिट्टी पिट्टी गम हो गयी और वह मुझे जवाब देती भी तो क्या। अब भाभी अपनी आंखे निचे करके अपने कमरे में चली गयी। शाम के समय भाभी ने मुझे अपने पास बुलाया और मुझसे कहा की यह बात मै भइया को ना बतायु बताऊ वरना उनकी शादी भी टूट सकती है। अब भाभी ने मुझसे सारी कहानी शुरू से बताई और समझाया की कैसे भइया उनकी हवस भी शांत नहीं कर पाते जिसकी वजह से उन्हें अकेले बाथरूम में जाकर खुद से प्यार करना पड़ता है। 

भाभी को मैने समझाया की हमारे घर की बाहर बहुत इज्जत है यह बात अगर किसी को पता चली तो भइया की बहुत ज्यादा बेज्जती भी हो सकती है। ऐसा कहने के बाद भाभी ने मुझसे जवाब दिआ की इसके आलावा उनके पास कोई और रास्ता भी नहीं है जिससे वह खुद को शांत कर सके। भाभी ने मुझसे कहा की अगर वह ऐसा न करे तो उन्हें मेरा जिस्म हफ्ते में एक दिन किराये पर देना होगा। 

यह सुनकर मै दुबारा चौक गया और भाभी की बातो का जवाब ना दे पाया। भाभी मुझसे कहने लगी की अगर मै उन्हें हफ्ते में एक बार अपना जिस्म दे दू तो वह सबकुछ छोड़ देंगी और एक अच्छी स्त्री की तरह भइया का साथ निभाएंगी। भाभी ने मुझसे शाम अगली शाम तक का समय दिआ और कहा की वह मेरे जवाब का इन्तजार करेंगी। 

अगली शाम आ गयी और भाभी ने वापस अपने पास बुलाया और मुझसे कहा की क्या में अपना जिस्म हफ्ते में एक बार उन्हें देने के लिए तैयार हु। मैने भाभी को हां बोल दिआ और भाभी ने मुझे शनिवार की रात का समय दिआ जिस दिन वह मेरे जिस्म से कहना चाहती थी। 

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भाभी की जवानी और हवस में भाभी हुई पागल 

शनिवार को भइआ ज्यादतर रात को घर नहीं आते थे और इस शनिवार भी शायद भइया काम से बाहर रहने वाले थे। शनिवार का दिन ऐसे ही बीत गया और रात को खाना खाके सब अपने अपने कमरे में सोने चले गए। मम्मी पापा आराम से नीचे सो रहे थे की तभी मेरे कमरे के बाहर मुझे किसी के आने की आवाज आयी। भाभी ने मेरा दरवाजा बजाते हुए हलके से मेरा नाम लिआ। 

भाभी ने मुझे कहा की मै उनके कमरे में आ जाऊ वह मेरा इन्तजार कर रही है। ऐसा कहने के बाद भाभी निचे चली गयी और मै अपना मुँह धोकर भाभी के कमरे में बहार पहुंच गया। वहा पहुंचकर मेने भाभी का गेट बजाया भाभी ने कुण्डी खोलते हुए आराम से दरवाजा खोला और मुझे अंदर बुलाकर वापस कुण्डी लगा दी। भाभी ने नीली कलर की मैक्सी पहनी हुई थी जो उनके जिस्म से पूरी तरह चिपकी हुई थी। 

भाभी  ने मुझे बिस्तर पर बैठने को कहा। अब भाभी ने मेरी टीशर्ट प्यार से उतार दी और मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरे ऊपर लेटकर मुझे भाहो में भर लिआ। भाभी की सांसे बहुत ही गरम हो चुकी थी। भाभी ने अपनी होठ मेरे होठो पर रखते हुए मुझे किस करना चालू कर दिआ। भाभी मेरे होठो को किसी भुकी औरत के जैसे चूसे जा रही थी और तेज साँसे भर रही थी। 

भाभी ने अब अपनी मैक्सी ऊपर करते हुए निकाल दी। भाभी ने मैक्सी के निचे कुछ भी नहीं पहना था ।  भाभी के बूब्स के निप्पल पूरी तरह खड़े हुए थे और गुलाबी रंग से रंगे हुए थे। भाभी की चूत भी एकदम पिंक कलर की थी जिसपे शायद भाभी ने आज ही शेविंग करि थी। भाभी की चूत पूरी तरह चिकिनी हो रखी थी। भाभी ने मुझसे उनके बूब्स दबाने के लिए कहा। मैने अपने दोनों हाथो से उनके चुचे पकडे और प्यार से दबाने लगा। 

भाभी पूरी तरह हवस से भरी हुई थी। भाभी ने निचे जाते हुए मेरा खड़ा लंड पजामे से निकालकर हाथ में ले लिआ। लंड मुह्ह में लेते हुए अपनी गीले होठो से भाभी मेरे लोडे को चूसने लगी। मेरी भी सांसे भरने लगी थी और भाभी मुझे प्यार देते हुए ममेरे लंड का सुपाड़ा अपनी जीभ से चाटे जा रही थी। ऐसे  ही कुछ देर तक भाभी ने मेरा लंड चूसा और झड़ने पर मजबूर कर दिआ। भाभी ने मेरा सारा वीर्य अपने मुह्ह में ले लिआ और पी गयी। 

भाभी ने मुझे दुबारा किस करते हुए शुरुआत करि और अपनी जीभ मेरे मुँह में घघुमाने लगी। भाभी अब किस पागल औरत के जैसे मेरे ऊपर चढ़ी जा रही थी। भाभी ने ऊपर आते हुए अपनी चूत मेरे मुह्ह पर रख दी और मुझे चाटने के लिए कहा। मैने भी हवस में खोते हुए अपनी जीभ से भाभी की चूत चोदनी शुरू कर दी। भाभी बड़ी बड़ी आहे भर रही थी और मेरा नाम पुकारते हुए मुझसे और चटाई करने के लिए बोल रही थी। 

भाभी की चूत चाटते हुए भी मुझे मजा आ रहा था। भाभी की चूत पर एक भी बाल नहीं था जिससे मेरी जीभ भाभी की पुरी चूत पर फिर रही थी। 

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भाभी ने जोरदार तरीके से चुदवाई अपनी चूत 

अब मै फिर से गरम हो चूका था और मेरा लंड दुबारा खड़ा भी हो गया था। भाभी उसे जोर जोर से हिला रही थी 69 की अवस्था में मुझसे अपनी चूत चटवा रही थी। अब भाभी की चूत पूरी तरह गीली हो गयी थी और भाभी ने लेटते हुए मुझे लंड चूत  में डालने के लिए कहा। मैने अपना लंड भाभी की चूत की फैंको में रखा और छेद मिलते ही एक जोर का झटका मारा। भाभी की दर्द के मारे गांड फट गयी क्युकी मेरा लंड भइया से मोटा था। मैने अपना लंड थोड़ा सा बाहर निकला पर भाभी ने मुझे रोका और दर्द सहते हुए मुझसे चुदाई जारी रखने को कहा। 

अब मेने भाभी की चूत में धीरे धीरे अपना लंड आदर बाहर करना शुरू कर दिआ। और कुछ देर बाद भाभी की चूत भी पूरी तरह खुल गयी। भाभी अब दर्द में नहीं थी और मेरे लंड की चुदाई का मजा ले रही थी। मै भी अपना लंड पूरी तेजी से भाभी की चूत में घुसाए जा रहा था जिससे भाभी आह्ह्ह्ह आअह्ह्ह की आवाजे निकलते हुए मेरा साथ दे रही थी। 

15 मिनट तक भाभी की चुदाई करने के बाद भाभी कामुक होती हुई बिस्तर पर मचल रही थी। मैने चुदाई तेज कर दी और भाभी के मुह्ह से चुकी निकलने लगी। अब भाभी ने मुझे बिस्तर पर लेटने के लिए कहा। भाभी अब मेरे ऊपर आयी और अपनी चूत मेरे लंड पर रखती हुई बैठ गयी। भाभी ने मेरे लंड पर कूदते हुए अपनी चुदाई करवाना वापस शुरू कर दी। भाभी अपने दोनों हाथो से अपनी दोनों बूब्स दबाते हुए मेरे लंड से चुद रही थी। 

ऐ भी निचे से भाभी की गांड पकड़ते हुए भाभी की चूत चोद रहा था। भाभी अब कामवासना से भर चुकी थी और मेरे लोडे से अपनी चूत की बुरी तरह रगड़ रही थी। हम दोनों पूरे पसीने में भीग चुके थे और कुछ देर तक और चुदाई करने के बाद भाभी मचलने लगी और मैने निचे से अपना पूरा लंड भाभी की चूत में पेलते हुए चूत को चोदना जारी रखा। भाभी के मुह्ह से  की आह्ह्ह्ह निकली और भाभी की चूत से पानी निकलने लगा। मेने चुदाई ना रोकते हुए भाभी की चूत में लैंड घुसता चला गया। भाभी पागलो की तरह आहे भरने लगी और भाभी की चूत से सारा पानी बिस्तर पर निकल गया। 

भाभी को आज कामवासना का अनुभव हो चूका था और भाभी बहुत ही खुश हो चुकी थी। अब भाभी ने मेरा लंड मुह्ह में लेते हुए प्यार से चूसना शुरू कर दिआ और कुछ देर बाद मे भाभी के मुह्ह में झड़ गया और भाभी को गले लगाकर वही लेट गया। कुछ सालो तक ऐसे ही मेने भाभी को अपना जिस्म हर हफ्ते भाभी को किराए पर दिआ और भाभी की हवस ठंडी करि। अब भाभी का एक बच्चा भी है जो शायद मेरा है। और अभी भी भइया के घर पर ना होने पे मै भाभी की चुदाई कर लेता हु।

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