चुदाई की दुकान और मेरी किस्मत – सेक्सी आंटी की चुदाई

मेरा नाम पुनीत है और बात तब की है जब में अपनी कॉलेज की पढाई कर रहा था। हमारी गली के बाहर एक दुकान थी जिसका मालिक बहुत ही खड़ूस था पर उसकी बीवी उतनी ही सुन्दर थी। वह दुकान उन आंटी की वजह से बहुत चला करती थी और मै भी आंटी को देखने के लिए उस दूकान से सामान लिए करता था। 

आंटी का नाम अंजू था और वह दिखने में एकदम और गोरी थी। अंजू आंटी 2 बड़े बड़े बूब्स की मालकिन थी और वह जब भी चलती थी उनकी गांड किसी रंडी की तरह ऊपर निचे हिला करती थी। अब उस दिन पता नहीं मेरी किस्मत मुझे पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान थी और उस समय दिन के 2 बज रहे थे। 

अंजू आंटी अपनी दुकान पर ही बैठी थी और जैसे ही मै वह सामान लेने गया अंजू आंटी मुझे देखकर डर गयी। मुझे कुछ समझ ना आया पर अंजू आंटी पूरी तरह पसीने से भीगी हुई थी। आंटी ने मुझे सामान दिआ और वापस अपनी जगह पर बैठ गयी। 

अब शाम को मै वापस सामान लेने आंटी के पास गया और इस बार आंटी वह नहीं थी। दूकान पर वही खड़ूस बूढ़ा था जिससे कोई भी नहीं मिलना चाहता था। मैने उनके घर में थोड़ा सा झाका तो आंटी अंदर ही अपने काम कर रही थी और मुझे देखकर हस रही थी। 

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आंटी ने बताई अपनी दिल की बात 

अब कुछ दिन बाद में आंटी की दूकान पे कुछ सामान लेने गया और इस बार आंटी मुझे देखकर बहुत खुश सी हो गयी। मुझे कुछ भी समझ न आया पर मेने आंटी से अपना सामान माँगा। आंटी ने सामान कुछ देर तक ढूंढा फिर मुझे रुकने के लिए कहकर अंदर चली गयी। 

अंजू आंटी ने मुझे अंदर से आवाज लगायी और मुझे अंदर आने को कहा। आंटी बिस्तर पर चढ़ी हुई थी और ऊपर की अलमारी में से कुछ सामान निकल रही थी। आंटी ने मुझे उन्हें पकड़ने को बोला और जैसे ही मैने उन्हें पकड़ा वह मेरी बाहो में आ गिरी। 

अब दोनों बिस्तर पर एक दूसरे से बंधे हुए पड़े हुए थे। और आंटी की गांड मेरी हाथो पर रखी हुई थी। अब अंजू आंटी ने उठने की बजाए मुझे अपनी बाहो में ले लिआ और मुझसे अपने प्यार का इजहार करने लगी। 

आंटी ने मुझे बताया की वह मुझे बहुत चाहती है और बैठे बैठे मेरे बारे में ही सोचती रहती थी। अब मै सभी बाते जोड़ रहा था और मुझे कुछ कुछ चीजे समझ भी आ रही थी। आंटी ने मुझे वही बिस्तर पर रुकने के लिए का और दूकान का शटर गिराकर मेरे पास आ गयी। 

आंटी ने मुझे कहा की वह मुझसे बहुत सारा प्यार करना चाहती थी और मेरे साथ एक होना चाहती है। वह मेरे लिए सोने पे सुहागा जैसी बात थी जिसको मै मना करता भी तो कैसे। पर मै उनकी सभी बाते बस सुनता हुआ वही बैठा हुआ था। 

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अंजू आंटी की चुदाई करि अलग अलग तरीके से 

अब अंजू आंटी धीरे धीरे बात करते हुए मेरे पास आयी और मुझे वापस से अपनी आगोश में लेकर बाहो में दबाने लगी। आंटी की सांसे पहले ही गरम हो चुकी थी और वह मुझे जोरदार तरीके से प्यार कर रही थी। 

अब आंटी ने शुरुआत मेरे होठो को चूसने से की और कुछ ही देर में मै भी उनके रसीले होठो का कायल हो गया और उन्हें चूसने लगा। हम दोनों की जीभ आपस ने टकरा रही थी और हम चुम्बन का मजा लिए जा रहे थे। 

आंटी ने धीरे धीरे मेरी शर्ट के बटन खोल दिए और मेरी छाती पर चुम्बन की बारिश कर दी जिससे में बहुत ज्यादा कामुक हो गया और मेरा लंड भी अपने अकार में आ गया। आंटी ने अब अपना ब्लाउज उतरा और उसे कोने में फेक दिआ। 

आंटी के दोनों बूब्स बहुत ही मोटे थे जिन्हे मेने अपने हाथो से आजाद किआ और आंटी की ब्रा भी उतार दी। अब मेने आंटी को अपने निचे किआ और उनके बूब्स को चूसने लगा। आंटी तेज तेज सांसे लेने लगी और आहे भरने लगी। 

आंटी बहुत की कामुक होने लगी थी और मेरे शरीर पर अपने नाख़ून मार रही थी। अब आंटी का पूरा शरीर मेने अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिए और अंजू आंटी के सभी कपडे उतार दिए। अंजू आंटी की पैंटी पूरी तरह भीगी हुई थी और उनकी चूत भी एकदम चिकनी थी। 

मेने अपना लंड  पेंट से निकला और आंटी की चूत पर फिरना शुरू कर दिआ। आंटी एकदम से पागल सी हो गयी और उन्होंने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ते हुए अपनी चूत में घुसना शुरू कर दिआ। 

मैने तभी एक जोर का झटका मारा और आंटी की चूत में अपना लंड पेल दिआ। अब मैने अंजू आंटी की चूत की चुदाई शुरू कर डी और आंटी भी आहे भर्ती हुई मुझसे चुदने लगी। आंटी के बूब्स ऊपर ऊपर निचे हो रहे थे जिन्हे आंटी अपने हाथो से मसले जा रही थी। 

आंटी आअह्ह्ह्ह अह्ह्ह की आवाजे अपने मुह्ह से निकाले जा रही थी चुदाई की छप छप पूरे कमरे में गूँज रही थी। आंटी अपनी चुदाई का पूरा मजा ले रही थी की तभी मैने चुदाई के धक्के तेज कर दिए और आंटी की आहे चीखो में बदल गयी। 

आंटी अपने चुचे जोर जोर से दबाने लगी और मै उनकी चुदाई और तेज करता रहा और कुछ ही देर बाद मेरे लंड ने सारा वीर्य उनकी चूत के ऊपर ही गिरा दिआ। आंटी इस चुदाई से बहुत ही खुश दिख रही थी और मै भी यह एहसास बहुत दिन बाद कर रहा था। 

आंटी ने मुझसे उस दिन के बाद कई बार चुदाई कराई और जब भी अंजू आंटी के पति काम से बाहर जाते आंटी मुझे फोन करके अपने घर बुला लेती। और इसी तरह मैने और आंटी ने बहुत बार चरमसुख का आनंद लिआ जो आप हमारी दूसरी कहानी में पढ़ सकते है। 

आपको आंटी से जुडी हुई कहानिआ यहाँ Aunty Sex Story section पर मिल जाएँगी जो आपको अपना लंड सहलाने पर मजबूर कर ही देंगी।

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