कुवारी दीदी की बुर का मिला स्वाद – 3

आज दीदी ने लाल रंग का सूट पहना था। मैंने कुछ नहीं कहा। तो दीदी बोलीं- सॉरी सोनू। वो मैं बहुत असहज महसूस कर रही थी इसलिए … मैंने कहा- कोई बात नहीं दीदी, ऐसा होता है। 

मगर एक बात कहूँ … यदि आप बुरा न मानें। दीदी ने मेरी तरफ देखा और बोलीं- हां बताओ? मैंने आंख दबा कर कहा- दीदी गाजर तो पतली होती है। उससे क्या मजा आएगा? 

इस पर दीदी मेरी तरफ आशा भरी निगाहों से देखती हुई बोलीं- तो क्या करूं? मैं बोला- क्या मैं आपकी इच्छा पूरी कर सकता हूँ? दीदी कुछ नहीं बोलीं। मैं समझ गया कि दीदी का चुदने का मन है मगर वो संकोच कर रही हैं। 

मैं उनके पास को गया और उन्हें समझाया। दीदी मान गईं। मैं दीदी को किस करने लगा। दीदी भी मेरे साथ लग गईं। हमारा चुम्बन 10 मिनट तक चला। दीदी के होंठों की हालत खराब हो गई थी। 

अब मैं दीदी के मम्मों ऊपर से ही उनके एक दूध को पीने लगा। दीदी कुछ नहीं बोलीं। फिर मैंने दीदी का शर्ट उतार दिया। अन्दर दीदी ने सफेद रंग की छोटी सी ब्रा पहनी थी। मैं देखता ही रह गया। 

ब्रा में दीदी मस्त माल लग रही थीं। अब मैंने दीदी की सलवार भी उतार दी। दीदी मेरे सामने पैंटी और ब्रा में मस्त चोदने लायक माल लग रही थीं। मैं दीदी की पैंटी को खींचने लगा। दीदी बोली- फत जायेगी … आराम से उतार दो। 

मै और मेरी चुत की गर्मी की आग – 2

दीदी की पेंट निकल कर चुत को कर लिआ नंगा

मैंने दीदी की पैंटी उतार दी। दीदी चित लेट गईं और मैं दीदी की चूत को कुत्ते के तरह काटने चाटने लगा। कुछ ही देर में दीदी गर्म हो गईं। दीदी एक तरह से सिसकारने लगी थीं- प्लीज़ सोनू जल्दी से डालो। 

मैंने कहा- रूको अभी। मैं दीदी की चूत चाटता रहा और दीदी ने कुछ ही देर में अपनी चूत से बहुत सारा पानी निकाल दिया। मैं दीदी की चूत का सारा रस चाट गया और चूत को लगातार चाटता रहा। इससे दीदी दुबारा गर्म होने लगीं। 

वो फिर से बोलने लगीं- जल्दी से अन्दर डालो। मैंने कहा- डालता हूँ। तब मैंने लंड बाहर निकाला तो दीदी की गांड फट गई। वो बोलीं- सोनू ये क्या है … तेरा इतना बड़ा लंड कैसे हो गया? 

मैंने कहा- अब क्या करूं दीदी … मेरे पास इसे छोटा करने का कोई तरीका ही नहीं है। दीदी मेरे लंड से सहम सी गई थीं, वो बोलीं- इससे तो मेरी चूत का भोसड़ा बन जाएगा। मुझे लगा कि दीदी शायद मुझे लंड नहीं डालने देंगी। 

मै और मेरी चुत की गर्मी की आग – 1

दीदी की चुत का बना दिआ सागर 

मैंने कहा- आप डरो मत। मेरे पास इसका इंतजाम है। बस आप मना मत करना। दीदी कुछ नहीं बोलीं। मैंने बेड से दीदी के दुपट्टे से उनके हाथ बांध दिए। फिर दीदी की चूत में लंड सैट किया और झटका दे दिया। 

एक ही बार में मेरा लंड दीदी की चूत को फाड़ते हुए अन्दर घुस गया। दीदी को लंड लेते समय ही बेहोशी छ गई। उन्हें कोई होश ही नहीं रहा। मैं डर गया और मैंने दीदी के मुँह पर पानी के छींटे मारे। 

अब दीदी होश में आ गईं और रोने लगीं। मैं धीरे धीरे से लंड को अन्दर डालने लगा। मगर दीदी रोए जा रही थीं। मैं दीदी की चूचियां चूसने चाटने लगा। वो कुछ देर तक चुदाई का दर्द सहन करती रहीं। 

फिर आराम मिलने के बाद दीदी मेरा साथ देने लगीं। मैंने 20 मिनट तक दीदी की टाईट बुर चोदी। इसके बाद मेरे लंड का पाने गिरने ही वाला था तो मैंने लंड चूत से निकाला और दीदी के मुँह में गिरा दिया। 

दीदी का मुँह मेरे वीर्य से भर गया। दीदी ने मेरे मुँह से मुँह लगाया और अपने मुँह में भरा सारा रस मेरे मुँह में डाल दिया। मैंने फिर से दीदी के मुँह में डाला। दीदी इशारे से बोलीं- इसे अपने मुँह से मेरी चूत में डालो। 

मैंने सारा माल अपने मुँह में लिया और दीदी की चूत को दो उंगली से फैला कर देखना शुरू किया। उन्हें चूत में दर्द होने लगा था। मैंने अपना मुँह दीदी की चूत पर रखा और दीदी की चूत में प्रेशर से लंड रस टपका दिया। 

इस तरह से उस रात में मैंने सेक्सी पंजाबी गर्ल को एक बार और चोदा। अब दीदी को जब भी लंड की जरूरत होती है, वो मेरे लंड से अपनी चूत चुदाई का मजा ले लेती हैं। 

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