लड़के की गांड में लड़के का लंड – 2

उसने दरवाजा खोला तो सामने डिनर लेकर एक बंदा खड़ा था। चूंकि ये लम्बी यात्रा थी और इसी वजह से हमको डिनर सर्व हुआ था। कुछ देर बाद डिनर खत्म हुआ और बाथरूम आदि से फ्री होकर उसने केबिन को अन्दर से बंद कर दिया। 

अब वो मुझसे लिपट गया और मुझे चूमने लगा। उसमें इतनी हवस भरी हुई थी कि वह मुझे पागलों की तरह चूमने लगा था। वो मेरे गुलाबी मुलायम होंठों को काट काट कर चूमने लगा था। मेरे होंठों से खून निकल आया था। 

फिर उसने मुझे उसकी शर्ट उतारने को कहा और पैंट को भी। देखते ही मैंने उसे नंगा कर दिया। उसके शरीर में एक भी बाल नहीं था, शायद उसने खुद के जिस्म से सारे बालों को साफ कराके रखा हुआ था। 

मैंने उसकी गर्दन पर से होते हुए उसे लौड़े तक चूमा तो वो मदहोश हो गया और कामुक आवाजें निकालने लगा- आह हहह … उमह हहहह! अब उसने मेरी तरफ देखा और मेरी शर्ट उतारने लगा। मुझे भी कोई आपत्ति नहीं थी। 

अगले कुछ ही पलों में उसने मुझे भी पूरा नंगा कर दिया और फिर से मुझे चूमने लगा। कुछ पल बाद उसने मेरा सिर पकड़ कर अपने लौड़े पर दबा दिया और मेरे छोटे से मुँह में अपना मूसल लंड घुसेड़ दिया। 

मुझसे सांस भी नहीं ली जा पा रही थी। मगर मुझे उसका लंड मस्त लग रहा था, मैं भी बड़े मजे से लंड चूसने लगा। वो भी आंख बंद करके मदहोश सा हो गया और मदभरी सिसकारियां लेने लगा- आहह … ममहह … चूसो और चूसो … हाय्मम! दस मिनट तक मैं लंड चूसता रहा 

और अब उसने अपना सारा माल मेरे मुँह में गिरा दिया। मैं मजे से उसका वीर्य पी गया। अब वह मेरा लंड हिलाने लगा और मुझे सीट पर लिटा दिया। उसने अपने होंठ मेरी छाती पर मेरे गुलाबी निप्पलों पर लगा दिए और वो मेरे दूध चूसने लगा। 

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मुझे भी सनसनी होने लगी और मैं भी उसके मजे लेने लगा। कुछ ही देर बाद उसका लौड़ा फिर से खड़ा हो गया। उसने अपने बैग में से कोल्ड क्रीम निकाली और अपने लंड में लगाने लगा। मैं देख रहा था कि उसने अपने लंड पर क्रीम लगा कर उसे एकदम सफ़ेद कर लिया था। 

फिर उसने मेरी गांड के छेद पर भी क्रीम लगाना शुरू कर दी। उसने अपनी उंगली पर धीरे सारी क्रीम ली और एकदम से मेरी गांड में उंगली डाल दी। मैं चिल्ला उठा- आह … भैया धीरे करो प्लीज़ … ये मेरा पहली बार है। 

मगर वो अब कहां रुकने वाला था; उसने मेरी गांड में पूरी उंगली चलानी शुरू कर दी। क्रीम के कारण मेरी गांड में चिकनाहट आ गई थी तो मुझे उसकी उंगली से मजा आने लगा। फिर उसने एक उंगली के बाद दो उंगलियां मेरी गांड में डालीं। 

अब तो कुछ दर्द के बाद मेरी गांड ढीली हो गई और मैं उसकी दो उंगलियों का मजा लेने लगा। तभी उसने अपनी तीन उंगलियां मेरी गांड में डाल दीं। अब मैं चिल्ला उठा लेकिन उसने मेरे मुँह को दबोचा हुआ था। 

मेरी गांड बहुत टाईट थी। मगर तीन उंगलियों से मेरी गांड कुछ ढीली हो गई थी। अब उसने अपना लंड मेरी गांड पर सैट कर दिया। मुझे उसके लंड का अहसास काफी मीठा लग रहा था। 

मैंने गांड हिला कर उसे इशारा दिया तो उसने सुपारा अन्दर पेल दिया और जोर से धक्का देकर दो इंच लंड मेरी गांड में ठांस दिया। उसका लंड काफी हार्ड था … मुझसे उसका लौड़ा सहन नहीं हो रहा था। 

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मैंने आगे को होकर उसका लौड़ा अपनी गांड से निकाल दिया। मेरी गांड में से खून भी निकलने लगा था। लेकिन तभी उसने मुझे फिर से दबोचकर किस किया और अपना लंड एक बार में ही पूरा का पूरा गांड में घुसा दिया और धक्का देने लगा। 

मैंने सीट को कसकर पकड़ लिया क्योंकि मुझे दर्द हो रहा था। मैं गांड फाड़ चुदाई में दर्द से कांप उठा था। उसका लंड मेरी गांड फाड़ रहा था। ऐसा लग रहा था कि कोई गर्म सरिया मेरी गांड में घुस गया हो। 

मेरी कसमसाहट देख कर वह लौड़ा अन्दर घुसा कर कुछ देर रुक गया। अब मेरा दर्द थमने लगा। धीरे धीरे वो लौड़ा अन्दर बाहर करने लगा और अब मुझे भी मजा आने लगा- आह … ओओहह … हहहहह … फक मी हार्ड! अब मैं भी अपनी कमर हिलाकर उसका साथ देने लगा। 

मेरी मस्ती देख कर उसके धक्के तेज होने लगा। करीब बीस मिनट तक मेरी गांड चोदने के बाद उसका रस झड़ने लगा और उसने अपना गर्म वीर्य मेरी गांड में छोड़ दिया। मुझे उसके गर्म वीर्य से राहत मिलने लगी। 

उसने भी मेरी गांड में पूरा रस निकालने के बाद ही लंड बाहर निकाला। अब मेरी गांड से उसके लंड रस की बूंदें बाहर टपकने लगीं। वो लंबी लंबी सांसें लेता हुआ मेरी तरफ आ गया और अपने लंड को मेरे सामने हिलाने लगा। 

मैं समझ गया और मैंने अपना मुँह खोल दिया। उसने लंड मेरे मुँह में दे दिया और मैंने उसका लंड चाट कर साफ कर दिया। उसके बाद वो मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। मैंने पहली बार किसी मर्द के मुँह में लंड दिया था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था। 

कुछ देर लंड चुसवाने के बाद मेरा माल झड़ने लगा और मैंने उसके मुँह में ही अपना माल गिरा दिया। वो भी मेरा माल पी गया। मैं तो जैसे जन्नत की सैर कर रहा था। वो जीभ से चटखारे लेता हुआ बोला- वाह क्या माल है बे तेरा … इतना स्वादिष्ट। 

उसने मेरे लंड रस की एक एक बूंद चाट कर लंड साफ़ कर दिया। फिर फ्रेश होकर हम दोनों सो गए। अगली सुबह मैं अपनी गंतव्य स्थान पर पहुंच गया। मुझे लेने मेरी नानी आई हुई थीं

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