पहली चुदाई का अनोखा मजा दिआ – 2 

ममता ने उसका हाथ पकड़कर बेड पर बिठा लिया और बोली- कुक्कू, आज का दिन तुम्हारे लिए काफी यादगार होने वाला है। आज का दिन तुम पूरे जीवन याद रखोगी। 

यह दिन हर लड़की के जीवन में आता है। किसी का शादी के पहले और किसी का शादी के बाद। आज तुम एक औरत बनने जा रही हो तो दिल में कोई भी डर संकोच मत रखना। आज अंकल के साथ इस दिन को यादगार बना लो। वैसे भी अंकल काफी अनुभवी हैं। 

मैं ममता की बातें सुन रहा था। वो लौंडिया भी ममता की बातों को बड़ी ध्यान से सुन रही थी। ममता- शादी के बाद जो तुम्हारा पति होगा, वह भी अनुभवहीन होगा और अनाड़ी की तरह तुम्हें रौंदकर सो जाएगा, पर अविनाश अंकल में वो बात नहीं है। 

ये तुम्हें बहुत अच्छा फील देंगे, बस तुम थोड़ा इनको सहयोग करना। तुम्हारा पहली बार है … तो थोड़ा दर्द भी होगा, पर यह ठीक भी तुरंत हो जाएगा। इसमें डरने जैसी कोई बात ही नहीं। 

कुक्कू वासना से मेरी तरफ देखने लगी थी, उसकी चुत में आग लग चुकी थी ऐसा साफ़ नजर आ रहा था। तभी ममता बोली- अविनाश, मैं बाहर जा रही हूँ। अब तुम और कुक्कू इंजॉय करो। 

पर मेरी कुक्कू का ध्यान रखना। कोई चीज चाहिए हो, तो आवाज देकर मांग लेना। वैसे मैंने तुम्हारी जरूरत की सारी चीजें रखी हुई हैं। मैंने बोला- हां, बस मुझे चॉकलेट सीरप दे दो। वही लगवाकर कुक्कू से चुसवाऊंगा। 

ममता बोली- ओके कुछ और? मैंने बोला- हां, कुक्कू के लिए जूस का एक और गिलास ला दो और मुझे व्हिस्की का पैग बना देना। ममता बाहर चली गयी और उसने दरवाजा भी बंद कर दिया। 

आंटी की चुत का स्वाद बड़ा कड़वा

कुक्कू को अकेले करने लग गया गरम 

मैंने कुक्कू का हाथ पकड़कर अपने नजदीक खींच लिया। वह जोर जोर से कांप रही थी। मैंने कहा- कुक्कू डर क्यों रही हो। यदि तुम चाहो तो तुम जा सकती हो। वह बोली- नहीं अंकल बस ऐसे ही! मैंने पूछा- ठंड लग रही हो तो बोलो एयरकंडीशनर बंद कर देता हूँ। 

वो बोली- नहीं ठीक है। मैंने पूछा- एक किस ले लूं तुम्हारी? उसने गर्दन हिलाई तो मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और अपनी जीभ उसके मुँह में डालकर उसका रसपान करने लगा। 

मैंने उसके गालों पर, माथे पर चुम्बन की बौछार कर दी। तभी ममता जूस का गिलास और मेरा व्हिस्की का पैग लेकर कमरे में आ गयी। उसने ट्रे में व्हिस्की की बोतल भी रखी हुई थी और चॉकलेट सीरप भी। 

मैंने जूस कुक्कू को दे दिया। ममता मेरा गिलास मुझे पकड़ाकर बाहर जाने लगी। मैंने बोला- दरवाजा बाहर से बंद कर लेना, जब मैं फ़ोन करूंगा, तब खोलना। वो बोली- ठीक है। 

कुक्कू ने जूस खत्म किया और मैंने व्हिस्की का पैग खत्म किया और एक और नीट पैग लगा लिया। मैंने कुक्कू का टॉप निकालकर फैंक दिया। देखा तो कुक्कू ने वही टीनेजर ब्रा पहनी हुई थी, जो मैंने उसे गिफ्ट किया था। 

वह हाथों से अपने नन्हीं चूचियों को छिपाने की कोशिश कर रही थी। उसकी चूचियां इतनी छोटी थीं कि टीनएजर ब्रा भी बड़ी दिखाई दे रही थी। मैंने कहा- कुक्कू शर्म मत करो … यहां मेरे और तुम्हारे सिवा और कोई नहीं है। 

मैंने इसीलिए ममता को बाहर कर दिया कि केवल मैं और तुम पूरी तरह एन्जॉय करेंगे। वो नशे में सर हिला कर मेरे सीने की तरफ देखने लगी। मैंने उसे अपने सीने से चिपकाया और उसकी गांड पर हाथ लगाते हुए उसकी लेग्गिंग को निकाल दिया। 

मम्मी की सहेली घर पर मिल गयी अकेली 

कुक्कू को कर लिए नंगा और करने लगा तैयार 

तब मैंने देखा कुक्कू की टांगें बिल्कुल चिकनी पतली और गोरी थीं। उसने एक छोटी सी गुलाबी रंग की वही प्रिंटेड चड्डी पहन रखी थी जो मैंने उसे गिफ्ट में दी थी। कुक्कू अभी भी शर्म कर रही थी। मैं समझ गया कि मुझे ही पहल करनी पड़ेगी। 

मैंने कुक्कू को अपने से चिपका लिया और कुछ देर तक उसे अपने से चिपकाए रखा। ऐसा करने से लड़कियों की शर्म दूर होती है। वह कुछ देर तक तक तो कांपती रही थी पर कुछ देर बाद वह नार्मल हो गयी। 

मैंने उससे पूछा- क्या तुम अच्छा महसूस कर रही हो? उसने हां में सर हिलाया। मैंने उसकी ब्रा को ऊपर की तरफ खींच दिया तो उसकी छोटी छोटी चूचियां नुमाया हो गईं। बिल्कुल दूधिया चूचियां थीं, जिनके निप्पल बिल्कुल गुलाबी थे। 

उसके एक निप्पल पर मैंने अपने होंठ रख दिए। उसके शरीर में एकदम से सिहरन सी हो गई और उसके सारे रोएं खड़े हो गए। अब मैं दूसरे निप्पल को भी मुँह में लेकर चुभलाने लगा। 

साथ ही मैं अपने दांतों से भी उसके गुलाबी निप्पलों को धीरे धीरे कुतर देता, तो वो चिहुंक जाती। मैं उसके पूरे चूचों को अपने मुँह में भरकर खींच कर उसे मजा दे रहा था। अब वह लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी और मुझसे चिपकने लगी थी। 

मैंने कहा- कुक्कू, तुम्हारा शरीर बहुत लाजवाब है, इसे मैं गदरा दूंगा। तुम्हारे पोर पोर में नशा है। आज तुम मुझे ख़ुश कर दो। तभी मैंने देखा उसके आर्मपिट में बाल थे, मैंने पूछा- इन्हें साफ नहीं करती क्या? वो कुछ नहीं बोली, बस उसकी आंखों में वासना के नशे की खुमारी चढ़ गई थी। 

अब मैंने उसकी चड्डी भी निकाल कर देखा तो वहां भी चूत के आसपास झांटें उगी थीं। मैंने फिर से उसकी तरफ देखा। वो बोली- अंकल, इन्हें कैसे साफ करना होता है। मुझे पता ही नहीं है। 

मैंने बोला- ठीक है, ममता से बाद में वैक्स करवा दूंगा। मैंने देखा कि उसकी चड्डी चूत के पानी से गीली हो गयी थी। अब मैंने कुक्कू की चूत को उंगलियों से टटोला तो देखा कि उसकी चूत बहुत छोटी थी लेकिन फूली हुई चूत थी और उसका भगनासा बड़ा था। मैं उसे अपने लंड का शिकार बनाने के मूड में आने लगा। उसे भी जवानी चढ़ी थी, तो लंड का स्वाद लेना था।  

Leave a Comment