मेघा की हवस और मेरी दोस्ती

हेलो दोस्तों, आप सभी को मेरा नमन।  मेरा नाम दीपक है और यह किस्सा बहुत ही अजीब है जो मेरे साथ घट चूका है। पर मै आप सभी को भरोसा दिलाता हु की यह कहानी आपको पूरी तरह हवस से भर देगी और लोडा खड़ा कर देगी।

यह बात मेरे स्कूल के समय की है जब मै अपनी दसवीं क्लास में था। स्कूल में ही मेरी एक बहुत अछि दोस्त थी जिसका नाम मेघा था। मेघा और मै आस पास ही बैठा करते थे जिसकी वजह से हम पूरा दन बाते कर पाते थे।  मेघा मुझे अपनी सभी बताया करती थी जैसे उसके पीरियड्स की डेट उसका दर्द खुशी और बहुत कुछ। हमारे बिच कुछ भी छुपा नहीं रहता था। अब एक दी की बात है मै और मेघा सेक्स की बात कर रहे थे। हम दोनों ने ही कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किआ था और यह सब फिल्मो में ही देखा था। 

अब बाते करते करते मेघा ने मेरा हाथ पकड़ लिआ और मेरे हाथ छुड़ाने पर उसने मुझे गाली देते हुए मेरा हाथ वापस पकड़कर सहलाना शुरू कर दिआ। यह सब हम लंच के समय बैठ कर किआ करते थे। अब लंच ख़तम हो  गया और हम सब अपनी अपनी पढाई में लग गए। अगले दिन मेघा ने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था और  दोनों बेंच पर बैठ कर बाते कर रहे थे। 

धीरे धीरे अब बाते और भी गन्दी होती जा रही थी और मेघा मेरा हाथ पकड़ कर भावना में बेह सी गयी थी। अब मुझे मेघा ने बताया की उसे किस करने का मन कर रहा है। मुझे यह सुनकर बिलकुल भी आष्चर्य नहीं हुआ क्युकी मै और मेघा एक दूसरे से अपनी सभी बाते किआ करते थे। मेघा ने मुझे मजाक करते हुआ कहा की ला मै  तुझे ही किस कर देती हु। मैने मेघा को गाली देते हुए वहा से उठकर चला गया। 

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मेघा के घर जाकर बुझाई मेघा की प्यास 

अब हम दोनों रात के समय करीब 7 बजे फोन पर बाते कर रहे थे। मेघा मुझसे अभी भी किस करने की बाते ही किये जा रही थी। अब मुझे मेघा ने फोन पर बताया की उसको कभी कभी बहुत ही ज्यादा मन करता है किसी को किस करने का। और उसका कोई बॉयफ्रेंड ना होने के कारण  वह मुझे ही किस करना चाहती है। ऐसा कहने के बाद वह चुप हो गयी और मैने उसे यह सब करने से मना कर दिया। मेघा मुझसे गुस्सा होने लगी और कहने लगी की  बस एक किस के लिए मै हमारी दोस्ती कमजोर कर रहा हु। 

मजबूर होते हुए मैने उसे किस करने के लिए मंजूरी दे दी और आगे दिन उसके घर  मिलने का प्लान बनाया।  घर पहुंचकर मैने देखा की उसके घर पर कोई भी नहीं जिसका कारण उसने बताया की सभी घरवाले बाहर शादी में गए है।  अब उसने मुझे खड़ा रहने के लिए कहा और मेरे सामने आकर मुझे गले लगा लिआ। मुझे भी अब हवस चढ़ने लगी थी इसलिए मेने भी मेघा को अपनी बाहो में समेट लिआ। 

मेघा ने आंखे बंद करते हुए अपने होठ मेरी तरफ बढ़ाये और मेरे होठो पर रखकर उन्हें चूसने लगी। मेघा मेरे होठो का रसपान किए जा रही थी जिससे मुझे भी अच्छा लग रहा था। मेघा ने मेरा एक हाथ पकड़ते हुए अपनी गांड पर रखा और दूसरा हाथ अपनी बूब्स पर रख दिआ। मैने मेघा का इशारा समझा और उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिआ। 

मेरा लंड भी अब पूरी तरह सख्त हो चूका था और कामवासना मेरे सर पर सवार हो गयी थी।  मैने अब मेघा के गले पर किस करते हुए उसे मदहोश कर दिए और उसके टॉप को ऊपर करके उतार दिआ। मेघा के बूब्स के निप्पल भूरे रंग के थे जिन्हे मेने चूसना शुरू कर दिआ। मेघा अब पागलो की तरह मुझसे अपनी बूब्स चुसवा रही थी।  मेघा के निप्पल भी खड़े हो गए थे और वह मेरे बालो में अपने हाथ सहलाये जा रही थी। 

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मेघा की चूत मारके तोड़ दी सील 

बहुत देर मेघा के बूब्स दबाने के बाद मेघा बिस्तर पर लेटकर आनंद में खोयी हुई थी। मैने अब मेघा की पेंट उतारना शुरू किआ। मेघा ने मेरा हाथ पकड़ते हुए कहा की उसे यह सब अभी नहीं करना है। पर मेरी हवस ने उसकी एक ना सुनी और उसको निचे से भी नंगा कर दिआ। मेघा की काली रंग की पैंटी उसकी चूत के पानी से भीग चुकी थी। 

मैने मेघा की पैंटी उतारकर अलग फेक दी चिकनी चूत मेरे सामने थी। मेघा की चूत अभी तक किसी से भी नहीं चुदी थी। मेने अपनी एक उंगली मेघा की चूत की फैंको में फिरना शुरू कर दिआ। मेघा कामवासना से तड़पे लगी। अब मैने अपनी जीभ से मेघा की चूत पे रखते हुए चाटना शुरू कर दिआ। कुछ देर मेघा की चूत चाटने के बाद वह पूरी तरह गीली हो चुकी थी। मेघा भी अब वासना से तड़प रही थी। 

मैने अपने भी सरे कपडे उतारे और अपना लंड मेघा की चूत की फैंको में फिरने लगा। मेघा अपन आंखे बंद करती हुई अपनी चूत रगड़ रही थी।  अब मैने लोडा मेघा की चूत के छेद पद रखा और एक जोर की झटका मारा। मेघा के मुह्ह से चीख निकल गयी और मेघा रोने लगी। मेघा मुझे चुदाई करने के लिए मना करने लगी पर मेने अब आधा लंड अंदर घुसते हुए मेघा की चूत चोदनी शुरू कर दी। कुछ देर दर्द में रहने के बाद मेघा को भी मजा आने लगा और अपनी चूत की चुदाई का सुख लेने लगी। 

मेने तेज धक्के देते हुए अपना पूरा लंड मेघा की चूत में उतार दिआ और चुदाई करने लगा। मेघा भी आअह्ह्ह ओह्ह्ह्ह करते हुए मजे ले रही थी। मैने मेघा की चूत से निकला हुआ खून साफ़ किआ और चुदाई और तेज कर दी। मेघा के आधी आवाजे उसके मुह्ह में ही रह गयी थी और मेने अपना पूरा लंड मेघा की चूत में अंदर बाहर करना चालू कर दिआ। 

कुछ आधे घंटे की चुदाई के बाद मैने मेघा की चूत से लंड निकाला और जमीन पर अपना सारा वीर्य गिरा दिआ। मेघा मुझसे बहुत खुश थी क्युकी मैने आज मेघा की चूत की खुजली दूर कर दी थी। 

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