पड़ोसन की कच्छी का हर्जाना – 1

दोस्तो, मेरा नाम अंश है, मैं आज आप सबको अपने साथ घटी एक ऐसी घटना बताऊंगा जिसे सुन कर आप सबकी रबड़ी निकल जाएगी। ये BDSM यूरिन सेक्स कहानी 2 साल पहले उस समय की है, जब मैं 12 वीं क्लास में था। 

मुझे एक कल्पना बार बार परेशान करती थी कि कोई मुझे दर्द देकर सताए और मेरी गांड मारे। मुझे बेहाल करके मेरे साथ सेक्स करे। फिर चाहे वो लड़का हो या लड़की हो। उस समय मेरी गर्मी की छुट्टियां चल रही थीं। 

मैं घर में पड़ा पड़ा बोर हो रहा था तो दिन भर बस फ़ोन ही चलाता रहता। उन्हीं दिनों मैंने एक दिन मेरे पड़ोस में रहने वाली लड़की को देखा। वो अपनी छत पर टिकटॉक वीडियो बना रही थी। वो सांवले रंग की दुबली पतली सी एक सेक्सी सी लड़की थी। 

उसकी उम्र 19-20 साल की थी और उसका फिगर 30-28-32 का था जो कि उस उम्र की लड़कियों के नजरिए से ठीक ठाक था। उसका नाम मिक्की था। मैं उसे बचपन से जानता था। 

हमारे मोहल्ले के सारे लड़के उसे अच्छे से जानते थे। वो एक चालू पर रौब वाली लड़की थी। टिक टोक से भी वो पैसे बनाती थी। वो लड़कों के बीच कुछ ज्यादा ही फेमस थी। सब उसे पीठ पीछे कॉलगर्ल बोलते थे पर उसे इन सब बातों से कोई फ़र्क नहीं पड़ता था। 

एक दिन शाम को मैं अपनी छत पर बैठा था। तभी मैंने देखा कि मिक्की अपने छत पर वीडियो बना रही है। मैंने उसे व्हाट्सैप पर मैसेज किया। मैंने लिखा- क्या बात है काफ़ी सेक्सी लग रही हो! 

उसने रिप्लाई किया- क्यों तुम्हें कुछ होने लगा है क्या! मैंने बोला- हां तुमको देख कर अपने आप चीजें हिलने लगती हैं। उसने स्माइली भेज कर अपनी राय दे दी। फिर मैंने उससे पूछा कि फ्री हो किसी दिन तो मिला जाए? वो बोली- अभी एक घंटे में बताती हूँ। 

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लड़की ने फसा लिआ मुझे जाल में

मैंने बोला- ओके। दोस्तो, मैं आपको बता दूँ कि उसके कुछ दिन पहले ही मैंने उसे नशे में उल्टा सीधा बोला था कि मुझे तुमसे अपनी गांड मरवानी है। वो उस वक्त तो कुछ नहीं बोली थी मगर आज जब उससे मेरी बात हुई तो मैं समझ नहीं पा रहा था कि ये मेरी बात मानेगी या नहीं। 

मुझे नहीं पता था कि उसे ये बात दिल में ऐसी लग जाएगी कि मेरी फंतासी पूरी हो जाएगी। एक घंटे बाद उसने मुझको कॉल किया और बोली कि हां इस शनिवार को कॉलेज के पास छात्रसंघ वाले कमरे में मिलना। 

मैंने बोला- ठीक है आ जाऊंगा। मुझे क्या पता था कि मेरे साथ क्या होने वाला है। रात में उसने मैसेज करके कहा कि तुम्हें फेमडम पसंद है ना, वहीं करेंगे। फेमडम उसे कहते हैं जिसमें लड़की लड़के के ऊपर हावी हो जाती है और उससे लड़के को सुख मिलता है। 

मैंने मिक्की से हां करते हुए कहा- हां मिक्की, मेरी इस इच्छा को तू पूरी करेगी तो मैं तेरा बड़ा अहसान मानूँगा। वो हंस दी। उसकी हंसी से मेरे मन में तो मानो लड्डू फूटने लग गए। 

उसने बोला- मेरी भी एक फंतासी है कि तुम मेरे स्लेव डॉग बनो और मैं तुम्हारी मालकिन बनूंगी। मैं जो बोलूंगी, वो तुम्हें करना होगा … नहीं तो मैं तुम्हारे अंडों पर इतना मारूंगी कि तुम 2-3 दिन तक मूत भी नहीं पाओगे। 

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लड़की ने बना लिआ मुझे अपना कुत्ता 

मैंने उसकी सारी शर्तें मान लीं और सुबह सुबह उठ कर नहा धोकर रेडी हो गया। करीब 10 बजे तक मैं उधर पहुंच गया। मैंने कमरे के दरवाजे को नॉक किया। अगले ही पल मिक्की ने दरवाजा खोला और मैं अन्दर आ गया। 

उस समय मिक्की ने डार्क पर्पल शॉर्ट स्कर्ट और लाइट ब्लू स्लीवलैस टॉप पहना हुआ था। उसके टॉप में से उसकी दोनों नोंके ऐसी तनी थीं कि मेरा मन बहकने लगा। वो एकदम सेक्स की मूरत सी लग रही थी। 

मेरा लंड उसी समय खड़ा होने लगा। उसने लंड को फूलता हुआ देख लिया और हंसती हुई बोली- सब्र कर मेरे पिल्ले … इसे अभी नीचे लटकाए रख क्योंकि कुछ देर बाद ये और तू खड़े नहीं हो पाएंगे। 

फिर उसने मुझे एक बैग देते हुए कहा- आज दिन भर के लिए तुम मेरी कुतिया हो, लो ये बैग पकड़ो और अन्दर जा कर तैयार हो जाओ। मैं बैग लेकर अन्दर वाले रूम में गया। 

मैंने बैग खोला और देखा कि उसमें एक साटिन की रेड कलर की पैडेड ब्रा और एक दिल का आकार छपी हुई डार्क पिंक कलर की पैंटी रखी थी। एक कुत्ते का कॉलर और एक नकली लंड (डिल्डो) भी था। मैंने कपड़े उतार दिए। वो रेड ब्रा और पिंक पैंटी पहन ली। 

सच में वो बहुत ही मुलायम और चिकनी थी। मैं मदहोश होने लगा। सिर्फ़ लड़कियों के कपड़ों के स्पर्श से ही मुझे सनसनी होने लगी थी। मैंने अपने आप पर काबू किया और बाहर आ गया। मिक्की मालकिन की तरह सोफे पर बैठी थी।

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