आंटी ने सिखाई चुदाई चुत की – 4

मेरा तो मन कर रहा था कि उनको अलग ले जाकर अभी पटक कर चोद दूँ। पर मैंने अपने आप पर काबू किया। आंटी मेरे पास आकर बोलीं- पानी अपने पास रखना। मैंने हां बोल दिया। 

जब चांद निकला तो उन्होंने अपने बेटे को कुछ काम के लिए छत से नीचे भेज दिया और पति की आरती करने लगीं। आरती के बाद आंटी ने चक्कर आने का नाटक किया और गिर गईं, जिससे उनके थाल में रखा पानी भी गिर गया। 

मैं पास में ही था, तो मैं दौड़ कर गया और थोड़ा सा बचा पानी उनके चेहरे पर छिटक कर उन्हें होश में ले आया। इसी बहाने से मैंने ही उनको पानी पिला दिया। इस तरह से से रूपाली आंटी ने मुझसे ही पानी पिया। 

जब वो गिरी थीं तो थोड़ा हल्ला हुआ। वो सब सुनकर उसका बेटा भी ऊपर आ गया। उसने मुझसे पूछा- मम्मी को क्या हुआ? मैं बोला- कुछ नहीं बस थक गई होंगी … तो आंटी को थोड़ा चक्कर आ गया था। 

मेरे बाद अंकल ने आंटी को पानी पिलाया और मिठाई खिलाई। फिर सभी लोग नीचे आ गए। कुछ देर बाद आंटी खाना लगाने लगीं। अंकल और बेटा सब बिजी थे। मैं मौका पाकर किचन में चला गया और जाते ही रूपाली आंटी को कसके पीछे से पकड़ लिया। 

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आंटी के घर ही सो गया

मैंने आंटी को किस किया और बोला- तुम आज मेरी पक्की बीवी बन गई हो … आई लव यू रूपा। ये कह कर मैंने आंटी की गर्दन पर किस किया और बोला- अब बताओ मेरा तोहफा क्या है? आंटी बोलीं- हां मुझे याद है। 

सब मिलेगा, बस अब तुम सबके सामने मेरी हां में हां मिलाते जाना। मैंने कहा- ठीक है। फिर मैं बाहर आ गया। सबको खाने के लिए आंटी बोलीं। सब खाने लगे। खाना खाने के बाद कुछ देर मैं वहां रुका। 

फिर मैं बोला- अब मैं घर चलता हूँ। इस पर आंटी ने बोला कि इतनी रात हो गई है, यहीं सो जाओ। मैंने मना किया- घर पर मम्मी इन्तजार कर रही होंगी। आंटी ने मेरे घर पर फोन कर दिया और बोल दिया कि मैं आज यहीं पर सो जाऊंगा। 

मेरे घर से भी मम्मी ने हां बोल दी कि कोई दिक्कत नहीं है। मैं रात को अपने घर नहीं गया। कुछ देर बाद आंटी सबके लिए दूध का गिलास लाईं और सबको दूध पीने के लिए दे दिया। 

उसके बाद अंकल और उनके बेटे को नींद आने लगी। सबने बोला कि वो सोने जा रहे हैं। मैंने रूपाली आंटी से पूछा- ये सब इतनी जल्दी कैसे हुआ … सब सोने जा रहे हैं? आंटी बोलीं कि दूध में नींद की गोली मिला दी थी। 

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आंटी चूसने लगी लंड और चुदने लगी

कुछ देर बाद ऐसा लगा कि सब गहरी नींद में सो गए हैं। तब मैंने बोला- अब क्या करना है रूपा रानी? आंटी मुस्कुरा कर बोलीं- आज तुमको मैं तुम्हारी पसंद का तोहफा दूंगी। 

मैंने कुछ न समझते हुए उनका हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया। आंटी ने लंड को कसके दबा दिया। फिर मैंने सारे कपड़े खोल दिए और लंड को उनके हाथ में दे दिया। 

आंटी मेरे लंड के सामने घुटने के बल बैठ गईं और लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं। अब मुझे समझ आ गया कि लंड चूसना ही मेरा तोहफा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। 

पांच मिनट लंड चूसने के बाद मैंने सारा माल आंटी के मुँह में गिरा दिया। वो भाग कर बाथरूम में गईं और मुँह को साफ करके आईं। फिर आंटी अपने चूतड़ों पर हाथ फेरती हुई बोलीं- आज दूसरा तोहफा भी रेडी है। 

मुझे समझते देर न लगी कि आज आंटी की गांड मारने का मौक़ा भी सामने है। अब मैंने रूपाली आंटी को गर्म किया और घोड़ी बना कर लंड पर तेल लगा लिया। मैंने धीरे धीरे करके अपना लंड आंटी की गांड में पेल दिया। 

आंटी ने बहुत दर्द सहन किया लेकिन गांड में लंड ले ही लिया। उस दिन मैंने इंडियन सेक्सी आंटी की मखमली गांड को बहुत देर तक चोदा। आंटी को भी गांड मराने में बहुत मजा आया।

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