माँ और बेटी दोनों मेरे लंड की दीवानी – 4

वह बोली- ओ माय गॉड … ऐसा हो सकता है क्या? मम्मी बोली- हां बिल्कुल हो सकता है। कहो तो आज ही पकड़ा दूँ तुझे कोई लण्ड? वह बोली- हाय मेरी मम्मी, अगर पकड़ा दो तो मज़ा आ जाये। मैंने दूर से लण्ड को तेरी चूत में आते जाते देखा है। 

आज अगर पकड़ कर देखूंगी तो बहुत मज़ा आएगा। मेरी तमन्ना पूरी हो जाएगी। मम्मी बोली- अच्छा बोल किसका लण्ड पकड़ेगी तू, भोसड़ी वाली? वह बोली- भोलू का ही लण्ड पकड़ लूंगी सबसे पहले। 

उसी का लण्ड पकड़ा दो मुझे। वह तो यहीं मौजूद है और पापा भी नहीं हैं घर पर। वे दो दिन बाद आयेंगे। मम्मी ने कहा- तो फिर आज मैं भोलू का लण्ड पेलूँगी तेरी चूत में! आज की रात भोलू के लण्ड के नाम! दोनों खिलखिलाकर हंसने लगीं। 

यह सब सुनकर मेरे लण्ड में जबरदस्त आग लग गई। मैं फ़ौरन अपने कमरे पर गया, अपनी झांटें साफ़ की, नहाया धोया और फिर लुंगी पहन कर आ गया। मुझे देख कर मेम साहेब बोली- अरे भोलू, यहाँ आओ न हमारे सामने … हम लोग तुम्हारा ही इंतज़ार कर रही हैं। 

मैं फ़ौरन उनके सामने खड़ा हो गया। वर्तिका बोली- अरे वाह भोलू भैया आज तो तुम बड़े स्मार्ट और हैंडसम लग रहे हो। तुम्हारा नंगा बदन बड़ा सेक्सी लग रहा है। तुम्हारी छाती के बाल सेक्सी भी लग रहे हैं। और तुम्हारी मर्दानगी भी दिखा रहे हैं। 

तब तक मेम साहेब ने कहा- अरे बेटी वर्तिका, भोलू तो बड़ा मस्ताना मर्द है। इसकी लुंगी खोल दो तो यह और ज्यादा हैंडसम लगेगा। यह बात तो मेम साहेब ने मजाक में कही थी लेकिन वर्तिका ने सच में मेरी लुंगी खोल दी और बोली- हां भोलू भैया, यहाँ हम तीन के अलावा कोई और तो है नहीं … तुम्हें शर्माने जरूरत नहीं है। 

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मेम साहेब मुस्कराती हुई बोली- है न? हम तीनों के अलावा चौथा इसका लण्ड हैं न बेटी वर्तिका! तब तक वर्तिका ने मेरा लण्ड पकड़ लिया। लण्ड तो पहले से खड़ा था। वह बोली- बाप रे बाप … क्या मस्त लौड़ा है बहनचोद … इतना बढ़िया लौड़ा तो मैंने पहले कहीं देखा ही नहीं। 

मैं माँ की लौड़ी बेकार में ही इधर उधर लण्ड के लिए चूतिया बनी घूम रही थी जबकि इतना बड़ा लण्ड मेरे घर में ही है। उसके पकड़ते ही मेरा लण्ड और ज्यादा फुफकारने लगा। 

वर्तिका को प्यार आ गया तो उसने लण्ड की एक साथ कई चुम्मियाँ ले लीं, लण्ड का टोपा चूमा और जी भर के उसे प्यार किया। मैंने वर्तिका को अपने नंगे बदन से चिपका लिया। उसकी चूचियाँ बड़ी सख्त थीं और मस्त थी; मैं उन्हें मसलने लगा। 

वह भी मजे से मेरा लण्ड हिलाने लगी। तब तक मेम साहेब आ गईं। वह तो एकदम नंगी हो गई थी। उसने वर्तिका को भी बिल्कुल नंगी कर दिया। उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बेड पर नंगा लिटा दिया। 

फिर दोनों माँ बेटी एकदम नंगी नंगी मेरा लण्ड चाटने और चूसने लगीं, दोनों एक दूसरी के मुंह में लण्ड घुसाने लगीं। दोनों मिलकर मेरे लण्ड से खेलने लगी। मेम बोली- वर्तिका तू तो बड़ी अच्छी तरह लण्ड चूसती है। 

तेरी माँ का भोसड़ा! वर्तिका बोली- हाय दईया, मैंने तो तुमसे ही सीखा है, बुर चोदी ललिता मम्मी! मेम बोली- तो फिर आज तू अपनी माँ चुदवाना भी सीख ले। तेरी माँ चुदेगी तो मुझे मज़ा आएगा। 

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माँ के सामने बेटी को भी चोदा

वर्तिका बोली- तो फिर तू भी अपनी बेटी की बुर चुदा ले हरामजादी ललिता। मुझे दोनों को एक साथ लण्ड चटवाने में बड़ा मज़ा आ रहा था। वर्तिका बड़े प्यार से बोली- हाय मेरे भोलू भैया, मैं तो तेरे लण्ड की दीवानी हो गई हूँ। 

इतने में मेम साहेब ने मेरा लण्ड पकड़ कर वर्तिका की बुर पर टिका दिया और मेरे चूतड़ दबा दिये। लण्ड गचाक से अंदर घुस गया। वह चुदी हुई तो थी ही इसलिए उसको कोई दर्द नहीं हुआ। 

वह तो मस्ती से रंडी की तरह धकाधल चुदवाने लगी। मेम मेरे पेल्हड़ सहलाने लगी और बीच बीच में लण्ड निकाल निकाल चाटने भी लगी। मैं वर्तिका की बुर बड़े मजे से चोदने लगा। 

एक माँ के सामने उसकी बिटिया की बुर चोदने में मुझे ज़न्नत का मज़ा आने लगा। वर्तिका भी मस्ती से बोलने लगी- हाय मेरे भोलू भैया … मुझे खूब चोदो, फाड़ डालो मेरी बुर, तूने में माँ चोदी है अब माँ की बिटिया भी चोद ले। 

तेरा लण्ड बड़ा दमदार है। मुझे अपनी माँ के आगे चुदवाने में बड़ा मज़ा आ रहा है। वाह क्या मस्त मोटा लौड़ा है तेरा … बड़ा मज़ा दे रहा है बहनचोद! वह अपनी गांड उचका उचका कर चुदवा रही थी। 

मैंने मन में कहा कि आज मुझे मेम की बिटिया की बुर चोदने में बहुत ज्यादा मज़ा आया। मैंने खूब एन्जॉय किया। आखिर में जिस तरह से माँ बेटी दोनों ने नंगी नंगी मिलकर मेरा झड़ता हुआ लण्ड चाटा और एक दूसरे के मुंह में लण्ड डाल डाल कर चटाया, 

उससे उन दोनों को बार बार चोदने की मेरी हिम्मत बढ़ गई। दूसरी पारी ने वर्तिका ने मेरा लण्ड अपने हाथ से पकड़ कर अपनी माँ की चूत में पेल दिया। अब वह अपने आगे अपनी माँ का भोसड़ा बड़ी मस्ती से चुदवाने लगी, मुझसे बोली- भोलू भैया फाड़ डालो मेरी माँ का भोसड़ा! 

धज्जियाँ उड़ा दो मेरी माँ की चूत की। ये बुरचोदी बड़ी चुदक्कड़ औरत है। मैं चाहती थी कि मैं एक दिन अपने हाथ से लण्ड अपनी माँ की चूत में पेलूं। आज मेरी इच्छा पूरी हो गयी। रंडी की तरह पराये मर्दों से चुदवाती है मेरी हरामजादी ललिता मम्मी। 

आज मैं जी भर के अपनी माँ चुदवाऊंगी। तेरा लण्ड मुझे बहुत भा गया है। आखिर में जब उसने अपनी माँ को नंगी मेरे लण्ड पर बैठाया तो मुझे बहुत मज़ा आया। इस तरह X फॅमिली की दोनों भोसड़ी वाली एक दूसरी की बुर में मेरा लण्ड बारी बारी से पेलती रहीं और घपाघप चुदवाती रहीं। उस दिन से दोनों माँ बेटी हो गईं मेरे लण्ड की दीवानी और मैं दोनों को एक साथ अक्सर चोदने लगा। 

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