मामी और भांजे की जबरदस्त चुदाई – 5

मैंने बोबे को मुंह में कसकर भर लिया और फिर एक बाइट दे दी। मेरे बाइट देते ही शबनम जी तड़पने लगीं। तभी मैंने मेरा हाथ नीचे ले जाकर साड़ी और पेटीकोट को नीचे खिसकाकर उनकी चड्डी में हाथ घुसा दिया। 

चड्डी में हाथ घुसते ही शबनमजी का गीला भोसड़ा मेरे हाथ में आ गया। इतनी देर के जोश में भोसड़ा बहुत ही ज्यादा गीला हो चुका था। तभी मैंने अचानक उनके गीले भोसड़े में दो उंगलियां डाल दीं जिससे वो उचक गई और मैं उसको उंगलियों से चोदने लगा। 

शबनम मामी इससे तड़प उठी। चूत पर हुए इस हमले से वो पागल सी होने लगी और दर्द से तड़पने लगी। मैं उनके गोरे चिकने पेट को चूमने लगा। वो और भी ज्यादा बेचैन होने लगी और तेज तेज आवाज में सिसकारियां भरने लगी। 

अब मेरा लौड़ा भी उनके भोसड़े में समाने के लिए तड़प रहा था तो मैंने उनकी दोनों टांगों को ऊपर किया और उनकी चड्डी निकाल कर फेंक दी। मामीजी का काला भोसड़ा मेरे सामने था जिस पर काला घना जंगल छाया हुआ था। 

मैंने उनके भोसड़े की दोनों फांकों को पकड़कर चौड़ा कर दिया जिससे भोसड़े की गुलाबी, नमकीन पानी से भरी हुई गहरी खाई दिख गई। अब मैंने मेरा मुंह भोसड़े पर रखा और बतेहाशा उसको चाटने लगा। 

वो एकदम से सिहर उठी- आह … ऊईई … स्स्स … हाह्ह … हाय … ओह्ह … आराम से चाट … आह्ह मर गई। मैंने मामी की नहीं सुनी और उसकी चूत को खाने लगा। वो मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी। 

मैडम की चुत को दी शांति – 1

चुत चटाई से मामी हो गयी पागल

फिर वो तड़पते हुए बोली- अब सहन नहीं हो रहा है। जल्दी से ये हथियार मेरी चूत में घुसा दो। मैं- बस थोड़ी देर रुक जाओ। मैं आपके भोसड़े को अच्छी तरह से तो चाट लूं। शबनम- साले, समधन चोद, हरामी … ज्यादा इंतजार मत करवा … 

अब चोद दे मुझे! मेने कहा साली रण्डी, लंडखोर, कुछ देर के लिए तो भोसड़े को संभाल ले! बस अब तेरे भोसड़े में मेरा लौड़ा ठुकने ही वाला है। मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था, मैंने तुरंत ही साड़ी को पेटीकोट में से निकाला और पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। 

तभी मैंने उनकी दोनों मांसल टांगों को ऊपर करके साड़ी और पेटीकोट को एकसाथ खींचकर बाहर निकाल लिया। फिर मैंने उनकी पीठ को उठाकर अटके हुए ब्लाउज को भी खोल लिया। अब वो मेरे लन्ड के सामने बिल्कुल नंगी हो चुकी थी। 

उनका भरा पूरा गोरा, चिकना, गदराया और नशीला बदन अब मुझे पागल कर रहा था। मेरा लन्ड अंडरवियर में तम्बू बना रहा था। तभी वो उठ बैठी और उन्होंने एक ही झटके में मेरी अंडरवियर को खोलकर मेरे हथियार को निकाल लिया। 

अब उन्होंने मुझे नीचे पटका और मेरी टांगों को फैलाकर गर्मा गर्म लंड को पकड़ लिया। वो मेरा लौड़ा चूसने के लिए तड़प रही थी। तभी उन्होंने मेरे लौड़े को हाथ में लिया और ज़ोर से मसल दिया। 

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मैं एकदम से सिहर उठा। फिर मामी ने मेरे लंड को मुंह में भर लिया, वो ज़ोर ज़ोर से लन्ड को चूसने लगी। ऐसा लग रहा था जैसे वो बहुत दिनों से प्यासी हो। थोड़ी ही देर में उन्होंने चूस चूसकर मेरे लौड़े को थूक से पूरा गीला कर दिया। 

तभी मैंने उनकी चोटी को खोलकर बालों को बिखेर दिया। अब नज़ारा और भी ज्यादा सेक्सी हो गया। अब जैसे ही वो मेरे लौड़े को चूसती तो उनके बाल मेरे लौड़े को पूरा ढक लेते। वो प्यासी शेरनी की तरह मेरे लौड़े को चूसती जा रही थी और मैं प्यार से शबनमजी के बालों में हाथ घुमा रहा था। 

मैं- साली, हरामजादी … और चूस मेरे लौड़े को! तेरी चूत ने पूरे रास्ते में बहुत तड़पाया। शबनम मामी- हां … और तेरे लौड़े ने भी मेरी चूत को तेरा लंड लेने के लिए मजबूर कर दिया। साले बहुत मस्त लौड़ा है तेरा … बहुत मज़ा आ रहा है। 

मैंने उनके मुंह में मेरा लौड़ा ठूंसकर ज़ोर से उनके सिर को पकड़कर दबा दिया। इतने में ही मेरे लंड से वीर्य निकल पड़ा और मैंने झटके देते हुए सारा माल उनके मुंह में छोड़ दिया। वो मेरे लन्ड के रस को पीने लगी। अब मैंने उनको छोड़ दिया। वो मेरे लन्ड के ऊपर नीचे लगे हुए रस को चाटने लगी। थोड़ी ही देर में उन्होंने मेरे लौड़े को चाट कर साफ़ कर दिया। 

अब मुझे रुकना पड़ा क्योंकि मेरे लंड को दोबारा से खड़ा होने के लिए कुछ वक्त चाहिए था। हम दोनों फिर से एक दूसरे के अंगों से खेलने लगे। मैं उसकी चूचियों को पीने लगा और वो मेरे गोटे सहलाने लगी। 

थोड़ी हो देर में लंड में दोबारा से तनाव आना शुरू हो गया। कुछ पल बाद मेरा लंड पूरा तन गया। मैंने शबनम जी से बाइक को पकड़कर झुकने के लिए कहा तो वो तुरंत ही दोनों हाथों को बाइक की टंकी पर रखकर नीचे झुक गई। 

अब उनकी मखमली, फूली हुई, गोरी, चिकनी, बड़ी सी गांड मेरे लौड़े के सामने थी। बड़ी गांड को देखकर मेरा लौड़ा फनफना उठा। अब मैंने उनको पीछे से दबोच लिया और उनके गद्देदार बड़े बड़े स्तनों को पकड़कर मसल दिया। 

अब उनकी सांसें तेज होने लगीं। इधर मेरा लन्ड उनकी गांड में घुसने की कोशिश करने लगा, मेरे लौड़े की रगड़ उन्हें चुभने लगी। मैं नीचे बैठकर उनकी बड़ी सी गांड को चूमने लगा। तभी मैंने उनकी गांड के छेद में उंगली घुसा दी। 

वो एकदम से सिहर उठी। वो हाथ हटाने लगी लेकिन मैं उनके हाथ को पकड़ लिया और गांड में उंगली देता रहा। मुझसे रुका नहीं जा रहा था। मैंने उनको वापस नीचे लेटा दिया। अब उनकी चूत को एकबार फिर चाटा और फिर मोटे मोटे स्तनों को पीते हुए रसीले होंठों को किस करने लगा। कुछ देर चूसने के बाद अब मैं शबनमजी के ऊपर उल्टा हो गया।  

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