मकानमालकिन का जोश और चुदाई – 3

उनने खाना लगाया, हमने खाना खाया। जैसी अवस्था में हम थे … मैं पूर्ण नग्न और वो तौलिया लपेटे। हम खाना खाकर बेडरूम में आ गए। मैंने उन्हें बेड पर धकेल दिया और ऊपर चढ़ गया, लिप किस करना शुरू कर दिया।

इसके बाद मैं तौलिया हटाकर उनके बूब्स चूसने लगा। एक हाथ से मैं आंटी की चूत को सहला रहा था। मैंने फिर से चूत को चाटना शुरू किया तो वो भी मादक आवाज़ निकालने लगी- आआह ईईई ईईहह ईई मर गई ईईईइ आह गोलूऊऊ ऊऊऊहह ऊऊऊ! 

फिर मैं उठा और घुटनों के बल खड़ा हो गया। उनने थोड़ी देर मेरा लण्ड चूसा और कहा- अब चोद दे गोलू … बुझा दे इस चूत की तड़प … बहुत प्यासी है ये! मैंने कहा- हां, अब तो मैं इसकी प्यास रोज ही बुझाऊंगा। 

उनकी दोनों टांगें मैंने फैला दी और लण्ड को चूत पर सेट किया और एक झटका मारा। मेरा लण्ड फिसल गया और उनको भी दर्द हुआ। चूत टाईट थी, 7 सालों से जो नहीं चुदी थी। मैं उठा, रसोई से तेल लाया। 

अपने लण्ड पर मला और उनकी चूत पर उंगली से अंदर तक डाला। फिर दो उंगलियों से चोदना शुरू किया। वो फिर से सिसकने लगी- उई ईईईई आह ईईई ईईआ आआह हह म्मम उउऊऊ ऊऊऊई माआआ आआह! अब मैंने लण्ड को चूत में फंसाया और झटका मारा। 

मालकिन को दिआ किराये के बजाए अपना लंड चुदाई के लिए

तेल लगाके चुत में घुसा दिआ अपना लोडा 

आधा लण्ड चूत में गया और उनकी तेज चीख निकल गई- आआआ! मैं उनके ऊपर लद गया, उनके लब चूमने लगा और धीरे धीरे लण्ड को अन्दर करता गया। अब हम‌ दोनों एक दूसरे से चिपके हुए थे, एक दूसरे की गर्दन, लिप चूम रहे थे और धीरे धीरे चुदाई चल रही थी। 

मैं थोड़ा ऊपर उठा और चुदाई थोड़ा तेज कर दी। वो आआ आआ ह आमाह हाह आआआ आईई ईईइ कर रही थी। तब मैंने उनको घोड़ी बनाया और चोदना शुरू कर दिया। वो बड़बड़ाने लगी- चोदोओओ ओओओ ओऔऔऔऔ अम्म ममम! उनकी मादक आवाजें सुन कर मुझे भी और जोश आने लगा। 

मैं जोर जोर से चोदने लगा, भकाभक पेलने लगा। कमरे में सिर्फ तीन आवाजें आ रही थी, हम दोनों की ‘आह आह आआ आईई आह’ की और दोनों के बदन के मिलन की पट पट पट पट फचच फचच की! स्पीड बढ़ती गई उनका पानी निकल गया। 

पर मुझमें अभी जोश बाकी था, पांच मिन‌ट के बाद मैंने भी अपना सारा माल उनकी चूत में छोड़ दिया और हम वैसे ही लेट गए। वो मेरे सीने को चूम रही थी और मेरे पेट और लण्ड‌ को सहला रही थी, मैं उनकी पीठ पर हाथ फेर रहा था। 

बेहेन ने करि मेरे लंड की सवारी – 1

चुत के साथ आंटी की गांड भी चोदी

ऐसे ही लेटे लेटे हम दोनों की अब नींद लग गई, पता ही नहीं चला। सुबह वो उठी और फ्रेश होने चली गई। तब मैं भी उठा। वो नहाने जा रही थी। मेरा लण्ड खड़ा था, मैं सीधा बाथरूम गया और पेशाब किया। 

मैं उनसे फिर से चिपक गया और हम साथ में नहाने लगे। उनने मुझे बताया कि उनके पति चूत के साथ उनकी गांड भी चोदा करते थे। तब मैंने कहा- तो मुझे भी चोदना है तुम्हारी गांड! उन्होंने मना किया- बहुत समय हो गया है, अब दर्द होगा। 

मैंने कहा- अब तुम मेरी हो और कल तुमने कहा था सब कर लेना। अब मना कर रही हो? मैं जिद करने लगा। थोड़ी न नुकुर के बाद वो मान गई वो गई और तेल से मेरे लण्ड की मालिश की। उनने अपनी गांड़ पर तेल लगाया और मुझ से कहा- धीरे धीरे डालना! 

मैंने उनको घोड़ी की तरह खड़ा किया और लण्ड गांड में सेट किया और धीरे धीरे डालने लगा। जब पूरा लण्ड गांड़ में समा गया तो मैंने अन्दर बाहर करना शुरू किया और तेल डालता गया जिससे जल्दी जगह बन गई। 

मैं अब तेज झटके दे रहा था और वो कराह रही थी- ईई ओओ ओआआ आआ मार डाला … आआ मममा! मैंने लण्ड गांड से निकाल कर चूत में डाल दिया और चूत चोदने लगा। उनको और भी मजा आने लगा। 

मैंने एक साथ चूत गांड दोनों की चुदाई कर रहा था। कभी गांड में डाल कर पेलता तो कभी चूत में! यह मजा मेरे लिए भी नया था, मुझे मजा आ रहा था और वो भी खूब मजा ले रही थी। लम्बी चुदाई के बाद मैंने सारा माल आंटी की गांड में छोड़ दिया। यह थी मेरी मकान मालकिन के प्यार की कहानी। अब तो ये प्यार दिन में और रात दोनों में होने लगा था।   

Leave a Comment