मम्मी के साथ एक रात का किस्सा

सभी भाइयो को मेरा नमस्कार। यह कहानी हमारे ही एक पाठक ने हमें साझा करते हुए आप सभी को प्रस्तुत करने के लिए कहा है। हमने सजा करने वाली की पहचान छुपाने के लिए किरदारों के नाम और जगह बदल दी है। तो चलिए शुरू करते है एक और नंगी कहानी का सफर। 

मेरा नाम किशन है, यह बात उन दिनों की है जब मै 22 साल का हो गया था। मै अपने घर का एकलौता बच्चा था जिसकी हर फरमाईश पूरी होती थी। मेरे पापा डॉक्टर थे जिसकी वजह से वह ज्यादातर समय घर से बाहर २हि रहते थे। रातो में वह कई बार ऑपरेशन करने के लिए हॉस्पिटल जाते रहते थे। मेरी मम्मी भी इस बात को उनका फर्ज समझती थी और पापा को बिना कुछ कहे उनकी ड्यूटी करने देती थी। पर धीरे धीरे यह अकेलापन माँ को खाने लगा था और वह दिन में परेशान भी रहने लगी थी। 

एक रात की बात है पापा को हॉस्पिटल से इमरजेंसी केस के लिए फोन आया और पापा अपना बेग पकड़ते हुए गाडी लेकर निकल गए। कुछ दिनों तक ऐसा लगातार होने पर मम्मी पापा से लड़ने लगी और उनकी बेहेस बहुत बढ़ गयी। उसी रात पापा को फिर से फोन आया और पापा को हॉस्पिटल जाना पड़ा। अब कुछ समय बाद में निचे आया तो मैने देखा की मम्मी रो रही थी और बिस्तर पर आराम कर रही थी। 

मैने मम्मी से उनके रोने का कारण पूछा तो मम्मी ने मुझे छोटा समझते हुए कुछ भी ना बताया। अब मैने मम्मी को दिलासा देते हुए उनके पास ही बैठकर बाते करने लगा। कुछ ही देर बाद मुझे नींद आने लगी थी पर मम्मी अभी भी आसु बहाये जा रही थी। अगले ही पल मै मम्मी के बगल में लेट गया और मेरी आंख लग गयी। रात के 1 बज रहे होंगे की तभी मेरी आंख खुली और मेने मेरा लंड खड़ा पाया। मैने दूसरी तरफ करवट ली और मम्मी की तरफ पीठ करके सो गया। 

नयी नयी नंगी कहानिआ : New Sex Story

मम्मी की हवस 

अब मैने कुछ समय बाद मम्मी को मेरे पीछे से गले लगते हुए सोता पाया। मैने उस बात पर गौर नहीं किआ और उसे मम्मी का प्यार समझ कर सो गया। अब मैने देखा की मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था। और अगले ही पल मम्मी का हाथ मेरे लंड के ऊपर आ गया। मुझे बहुत ही अजीब सा लग रहा था। मम्मी मेरे लंड को पजामे के ऊपर से आराम से सेहला रही थी और मेरे पीछे ही सो रही थी। 

मेने अब मम्मी का हाथ साइड में कर दिआ और वापस सोने लगा। अब मम्मी टॉयलेट करने के लिए उठी और वापस आने के बाद मेरी दूसरी तरफ मुझे गले लगाती हुई लेट गयी। मेरा आधा मुह्ह मम्मी के बूब्स में घुसा हुआ था जिससे मेरा लंड पूरा टाइट हो गया। अब मै कुछ भी नहीं कर सकता था और मम्मी ने वापस अपना हाथ मेरे लोडे पर रखकर हिलाना शुरू कर दिआ। 

मेरी हालत खराब होने लगी थी और मेरी आहे भी निकलने लगी थी। मम्मी भी समझ चुकी थी की मै अब जाग चूका हु। अब मम्मी थोड़ा डर में आ गयी थी। मैने अब कमरे की लाइट ऑन कर दी और मम्मी अपनी चद्दर गले तक ओढ़कर बैठ गयी। मम्मी की नजरे निचे हो चुकी थी और मैने मम्मी से यह सब करने का कारण पूछा। मम्मी ने दुखी होते हुए कहा की उनकी प्यास पापा ने बहुत महीनो से नहीं बुझाई है और वह किसी गैर मर्द के साथ भी रिश्ता नहीं बनाना चाहती इसलिए  मुझसे प्यार करना चाहती है। 

मम्मी की बाते सुनकर मुझे उस समय बहुत ही बुरा लगा और मैने वापस से लाइट बंद कर दी और बिस्तर पर सोने आ गया। मम्मी के हाथ वापस मैने अपने लंड पर रखा और कहा की आपको जो करना है कर सकती है। मैने अब अपनी आंखे बंद कर ली थी और मम्मी मेरा लंड अपने हाथ से रगड़ रही थी।  अब मम्मी ने मेरा एक हाथ अपनी बूब्स पर रख दिआ और उसे दबवाने लगी। मैने भी वैसा करते हुए उनके बूब्स की मसाज करने लगा। मम्मी मेरा लंड पूरा सख्त कर चुकी थी और अब मम्मी ने 69 की अवस्था में आते हुए मेरा लंड अपने मुह्ह में लेकर चूसना शुरू कर दिआ। 

मम्मी की चूत मेरे मुह्ह के एकदम सामने थी और निचे वह मेरे लंड की बुरी तरह से चुसाई कर रही थी। अब मम्मी ने मुझे भी उनकी चूत चाटने को कहा। मैने झिझकते हुए अपनी जीभ उनकी चूत पर रख दी फाको के बीच घुमाने लगा। मम्मी के मुह्ह से आह्ह की आवाज निकल गयी और मैने चूत पर दोनों होठो से चुम्बन और चुसाई शुरू कर दी। मम्मी की चूत पूरी तरह से भीग चुकी थी और हम दोनों बिस्तर पर नंगे पड़े थे। 

यह नहीं पढ़ा तो क्या पढ़ा : चाची का पोर्न देखने का शोक और बाथरूम सेक्स

मम्मी ने सही से चुदाई करना सिखाया 

मम्मी ने अब मुझे उनके ऊपर चढ़ने के लिए कहा। मै आपको बता दू मैने इससे पहले किसी भी महिला की चुदाई नहीं की थी। अब मम्मी ने मुझसे उनकी चूत में मेरा लंड डालने के लिए कहा। मैने बहुत कोशिश करि पर मेरा लंड मम्मी की चूत में घुसा नहीं पा रहा था। अब मम्मी ने मेरा लंड हिलाते हुए उसे अपनी चूत पर रखा और धक्का लगाने के लिए कहा। एक ही धक्के में मेरा पूरा लंड मम्मी की  गया। 

अब मैने चूत को चोदना शुरू कर दिआ और मम्मी भी गांड उठाती हुई मुझसे चुदने लगी। मम्मी मजे से मेरा लंड अपनी चूत में अंदर बाहर होते हुए सिसकिआ भर रही थी। अब मम्मी ने मुझे लंड बाहर निकलने के लिए कहा। मुझे निचे करते हुए मम्मी मेरे लोडे पर आकर बैठ गयी और  ऊपर निचे होकर मुझसे चुदाई करवाने लगी। मम्मी मेरे लंड पर ऊपर निचे करते हुए कूद रही थी और मेरा पूरा लंड अपनी चूत में मजे से लिए जा रही थी। 

मम्मी पूरी तरह पसीने से भीग चुकी थी और उनकी चूत से सफ़ेद पानी आ रहा था। मम्मी आह आह करती हुई मेरे लंड पर अपनी गांड हिलाये जा रही थी और पागलो की तरह अपने बूब्स भी दबा रही थी। मै भी निचे से अपने लंड से धक्के दिए जा रहा था और मम्मी की चूत चोद रहा था।

मम्मी अब तेजी से मेरे लोडे पर अपनी चूत पटकने लगी और कुछ ही देर में मम्मी की चूत से पानी की एक तेज धार निकलने लगी और मम्मी बुरी तरह आहे  भरने लगी। मम्मी की चूत पूरी तरह ठंडी हो गयी थी पर अब भी वह मेरे लंड से चुदाई करवाए जा रही थी। 

अब मम्मी ने निचे होते हुए मेरा लंड वापस मुह्ह में लेकर चूसना शुरु  कर दिआ और कुछ ही समय में मेरा भी वीर्य निकल गया जो मैने मम्मी के मुह्ह में ही झाड़ दिआ। उस दिन के बाद मम्मी और पापा की कभी लड़ाई नहीं हुई और मेने भी मम्मी की चूत की गर्मी बहुत बार शांत करि। 

Leave a Comment